Tuesday, June 02, 2020 12:00 PM

एनआईटी होस्टल बनाया संस्थागत क्वारंटाइन सेंटर

हमीरपुर में बढ़ाई जा रही संस्थागत संगरोध केंद्रों की की क्षमता, केस बढ़ने पर प्रशासन ने लिया फैसला

हमीरपुर-बाहरी राज्यों खासकर रेड जोन से हमीरपुर जिला में आने वाले लोगों को संस्थागत संगरोध केंद्रों में रखने के प्रशासन ने कसरत और तेज कर दी है। बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के प्राथमिकता के आधार पर नमूने इत्यादि जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। इस बारे में डीसी हमीरपुर हरिकेश मीणा ने कहा कि महाराष्ट्र के ठाणे तथा गुजरात के अहमदाबाद से रेलगाडि़यों में हमीरपुर जिला के लोग वापस आ रहे हैं। इसके दृष्टिगत यहां सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। जिला में संस्थागत संगरोध स्थलों की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, हमीरपुर के होस्टल को भी संस्थागत संगरोध स्थल के लिए चिह्नित किया गया है। यहां पर लगभग 180 बिस्तर क्षमता तैयार कर ली गई है। लोगों को अलग-अलग कमरों में रखने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। यहां सेवाएं देने वाले कमज़्चारियों व अन्य स्टाफ  को समुचित प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिला में हाल ही में कनार्टक से 89 तथा चेन्नई से 18 लोग पहुंचे हैं। संस्थागत संगरोध के दौरान इनके नमूने इत्यादि लेने के बाद रिपोर्ट नेगेटिव आने पर इन्हें गृह संगरोध के लिए भेज दिया गया है। इसी प्रकार ग्रीन जोन गोआ से आए 72 लोग कड़े गृह संगरोध में रखे गए हैं। मुंबई से आए 167 तथा पुणे से लौटे 68 लोगों के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें से जो व्यक्ति संक्रमित पाए गए हैं, उन्हें सेकंडरी तथा प्राइमरी आइसोलेशन सुविधा स्थलों में उपचार के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमित व्यक्तियों के उपचार में सभी मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) की अनुपालना की जा रही है। सेकेंडरी आइसोलेशन सुविधा स्थल आरसीएच भोटा तथा जिला कोविड केयर सेंटर, डुग्घा में सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर कार्य किया जा रहा है।