Monday, August 26, 2019 10:33 AM

एचपीयू को यह शर्त पूरी करने पर मिलेगा पैसा

पुराने होस्टल का यूटिलाइजेशन भेजने पर ही मिलेगा बजट, पहले का पैसा खर्च करने के बाद ही मिलेगी नई ग्रांट

शिमला -प्रदेश विश्वविद्यालय को चार नए हॉस्टल की ग्रंाट अब तभी मिलेंगी, जब पूराने हॉस्टल में खर्च किए गए बजट का ब्यौरा केंद्र को भेजा जाएंगा। केंद्र सरकार ने एचपीयू के चार नए होस्टल का 30 करोड़ का बजट रोक दिया है। बजट रूकने की वजह से एचपीयू की चिंता भी बड़ गई है। अब जब तक एचपीयू पुराने बजट का ब्यौरा नहीं दे देता है, तब तक केंद्र की ग्रंाट भी होस्टल के निर्माण कार्यो के लिए नहीं आएंगी। हांलाकि प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सिंकदर कुमार ने संबधित विभाग को एक माह के अंदर यूसी बनाने के निर्देष दे दिए है। यहां तक कि उन्होंने यह भी जानकारी मांगी है कि कितने सालों से केंद्र को भेंजे जाने वाले यूसी में देरी की गई है। हैरत  है कि एचपीयू में दस से पद्रंह साल पूराने बनें हॉस्टल का भी युटीलाइजैशन  प्रशासन ने नहीं भेजा है। यही वजह है कि अब छात्रों की सुविधा के लिए बनाए जाने वाले चार नए होस्टल के निर्माण कार्य शुरू करने में अड़गा फंस गया है। वहीं अब लंबे से समय से होस्टल का इंतजार कर रहे छात्रों को भी बड़ा झटका लगा है। बता दें कि एचपीयू ने फरवरी मार्च में ही हॉस्टल के निर्माण कार्य शुरू करने का दावा किया था। जानकारी के अनुसार विवि के कुलपति प्रोफेसर सिकंदर कुमार ने केंद्र सरकार को हॉस्टल निर्माण कार्य को लेकर प्रपोजल भी भेज दिया है। जानकारी मिली है कि केंद्र सरकार ने एचपीयू से होस्टलों का निर्माण कहां किया जा रहा है, वहीं कितने छात्रों को एक हॉस्टल में रहने की सुविधा दी जाएंगी। इसके साथ ही नए हॉस्टल में छात्रों को किस तरह की मूलभूत सुविधाएं देनी है। इस तरह की सारी डिटेल मांगी थी। यही वजह है कि कुलपति ने केंद्र सरकार को होस्टल के निर्माण कार्य को लेकर तैयार किए गए प्लान के बारे में बता दिया है। कहा जा रहा है कि केंद्र ने एचपीयू के प्रपोजल में कुछ कमियां बता कर वापिस भी कर दिया था। बता दें कि एचपीयू में बनने वाले चार नए होस्टल में हजारों की संख्या में छात्र व छात्राओं को फायदा मिलना है। एचपीयू में बनने वाले नए हॉस्टलों में तीन होस्टल की सुविधा छात्राओं के लिए और एक हॉस्टल छात्रों को दिया जाना है। एचपीयू का दावा है कि हर होस्टल में लगभग हजार छात्रों के रहने की व्यवस्था की जाएंगी। इसके साथ ही हर साल जो छात्र होस्टल से वंचित रह जाते थे, उन छात्रों को भी मैरिट के आधार पर होस्टल में रहने का मौका दिया जाएगा। खास बात यह है कि प्रदेश भर के दूर दराज के क्षेत्रों से एचपीयू आने वाले छात्रांे को होस्टल की सुविधा मिलेगी। कुलपति ने एक माह के अंदर अधिकारियों को यूसी भेजने के निर्देश दिए हंै।