Monday, October 18, 2021 04:22 PM

एनआईटी से सिक्योरिटी गार्ड-सुपरवाइजर बाहर

एक झटके में सात पूर्व सैनिकों को दिखाया बाहर का रास्ता

स्टाफ रिपोर्टर—हमीरपुर राष्ट्रीय पौद्योगिकी संस्था (एनआईटी) हमीरपुर में कई वर्षों से बतौर सिक्योरिटी गार्ड तथा सिक्योरिटी सुपरवाइजर सेवाएं देने वाले पूर्व सैनिकों को एक झटके में बाहर कर दिया गया है। हमीरपुर के सात पूर्व सैनिकों को नौकरी से बर्खास्त किया गया है। नौकरी से निकाले गए इन पूर्व सैनिकों ने गुरुवार को हमीरपुर में मीडिया कर्मियों से रू-ब-रू होकर नौकरी दिए जाने की मांग उठाई है। नौकरी से निकाले गए इन पूर्व सैनिकों में से अधिकतर की नौकरी तीन से छह महीने की ही बची थी। पूर्व सैनिकों का कहना है कि स्क्रीनिंग कमेटी ने इंटरव्यू के दौरान इनकी नौकरी को सुचारू रखने की बात कही थी, लेकिन उन्हें बाहर कर दिया गया है। पिछले 12 अगस्त को नई सिक्योरिटी कंपनी को टेंडर आबंटित किया गया था। इसके बाद उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है। एक महीने तक वह एनआईटी हमीरपुर के निदेशक और रजिस्ट्रार के पास चक्कर लगाते रहे, लेकिन उनकी कहीं भी कोई सुनवाई नहीं हुई है।

सिक्योरिटी गार्ड का काम करने वाले पूर्व सैनिक करमचंद का कहना है कि अगस्त महीने में नई कंपनी को टेंडर दिया गया था। स्क्रीनिंग कमेटी ने उनका इंटरव्यू लिया था और उनकी नौकरी को सुचारू रखने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि जब 13 अगस्त को ड्यूटी पर पहुंचे तो ड्यूटी रोस्टर में उनका नाम ही नहीं था। सिक्योरिटी सुपरवाइजर अमीचंद ने कहा कि एनआईटी हमीरपुर की स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष उन्होंने इंटरव्यू दिए थे। उनसे नौकरी किए जाने को लेकर सवाल किया गया था जिस पर उन्होंने अपनी नौकरी को सुचारू रखने की बात कही थी। अगले दिन ही उन्हें नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। वहीं एनआईटी हमीरपुर केनिदेशक ललित अवस्थी का कहना है कि एनआईटी हमीरपुर में इस कार्य के लिए कोई भी स्क्रीनिंग कमेटी गठित नहीं की गई थी। यह कार्य कंपनी को आउटसोर्स किया गया है। कंपनी ने ही कर्मचारियों को नौकरी पर रखा है। उक्त कर्मचारियों की सेवाओं को सुचारू रखने के लिए कंपनी अधिकारियों से बात की गई है।