Tuesday, June 02, 2020 11:11 AM

ऊना में सीटू ने किया रोष प्रदर्शन

श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ खोला मोर्चा, डीसी के माध्यम से राज्यपाल को भेजा ज्ञापन

ऊना-ट्रेड यूनियनों के संयुक्त समन्वय समितक के बैनर तले केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने मांगों के समर्थन में रोष प्रदर्शन किया। इस मौके पर पदाधिकारियों ने विभिन्न मांगों का एक ज्ञापन उपायुक्त ऊना संदीप कुमार के माध्यम से राज्यपाल को भेजा। देश व्यापी रोष-प्रदर्शन की कड़ी में जिला ऊना में इंटक एवं एटक के पदाधिकारियों ने भी उपस्थिति दर्ज कराई। इंटक के जिला प्रधान कामरेड जगत राम शर्मा की अगवाई में नरेश ठाकुर, चमन लाल, बलवीर चंद, मंगू राम, गणपति गौतम एवं एटक से यश प्रीतगिल, योगेश कप्तान सिंह, ऋषभ आदि ने रोष प्रदर्शन में प्रदेश मुख्यमंत्री पर श्रम कानूनों को बदलने के आरोप जड़े। बताया कि 12 घंटे ड्यूटी करने, हायर एंड फायर, न्यूनतम वेतन की अनदेखी जैसी तमाम दमनकारी नीतियां भाजपा कार्यकाल में मजदूरों एवं कामगारों पर थोपी जा रही हैं। जो कि कामगारों के न तो हित में हैं और न ही इससे कामगारों का भला होने वाला है। इस दौरान सभी ने रोष रैली निकाल ज्ञापन की एक प्रति उपायुक्त ऊना संदीप कुमार को सौंप राज्यपाल बंडारू दतात्रेय को भेजी और तत्काल प्रभाव से कामगारों एवं मजदूरों के खिलाफ बनाए गए श्रम कानूनों एवं नीतियों को निरस्त करने की मांग की। वहीं मुख्य मांगों में राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन 21000 प्रति माह, अनुबंध सरकारी, ठीकेदारी व आउटसोर्सेज प्रणाली बंद, समान वेतन समान काम, केंद्र व राज्य सरकार के  विभागों में रिक्त पदों को भरने, अप्रेंटसिशिप एक्ट के मजदूर विरोधी फैसले को बदलने, मनरेगा मजदूरों को कम से कम 120 दिन का काम एवं उचित वेतन, सभी मजदूरों को भविष्य निधि सहित अन्य लाभ, कारखानों में आठ घंटे की बजाय 12 घंटे ड्यूटी के आदेश वापस लेने देश में पैदल चल रहे व दुर्घटना में मरे मजदूरों के परिवार को 20 लाख मुआवजा देने सहित कई मांगों को सरकार के समक्ष उठाया गया। जबकि मजदूर विरोधी कानूनों को वापस लेने की मांग की गई।