Tuesday, February 18, 2020 07:49 PM

ऊना में पैसेंजर एंड गुड्स टैक्स घोटाला

ऊना - ऊना में आबकारी एवं कराधान विभाग में शराब ठेके के मालिक द्वारा फर्जी ई-चालान व एफडीआर मामले के बाद अब पैसेंजर एंड गुड्स टैक्स की अदायगियों में बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। इस तरह पैसेंजर एंड गुडस टैक्स के नकली चालान सरकारी रिकार्ड में रखकर सरकार को राजस्व का चूना लगाया गया। यह वित्तीय वर्ष 2015-16 व 2016-17 के मामले बताए जा रहे है। विजिलेंस विभाग के अनुसार पिछले कुछ सालों से आबकारी एवं कराधान विभाग ऊना उपायुक्त के कार्यालय में कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से कुछ एजेंट /वाहन मालिक पैसेंजर एंड गुड्स टैक्स की अदायगियों में सरकार को चूना लगा रहे थे। इस मामले में पैसेंजर एंड गुड्स टैक्स के चालानों में जालसाजी करके नकली चालान कार्यालय के रिकार्ड में रखे गए, जबकि वाहनों के पैसेंजर गुड्स टैक्स का पैसा मालिकों से तो वसूला गया, लेकिन सरकार के खाते में बहुत कम राशि जमा करवाई गई।  विजिलेंस विभाग ने इस फर्जीबाड़े की गुप्त सूचना मिलने पर कार्रवाई करते हुए आबकारी एवं कराधान विभाग ऊना उपायुक्त के दफ्तर में पैसेंजर एंड गुड्स टैक्स की अदायगियों में हुए घोटाले से संबंधित मामले पर एफआईआर दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है। बता दें कि विजिलेंस विभाग को सूचना मिली थी कि कार्यालय के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से कुछ एजेंट व वाहन मालिक सरकार को चूना लगा रहे हैं। इस पर विजिलेंस ने एफआईआर दर्ज करके उपायुक्त( राज्य कर एवं आबकारी) ऊना के दफ्तर में दबिश दी तथा छानबीन करने के बाद रिकार्ड कब्जे में लिया है। इस पूरे मामले का किंगपिन कौन है, यह सब किन-किन की मिलीभगत से अंजाम दिया गया तथा इस पूरे घोटाले में सरकार को कितना राजस्व घाटा उठाना पड़ा है, यह सब जांच का विषय है।

क्या कहते हैं अफसर

एएसपी विजिलेंस सागर चंद्र शर्मा ने बताया कि ऊना में पैसेंजर एंड गुड्स टैक्स में घोटाले में विजिलेंस ने एफआईआर दर्ज की है। इस संबध में रिकार्ड कब्जे में लिया गया है। राज्य कर एवं आबकारी विभाग ऊना के उपायुक्त प्रदीप शर्मा ने बताया कि विजिलेंस ने वित्तीय वर्ष 2015-16 व 2016-17 के पैसेंजर एंड गुड्स टैक्स के संबंध में सरकारी रिकार्ड में नकली चालान होने की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है।