Tuesday, March 31, 2020 12:24 PM

एजुकेशन हब बैजनाथ

चाय नगरी पालमपुर के साथ सटी शिवनगरी बैजनाथ का नाम परीक्षा परिणामों की मैरिट में न आए, यह भला मुमकिन ही कैसे हो। 73 निजी-सरकारी स्कूलों में सैकड़ों छात्रों का भविष्य संवारने में अहम योगदान दे रहा बैजनाथ शिक्षा के क्षेत्र में हर रोज नई बुलंदियां छू रहा है। हाईटेक एजुकेशन की दौड़ में अहम रोल निभा रहे इस कस्बे में शिक्षा के साथ-साथ खुले रोजगार के दरवाजों से प्रदेश ने तरक्की की राह पकड़ ली। हिमाचली ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के होनहारों का कल संवार रहे बैजनाथ में क्या है शिक्षा की कहानी, बता रहे हैं

हमारे संवाददाता चमन डोहरू...

शिवनगरी बैजनाथ में आज से करीब 77 साल पूर्व शिक्षा की लौ प्रज्वलित करने में सनातन धर्म सभा की अहम भूमिका रही। भारत की आजादी के समय से पूर्व ही बैजनाथ में स्वामी तारानंद सरस्वती जी महाराज द्वारा संस्कृति विद्यालय खोला गया था। उस विद्यालय के लिए वर्ष 1942 में लाला जोधामल कुडि़याला ने भव्य गेट का निर्माण करवाया था,  जो आज भी जीता जागता प्रमाण है। वर्ष 1952 में गोस्वामी गणेश दत्त ने इलाके के जाने-माने समाजसेवी शिक्षाविद एवं पंडित अमरनाथ जी को बैजनाथ में विद्यालय खोलने के लिए प्रेरित किया। वर्ष 1952 में ही स्वामी तारानंद सनातन धर्म विद्यालय स्थापित किया गया, जो इस समूचे क्षेत्र में एकमात्र शिक्षण संस्थान था।  इसी के साथ वर्ष 1961 में गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म महाविद्यालय भी खोला गया। इसी बीच बैजनाथ में बीएड, जेबीटी, इलेक्ट्रिक सुपरवाइजर और आर्ट एंड क्राफ्ट, ड्रॉइंग, पॉलिटेक्निकल कालेज जैसे संस्थान खोले गए, लेकिन बदलते समय के साथ कुछ संस्थान बंद हो गए और कुछ का सरकारी अधिग्रहण हो गया। आज गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म महाविद्यालय पंडित संतराम राजकीय महाविद्यालय हो गया है। वहीं एसटीएन और एसडी स्कूल भी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बैजनाथ हो गया। वक्त बदला, क्षेत्र में सरकारी स्कूलों के साथ निजी शिक्षण संस्थानों का पदार्पण हुआ। आज शिक्षा खंड बैजनाथ में 137 सरकारी और 36 निजी स्कूल शिक्षा की लौ प्रज्वलित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। सरकारी स्कूलों में 6411 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, वहीं 36 निजी स्कूलों में नर्सरी से लेकर जमा दो तक 11849 छात्र आधुनिक शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

बिनवा स्कूल के बच्चे बड़े मुकाम पर

बैजनाथ के सबसे पुराने शिक्षण संस्थान बिनवा पब्लिक स्कूल की स्थापना मात्र 35 बच्चों के साथ 1980 में हुई। यह काफिला आज 1000 तक जा पहुंचा है। यहां से निकले बच्चे कई मेडिकल कालेजों में बतौर डाक्टर सेवाएं दे रहे हैं। स्कूल की एक छात्रा आज प्रशासनिक अधिकारी के रूप में सेवाएं दे रही है।

परमार्थ इंटरनेशनल के छात्र सीख रहे फ्रेंच

बैजनाथ का ख्याति प्राप्त सीबीएसई सिलेबस का परमार्थ इंटरनेशनल स्कूल वर्ष 2002 में मात्र 12 बच्चों के साथ खोला गया। आज इस स्कूल में 1150 तक छात्र हैं। आधुनिक शिक्षा प्रदान करवाने में इस संस्थान ने अहम भूमिका निभाई है। बच्चों को पढ़ाई के साथ अन्य भाषाएं, जैसे फ्रेंच भी सिखाई जा रही है। यहां से निकले बच्चे आईआईटी मंडी, एमबीबीएस, नर्सिंग, एनआईटी हमीरपुर और कृषि विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं। इस विद्यालय में करीब 55 शिक्षक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

जिला कांगड़ा का एकमात्र जवाहर नवोदय यहीं है....

