Tuesday, May 21, 2019 06:33 AM

ऊना में 1.67 लाख बच्चे खाएंगे एल्बेंडाजोल

ऊना -राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के मौके पर जिला के 1.67 लाख बच्चों को (एल्बेंडाजोल) पेट के कीड़े मारने की दवाई खिलाई जाएगी। पहली मई को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। एक से 19 वर्ष के बच्चों को स्कूलों में यह दवाई निःशुल्क दी जाएगी। आंगनबाड़ी केंद्रों में भी यह दवा बच्चों की दी जाएगी। उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति ने कहा कि एल्बेंडाजोल एक सुरक्षित व असरदार दवा है। उन्होंने बताया कि बच्चों के पेट में कृमि संक्रमण के कारण उनके शारीरिक और दिमागी विकास में बाधा आती है। इससे कुपोषण और खून की कमी (एनीमिया) हो जाती है। उन्होंने बताया कि पेट के कीड़े मारने के लिए कृमि नियंत्रण की दवा (एल्बेंडाजोल) नियमित तौर पर लेने से जहां शरीर में पोषण का स्तर बेहतर होता है तो वहीं बच्चे की रोग प्रतिशोधक क्षमता को बढ़ाने में भी मदद मिलती है। इसके अतिरिक्त न केवल बच्चे की कार्य क्षमता में सुधार आता है। बल्कि वातावरण में कृमि की संख्या कम होने से इसका लाभ समुदाय के अन्य सदस्यों को भी मिलता है। उन्होंने बताया कि जिला के विभिन्न सरकारी व निजी शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ 1364 आंगनबाड़ी केंद्रों में एक वर्ष से लेकर 19 वर्ष तक के बच्चों व युवाओं को यह दवा संस्थान के अध्यापकों, आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग व निगरानी में खिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि पांच वर्ष तक के बच्चों को यह दवा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से जबकि शिक्षण संस्थानों में संबंधित संस्थान के अध्यापकों की देखरेख में खिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि जो बच्चे स्कूलों से बाहर होंगे उन्हें आशा वर्कर्ज के माध्यम से यह दवा खिलाई जाएगी। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रमन कुमार शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी हैल्थ डा. सुखदीप सिंह सिद्धु, जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) सतनाम सिंह, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा संजय गुप्ता, डाइट प्रिंसीपल देवेंद्र चौहान, नगर परिषद ऊना की सीओ बबली, एमईआईओ कांता ठाकुर तथा स्वास्थ्य शिक्षक गोपाल कृष्ण सहित अन्य मौजूद थे

प्रवासी बच्चों को भी दी जाएगी दवा

उपायुक्त ने कहा कि बीएमओ के माध्यम से यह दवा सही समय पर संबंधित शिक्षण संस्थानों में पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रवासी बच्चों को भी यह दवा खिलाई जाएगी। आशा वर्कर्ज झुग्गी-झोंपडि़यों में जाकर प्रवासियों को एल्बेंडाजोल दवा दें, ताकि वह भी स्वस्थ बन सकें।

क्या है कृमि संक्रमण

कृमि परजीवी होते हैं, जो जीवित रहने के लिए मनुष्य की आंत में रहते हैं। बच्चों में आम तौर पर तीन तरह के कृमि-राउंड, व्हिप और हुक कृमि पाए जाते हैं। यह कृमि नंगे पैर खेलने से, बिना हाथ धोए खाना खाने से, खुले में शौच करने से तथा साफ-सफाई न रखने से बच्चे के पेट में पहुंच सकते हैं। ऐसे में एल्बेंडाजोल की दवाई कृमि नियंत्रण में मददगार साबित होती है।

मतदान का संदेश भी पहुंचाएं

राकेश कुमार प्रजापति ने कहा कि घर-घर जाकर दवा पिलाने वाली आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ता लोकसभा चुनाव के लिए 19 मई 2019 को होने वाले मतदान के लिए भी मतदाताओं को प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि दवा खिलाने के साथ-साथ वह बच्चों के माता-पिता व परिवार के अन्य सदस्यों को मतदान का महत्त्व समझाएं और उन्हें वोट डालने के लिए प्रेरित करें।