Sunday, September 22, 2019 07:10 AM

एचपीयू में नौ पीठों पर होगी रिसर्च

विश्वविद्यालय ने हैड नियुक्ति के दिए निर्देश, नौ बड़ी हस्तियों के बारे में जानेंगे छात्र

शिमला -हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले पीएचडी छात्रों के लिए खास खबर है। एचपीयू वर्षों पहले स्थापित की गई चेयर्स को अब सक्रिय करने जा रहा है। इन चेयर्स पर हैड की नियुक्तियां कर इन्हें सक्रिय किया जाएगा, जिसके बाद इनमें  छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। एचपीयू की ओर से स्थापित की गई 9 चेयर्स पर हैड की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे गए हैं। ये आवेदन एक एप्लीकेशन के माध्यम से अपने पूरे बायोडेटा के साथ आवेदकों को 25 सितंबर तक एचपीयू की भर्ती शाखा के डिप्टी रजिस्ट्रार के कार्यालय में भेजने होंगे। इस पोस्ट के लिए एचपीयू ने सेवानिवृत्त प्रोफेसर के साथ ही स्कॉलर्स को आवेदन करने को मान्य माना है। आवेदन कर्ता के लिए जो शैक्षणिक योग्यता एचपीयू की ओर से तय की गई है, उसमें स्कॉलर को कम से कम 10 वर्ष का एक्सपीरियंस प्रोफेसर या रीडर के रूप में किसी विश्वविद्यालय या संस्थान में पढ़ाने का होना जरूरी है। स्कॉलर्स का जो विषय क्षेत्र है, वह चेयर्स के क्षेत्र से भी जुड़ा होना जरूरी है। एचपीयू इस पोस्ट पर सीधी भर्ती करेगा, जो कि तीन साल के लिए होगी। इसके बाद कार्य के आधार पर इसे दो साल के लिए आगे भी बढ़ाया जा सकता है। एचपीयू कुलसचिव घनश्याम चंद ने बताया कि चेयर्स पर हैड की नियुक्तियां होने के बाद हर वर्ष की प्रोग्रेस एचपीयू की कार्यकारिणी परिषद में जाएगी और एचपीयू की वार्षिक रिपोर्ट में भी छपेगी। उल्लेखनीय है कि सालों से जिन चेयर्स पर कोई नियुक्तयां नहीं हुईं और अब एचपीयू इन्हें भरने जा रहे है, उसमें डा. बीआर अंबेडकर, दीन दयाल उपाध्याय, डा. केशव बलिराम हेडगेवार, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, गुरु नानक देव, स्वामी दयानंद, स्वामी विवेकानंद और डा. वाईएस परमार चेयर्स शामिल हंै। बता दें कि एचपीयू में स्थापित इन चेयर्स में छात्रों को संबंधित व्यक्ति के जीनव पर शोध करने के साथ ही डिप्लोमा कोर्स करने का अवसर प्रदान होता है। जिस महान व्यक्तित्व पर यह चेयर्स चलाई जा रही है, उन्हीं के जीवन पर आधारित विषय और शोध के लिए यह चेयर्स कार्य करती हंै। सालों से इन चेयर्स पर अब जब कार्य नहीं हो रहा था, तो अब एचपीयू ने शोधकर्ताओं के लिए रिसर्च का एक रास्ता खोल दिया है। अब एचपीयू में इन महान हस्तियों पर शोध करने वाले छात्रों को भी कई नई चीजें पता चल पाएंगी। इन पीठों पर शोध करने में बाहर से भी शिक्षाविद सहायता करेंगे।