जिला कांगड़ा का एकमात्र जवाहर नवोदय स्कूल जो कि पपरोला में है। संस्थान में छठी से लेकर 12वीं तक 545 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यह विद्यालय 1987 में मात्र 80 बच्चों के साथ खोला गया था और आज जिला भर से 545 बच्चे इस  संस्थान में आधुनिक शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

80 का दशक... जब शुरू हुए प्राइवेट स्कूल

शिक्षा का केंद्र है आज बैजनाथ

हिमाचल प्रदेश में बैजनाथ अपने आसपास के दुर्गम और दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए एक केंद्रीय शिक्षा स्थल के रूप में आजादी के बाद से ही शिक्षा की अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित किए हुए है। 80 के दशक में निजी स्कूलों के आने से बैजनाथ एजुकेशन हब के रूप में विकसित हुआ है। बैजनाथ और पपरोला में सरकारी एवं निजी क्षेत्र के शिक्षा संस्थानों के नामों की एक लंबी फेहरिस्त है और ये सभी संस्थान इस क्षेत्र के विद्यार्थियों की ज्ञान पिपासा और ज्ञान सुधा को तृप्त करने में प्रमुख भूमिका अदा कर रहे हैं

— अनुज कुमार आचार्य, शिक्षक एवं लेखक

60 से ज्यादा पंचायतों के लिए सौगात से कम नहीं

बैजनाथ-पपरोला का शिक्षा हब के रूप में उभरना यहां के आसपास की 60 से ज्यादा पंचायतों के बाशिंदों के लिए किसी सौगात से कम नहीं है। अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की खातिर आज की तारीख में दुर्गम एवं दूरदराज की पंचायतों के कई अभिभावक स्थायी और अस्थायी रूप से बैजनाथ में निवास कर अपने बच्चों को बेहतरीन शिक्षा दिलवा रहे हैं। निश्चित रूप से बैजनाथ के एजुकेशन हब के रूप में विकसित होने से स्थानीय व्यापारियों एवं कामकाजी लोगों को भी आर्थिक रूप से फायदा हुआ है, तो वहीं इन शिक्षण संस्थानों में कई प्रतिभाशाली पढ़े-लिखे बेरोजगारों को रोजगार भी प्राप्त हुआ है और इसके साथ ही शिक्षण अनुभव में अभिवृद्धि हुई है

— प्रकाश चंद बड़जात्या, शिक्षाविद

सरकारी स्कूल किसी से कम नहीं

शिक्षा के क्षेत्र में आज सरकारी स्कूलों का अहम रोल है। सरकारी स्कूल अच्छी भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन यह देखादेखी का जमाना है। हर कोई अपना स्टैंडर्ड देखकर ही अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने की होड़ में लगा है। हालांकि आज भी सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर बच्चे हर क्षेत्र में नाम कमा रहे हैं

अमर सिंह राणा, शिक्षक

प्राइवेट स्कूल कर रहे बेहतरीन काम

निजी शिक्षण संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय भूमिका निभा रहे हैं। इन विद्यालयों में शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की ओर विशेष ध्यान दिया जाता है। फलस्वरूप क्षेत्र के बच्चे देश-विदेश के सरकारी तथा गैर सरकारी क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण पदों पर आसीन होकर क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं। आज का जमाना प्रतिस्पर्धा का है, जिसमें बच्चों को हर क्षेत्र में निपुण होना चाहिए, जो निजी स्कूलों में संभव है।

