Friday, October 18, 2019 12:51 PM

 ऊना अस्पताल में डेढ़ घंटे तक ऑन ही नहींं हुआ जेनरेटर  

डाक्टर अंधेरे में ही करते रहे मरीजों का चैकअप, विधायक सतपाल रायजादा ने सीएमओ को जेनरेटर ठीक करवाने के दिए आदेश

ऊना -हमेशा ही लचर व्यवस्थाओं के चलते सुर्खियों में रहने वाले क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में सोमवार को एक बार फिर अस्पताल प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। सोमवार को जिला का सबसे बड़ा अस्पताल दो घंटे तक अंधेरे में डूबा रहा। लाइट न होने से मरीज व चिकित्सक गर्मी से बेहाल हो रहे थे, लेकिन इनवर्टर लगाकर ठंडे कमरों में बैठे अस्पताल के अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं थी। 11 बजे के करीब जब ऊना सदर के विधायक सतपाल रायजादा अपनी आंखों का चैकअप करवाने क्षेत्रीय अस्पताल पहंुचे तो उन्हें अस्पताल में बिजली गुल होने की बात पता चली। अस्पताल में बत्ती गुल होने की समस्या को सीएमओ ऊना के समक्ष उठाया तो उन्होंने जेनरेटर ऑन करने की बात कही, लेकिन डेढ़ घंटे तक भी जेनरेटर ऑन नही हुआ और सारा अस्पताल अंधेरे में ही डूबा रहा। करीब डेढ़ घंटे तक विधायक ने अस्पताल का जायजा लिया और मरीजों से मिले। लाइट न होने के बाबजूद भी चिकित्सक अपने कमरों में अंधेरे में ही रोगियों का चैकअप करते दिखे तो मरीज मारे गर्मी के बेहाल हो रहे थे। काफी समय तक भी जब जेनरेटर ऑन नहीं हुआ तो विधायक स्वयं जेनरेटर कक्ष में पहंुचे तो वहां ताला लगा हुआ था। इस पर विधायक तल्ख हो उठे और फिर से सीएमओ के रूम में पहंुचे और को जेनरेटर ठीक करने के निर्देश दिए। इस पर सीएमओ ने बताया कि जेनरेटर में कुछ दिक्कत है, जिसके कारण यह ऑन नहीं हो पा रहा था। सीएमओ ऊना रमन कुमार ने कहा कि जेनरेटर ऑन न होने की समस्या को लेकर ऊना सदर के विधायक आए थे। जेनरेटर की समस्या को ठीक कर दिया गया है।

कमियों को दूर करो, नहीं तो करेंगे प्रदर्शन

विधायक सतपाल रायजादा ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन यदि एक सप्ताह के भीतर अस्पताल की कमियों को दूर नहीं करता है तो वे धरना प्रदर्शन से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की ये जिम्मेदारी बनती है कि जेनरेटर को समय-समय पर चैक करे। अस्पताल में तो लाइट जानी ही नही चाहिए अगर जाती भी है तो तुरंत जेनरेटर ऑन होना चाहिए।