ऑनलाइन होगा दवा दुकानों का रिकार्ड

छूट के नाम पर हो रहे गड़बड़झाले को पकड़ने के लिए सिविल सप्लाई का बड़ा फैसला

शिमला  - हिमाचल में सभी सिविल सप्लाई की 29 दवा दुकानें अब पहली बार ऑनलाइन ट्रैक में आएंगी। सिविल सप्लाई की बीओडी की अहम बैठक में दवा दुकानों को ऑनलाइन टै्रकिंग की योजना पर मुहर लगाए जाने के फैसले के बाद निगम ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। ‘दिव्य हिमाचल’ द्वारा ‘लुट रहे मरीज़ ’ सीरीज में छपी खबरों का संज्ञान लेते हुए सिविल सप्लाई ने 29 दवा दुकानों पर नज़र रखने के लिए सभी दुकानों का रिकार्ड ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं। इस प्रक्रिया के सफल होने से सभी अहम बिंदु चैक किए जाएंगे। इनमें सबसे पहला यह रहेगा कि कितनी और कौन सी दवा किस दवा दुकान में खरीदी जा रही है? कितने मरीज़ों को दवा बेची है? कितनी रिटर्न शो हुई। इससे यह पता भी चल जाएगा कि कौन सी दवा दुकान सरकार को चूना लगा रही है। आईजीएमसी में सिविल सप्लाई की दवा दुकान में बिल की जांच रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि ओगूक्लेव की मरीज़ को छह गोलियां 10.25 फीसदी डिस्काउंट के साथ प्रति गोली 26.17 पैसे की दी गई है। जो मरीज को बिल के साथ दी गई है। हालांकि सिविल सप्लाई की दवा दुकान ने निगम को यह भी कहा है कि डाक्टर ने जो दवा लिखी है, उसके आधार पर उनके पास जो सस्ती और गुणयुक्त दवा थी, वह उन्होंने मरीज़ को दी है, लेकिन यह सामने आया है कि जो दवा दी गई थी, वह कई अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों से महंगी है। फिलहाल ऑनलाइन ट्रैकिंग होने से प्रदेश के दूरदराज़ के क्षेत्रों में सिविल सप्लाई की चैंकिग भी हो जाएगी, जो मरीजों और सिविल सप्लाई के बेहतर कार्यों को आगे बढ़ा पाएगी। हालांकि अभी जांच का विषय ये भी है कि दवा का कांबिनेशन नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल की एंटीबायोटिक पे्रस्क्राइबिंग के तहत नहीं आता है। आखिर उस दवा के कांबिनेशन को दवा दुकानों में क्यों उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसमें डाक्टर भी सवालों के घेरे में हैं।

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