Sunday, July 05, 2020 05:51 AM

… ऐसे सुरक्षित रखें बच्चों के अधिकार

भोरंज -करियर प्वाइंट विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के लॉ विभाग द्वारा 23 मई को ऑनलाइन राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। इस ऑनलाइन वेबिनार में मुख्यातिथि के तौर पर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के जज त्रिलोक सिंह चौहान उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के इंस्टीच्यूट ऑफ लीगल स्टडी शिमला के  निदेशक प्रो. डा. संजय सिंधु कार्यक्रम के मुख्य वक्ता रहे। माननीय जस्टिस त्रिलोक सिंह चौहान ने बाल संरक्षण और बाल अधिकार से संबंधित सभी कानूनों का उल्लेख किया तथा साथ में ही जुवेनाइल जस्टिस केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन एक्ट व भारतीय संविधान में उल्लेखित बच्चों के अधिकारों के बारे में भी विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. डा. संजय सिंधु ने बताया कि किस प्रकार हम बच्चों के अधिकारों का सुरक्षित कर सकते हैं। उन्होंने भारतीय संविधान की प्रस्तावना में लिखे हुए शब्दों जैसे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय पर बल देते हुए कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक का कर्त्तव्य बनता है कि वह बच्चों के अधिकारों को सुरक्षित करें व साथ में बाल विवाह, बाल श्रम, स्वास्थ्य व शिक्षा जैसे मुद्दों पर भी अपने विचारों को सांझा किया। इस ऑनलाइन वेबिनार को चार तकनीकी सत्रों में विभाजित किया गया था। इन सत्रों को डा. जयमाला, डा. शिव कुमार डोगरा पंजाब विश्वविद्यालय, डा. अन्जय शर्मा दिल्ली विश्वविद्यालय, डा. महमूद अजबर खान नेहरू मेमोरियल लॉ कालेज हनुमानगढ़ राजस्थान व प्रो. डा. केएस वर्मा कुलपति करियर प्वाइंट विश्वविद्यालय  प्रदेश ने चेयर किया। इस वेबिनार में पूरे देश भर से नौ राज्यों के 20 विश्वविद्यालयों के करीब 120 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। अंत में लॉ विभाग कि विभागाध्यक्षा डा. अनुपम मन्हास ने मुख्यातिथि, विवि के कुलपति, मुख्य वक्ता, प्रतिभागियों व प्रोफेसरों का इस वेबिनार में भाग लेने हेतु धन्यवाद किया। विवि प्रशासन ने लॉ विभाग को ऑनलाइन वेबिनार आयोजित करने पर बधाई दी है।