Saturday, April 20, 2019 02:11 PM

एक माह में बहाल होगा रोहतांग

केलांग—शेष विश्व से कटा लाहुल एक माह बाद दुनिया से जुड़ जाएगा। यह दावा बीआरओ के अधिकारियों ने किया है। सोमवार को बीआरओ ने रोहतांग दर्रे से बर्फ हटाने का कार्य शुरू कर दिया है। सीमा सड़क संगठन के जवानों ने गुलाबा में मिशनों की पूजा-अचर्ना कर मिशन रोहतांग की शुरुआत की। बीआरओ ने जहां एक माह के भीतर रोहतांग दर्रे को खोलने का लक्ष्य रखा है, वहीं लाहुल की तरफ से भी बीआरओ ने मनाली-लेह मार्ग को बहाल करने का कार्य पहले ही शुरू किया है। ऐसे में बीआरओ के अधिकारियों ने यह दावा किया है कि पहली मई तक रोहतांग दर्रे को बहाल कर दिया जाएगा। मनाली-लेह मार्ग की बहाली के लिए बीआरओ की तीन टीम इस अभियान में शामिल की गई है, वहीं लाहुल की अन्य सड़कों को बहाल करने के लिए दो अन्य टीमों को तैनात किया गया है। बीआरओ के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल उमा शंकर ने बताया कि मनाली-लेह सड़क बहाली का कार्य सोमवार से बीआरओ मनाली की ओर से शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि बीआरओ ने पहली मई का लक्ष्य रोहतांग दर्रे की बहाली के लिए रखा है। ऐसे में सीमा सड़क संगठन ने इस बार भी उसी लक्ष्य को तय करते हुए यह ठाना है कि पहली मई तक हरहाल मंे रोहतांग दर्रे को बहाल कर लाहुल-स्पीति का संपर्क शेष विश्व से जोड़ना है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष जहां फरवरी माह में रोहतांग बहाली का कार्य बीआरओ ने शुरू कर दिया था, वहीं इस वर्ष भारी बर्फबारी के चलते रोहतांग की बहाली का कार्य करीब एक माह देरी से शुरू हुआ है। लहाजा मार्च माह के भी अंतिम दौर में पहुंच जाने के बाद जहां बीआरओ ने अब कुछ भी हो दर्रे को हर हाल में बहाल करने की ठान ली है, वहीं इस कार्य को सोमवार से शुरू कर दिया गया है। मनाली से करीब 24 किलो मीटर दूर गुलाबा में सोमवार को बीआरओ के अधिकारी पूजा-अर्चना कर मनाली-लेह मार्ग के बहाली का कार्य मनाली की ओर से शुरू किया। यहां बतादें कि लाहुल-स्पीति की तरफ से बीआरओ की एक टीम ने फरवरी माह में मनाली-लेह मार्ग पर बर्फ हटाने का कार्य शुरू किया है, लेकिन लाहुल-स्पीति में बार-बार हो रही बर्फबारी बीआरओ का कार्य प्रभावित कर रही है।

बीआरओ के 300 जवान दिन-रात करेंगे काम

मनाली-लेह मार्ग की बहाली के लिए बीआरओ नेे 300 जवानों को पांच टीमों में बांटा है। इनमें से तीन टीमें मनाली-लेह मार्ग पर दिन-रात काम करेंगी, तो वहीं दो टीमें लाहुल की अन्य सड़कों को बहाल करेंगी। ऐसे में बीआरओ के अधिकारियों को पूरी उम्मीद है कि मई  माह के पहले सप्ताह में रोहतांग दर्रे को बहाल कर दिया जाएगा।

पहले ही दिन ताजा बर्फबारी ने दे डाली चुनौती

सीमा सड़क संगठन ने सोमवार को जहां मिशन रोहतांग पर काम शुरू कर दिया है, वहीं दोपहर बाद दर्रे के मौसम में बदलाब हुआ और यहां पर हल्की बर्फबारी का दौर फिर शुरू हो गया। ऐसे में पहले ही दिन बीआरओ का काम प्रभावित हो गया। हलांकि बीआरओ का कहना है कि अब वह बर्फबारी के बीच भी दर्रे की बहाली का काम जारी रखेगा और हर हाल में डैड लाइन को हासिल करेगा।

लोगों को रेस्क्यू चैक पोस्ट का इंतजार

लाहुल-स्पीति के लोग जहां अब रोहतांग दर्रे को पैदल लांघने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं याहं के बाशिंदों को दर्रे के समीप स्थापित होने वाली रेस्क्यू चैक पोस्ट्स का इंतजार है। प्रशासन ने साफ किया है कि इस बार रेस्क्यू चैक पोस्ट्स को मढ़ी व कोकसर में पहली अप्रैल से स्थापित किया जाएगा।