— अजय जम्वाल, शिक्षक

नहीं भूलेंगे सनातन धर्म की पहल

शिक्षा के क्षेत्र में निजी शिक्षण संस्थाओं का भी अहम योगदान रहा है। पूर्व में जब शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी तंत्र ध्यान नहीं देता था, तो आज से छह दशक पहले से ही निजी क्षेत्र में शिक्षा की लौ जलाने में सनातन धर्म ने अहम योगदान दिया, इसे भुलाया नहीं जा सकता। आज भी सरकारी स्कूलों को प्रोमोट करने की जरूरत है। आज भी निजी शिक्षण संस्थान बच्चों को शिक्षा प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं

— जीडी भारद्वाज, समाजसेवी

विजन पब्लिक स्कूल की हर बात निराली

विजन पब्लिक स्कूल भी हर समय सुर्खियों में रहता है। इस विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ डांस भी सिखाया जाता है। यही कारण है कि इसी स्कूल की ऊषा ने दिव्य हिमाचल के ‘डांस हिमाचल डांस’ का खिताब जीता था। इसी स्कूल के बच्चे डांसिंग और क्विज कंपीटीशन में लुधियाना, डलहौजी व रोटरी क्लब द्वारा आयोजित प्रतिस्पर्धा में भाग लेकर हुनर साबित कर चुके हैं।

और भी कई चमका रहे नाम

बैजनाथ में और भी कई शिक्षण संस्थान छात्रों को बेहतरीन शिक्षा देने में अहम योगदान दे रहे हैं। गुरुकुल स्कूल, सनातन धर्म स्कूल, अंबिका पब्लिक स्कूल, सरस्वती विद्या मंदिर बैजनाथ व पपरोला चंद्र मॉडल पब्लिक स्कूल पपरोला, हिमालयन पब्लिक स्कूल पपरोला, जेवीएस महाकाल, सनशाइन स्कूल, सनातन धर्म स्कूल, ग्रीनवुड स्कूल के अतिरिक्त क्रॉस पब्लिक स्कूल भी शिक्षा के क्षेत्र में खूब नाम चमका रहे हैं।

उत्तरी भारत के अग्रणी आयुर्वेद संस्थान से रोशन हुआ नाम

पपरोला स्थित राजीव गांधी स्नातकोत्तर आयुर्वेद महाविद्यालय उत्तरी भारत का अग्रणी आयुर्वेद संस्थान है। यहां से सैकड़ों डाक्टर व विशेषज्ञ हिमाचल ही नहीं, बल्कि बाहरी राज्यों में भी सेवाएं दे रहे हैं। इस संस्थान के अस्पताल में भी प्रतिवर्ष करीब 80 हजार मरीज आकर लाभ प्राप्त करते हैं।

आईटीआई में ट्रेंड हो रहे कई नौजवान

बैजनाथ में एक सरकारी व एक शहीद दीवान चंद आईटीआई में विभिन्न विषयों पर ट्रेनिंग दी जा रही है। शहीद दीवान चंद आईटीआई में आज 350 बच्चे मोटर मैकेनिक सिलाई, कढ़ाई, इलेक्ट्रिशियन, फिटर की ट्रेनिंग ले रहे हैं, जबकि सरकारी आईटीआई में 198 बच्चों को ट्रेनिंग दी जा रही है।

विद्यापीठ ने गाड़े झंडे, 70 शिक्षक संवार रहे बच्चों का कल

भारतीय विद्यापीठ भी अग्रणी शिक्षण संस्थानों में से एक है। वर्ष 2002 में मात्र 80 बच्चों के साथ शुरू किए स्कूल में 1970 बच्चे जमा दो तक की पढ़ाई कर रहे हैं। आज इस संस्थान में 76 अध्यापक व दस गैर शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं। अब तक कई उपलब्धियां भारतीय विद्यापीठ हासिल कर चुका है। न जाने कितने डाक्टर और इंजीनियर बन चुके हैं। वर्ष 2015 में इसी स्कूल की जमा दो में चार व दसवीं में दो मैरिट आई थीं। वर्ष 2019 में दसवीं में पांच और जमा दो में दो मैरिट पॉजिशंस यहां के छात्रों ने हासिल कीं।

