Monday, October 21, 2019 12:12 AM

एक सड़क को उखाड़ दूसरी सोलिंग

पद्धर -लोक निर्माण विभाग मंडल नंबर एक मंडी के उपमंडल पद्धर के अधीन प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत निर्मित बड़ागांव-चेली-रूच्छाहण बाया परोटा बह पदवाहण सड़क पर बिछाई गई सोलिंग को विभागीय मशीनों के माध्यम से उखाड़े और उखाड़ी गई सोलिंग को दूसरे मार्ग में बिछाने के लिए ले जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने विभागीय कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री को मामले की जांच को लेकर एसडीएम पद्धर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री सडक़ योजना के तहत निर्मित इस सड़क का एक शिकायत पत्र डाक द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी सौंपा है। ग्रामीण रेवत सिंह, जगदीश चंद, गुलाब सिंह, परम सिंह, लाल सिंह, मान सिंह ठाकुर, कुुंजू राम, नंद लाल, जोगिंद्र सिंह सहित लगभग एक दर्जन गांव के लोगों ने बताया कि वर्तमान में सड़क पर विभाग द्वारा जो कार्य किया जा रहा है। वह लोगों की समझ से परे है। मार्ग का निर्माण कार्य लगभग 15 वर्ष पूर्व हुआ है। वर्तमान में सड़क को पक्का करने के लिए बजट मंजूर हुआ है। विभाग ने इसके टेंडर भी करवा दिए हैं। लोक निर्माण विभाग सड़क पर बिछाई गई सोलिंग पत्थर को मशीन से उखाड़ कर उसे ठेकेदारों के माध्यम से दूसरे मार्ग में बिछाने के लिए ले जा रहे हैं। विभाग सोलिंग उखाड़ कर मार्ग पर द्रंग नमक खान से निकली मिट्टी को लाकर बिछा रहा है। ग्रामीणों ने विभाग की इस कार्यप्रणाली का कड़ा संज्ञान लिया है। रेवत सिंह ने बताया कि पलाह रोपी से रोपा गांव तक दो किलोमीटर तक सड़क पर बिछाई गई सोलिंग को उखाड़ दिया है। आगे का क्रम विभाग ने निरंतर जारी रखा है। उधर, मूल राज ठाकुर उपप्रधान, ग्राम पंचायत बड़ीधार का कहना है कि ग्रामीणों ने मामला पंचायत से भी उठाया है। उखाड़ी जा रही सोलिंग का पत्थर पक्का है। विभाग को चाहिए कि सड़क पर लेयरिंग करते हुए उखाड़ी गई सोलिंग को दूसरे मार्ग पर न ले जाते हुए उसी मार्ग पर बिछाया जाए। वहीं, चमन चंदेल, एसडीओ पद्धर का कहना है कि सड़क को पक्की करने का टेंडर ठेकेदार को अवार्ड हुआ है। मार्ग पर नए प्रोसेस के तहत काम चल रहा है। मार्ग को पक्का करने के लिए तीन परतें बिछाई जानी हैं, जो मैटेरियल बिछाया जा रहा है वह विभागीय लैब से पास हुआ है। मार्ग पर बिछाई गई पुरानी सोलिंग विभाग की संपदा है। उसे विभाग उस रोड में बिछा रहा है, जिस पर विभाग के पास बजट नहीं है।