माउंट कार्मल का जवाब नहीं

आज निजी क्षेत्र में माउंट कार्मल स्कूल बैजनाथ अग्रणी संस्थानों में से एक है। वर्ष 1992 में 77 बच्चों से शुरू हुआ यह स्कूल आज 1750 बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने का दम रखता है। यहां से निकले मेधावी बच्चे आज सफल विशेषज्ञ डाक्टर, इंजीनियर और बड़े ऑफिसर बनकर नाम कमा रहे हैं। करीब 80 शिक्षक स्कूल में छात्रों को बेहतरीन शिक्षा दे रहे हैं।

गर्ल्स स्कूल भी पीछे नहीं

पपरोला स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में 146 कन्याएं छठी से 12वीं तक की पढ़ाई कर रही हैं। पंडित संतराम राजकीय महाविद्यालय के वर्ष 2007 में सरकारीकरण के बाद यहां शिक्षा ग्रहण करने वालों ने गति पकड़ी। आज महाविद्यालय में 21 सौ के करीब छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं, वहीं महाविद्यालय एमए अंग्रेजी, बीबीए और बीसीए भी करवाई जा रही है।

सरकारी स्कूलों पर फोकस चाहते हैं पेरेंट्स

बैजनाथ का नाम चमा रहे निजी शिक्षण संस्थान

खुशी की बात है कि निजी शिक्षण संस्थानों से निकले विद्यार्थी उत्तम श्रेणी के चिकित्सकों, अभियंताओं एवं अन्य पदों पर देश-विदेश की नामी-गिरामी कंपनियों के साथ-साथ राज्य और केंद्र सरकार के महत्त्वपूर्ण पदों पर सेवाएं देकर बैजनाथ का नाम रोशन कर रहे हैं

            ऋतुराज मेहता, अभिभावक

कमाल कर रहे संस्थान

निजी शिक्षण संस्थानों में नियमित आधुनिक शिक्षा एवं प्रतियोगी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाता है, जिस कारण निजी स्कूलों में छात्रों का मानसिक और बौद्धिक स्तर बढ़ता है। आज स्थिति यह है कि निजी स्कूलों के छात्रों में सरकारी स्कूलों के छात्रों की तुलना में अधिक आत्मविश्वास होता है

सपना शर्मा, अभिभावक

हाईटेक एजुकेशन से आगे बढ़ रहे गांवों के बच्चे

निजी शिक्षण संस्थानों के कारण ही आज ग्रामीण परिवेश में जन्मे पले बच्चे आत्मनिर्भर बनते जा रहे हैं। आज बैजनाथ के  निजी शिक्षण संस्थान बच्चों को बेहतर, आधुनिक शिक्षा ग्रहण करवाने में अहम भूमिका प्रदान कर रहे हैं

स्वाति शर्मा,  अभिभावक

हर स्टूडेंट पर है नजर

अच्छी शिक्षा प्रदान करने की दिशा में निजी शिक्षण संस्थान अहम भूमिका निभा रहे हैं। निजी स्कूलों में छात्रों को बेहतरीन सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। शिक्षकों को केवल शैक्षणिक काम ही दिया जाता है। हर बच्चे पर शिक्षकों की नजर रहती है। शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाने में निजी स्कूलों का अहम योगदान है

शिखा धवन, अभिभावक

हर क्षेत्र में नाम कमा रहे शिव नगरी के होनहार

प्रतिस्पर्धा के इस दौर में निजी स्कूलों में कुशल स्टाफ को तरजीह दी जाती है, ताकि उनके स्कूलों का बेहतर परीक्षा परिणाम रहे। यही कारण है कि आज अभिभावक निजी स्कूलों को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। निजी संस्थानों से निकले बच्चे हर क्षेत्र में नाम कमा रहे हैं

मौसमी पाल, अभिभावक