Monday, June 01, 2020 02:29 AM

ओपीडी बंद… कहां करवाएं इलाज

बल्ह घाटी के लोगों को सामान्य इलाज करवाना हुआ मुश्किल, दोनों बड़े स्वास्थ्य संस्थानों में ओपीडी बंद

नेरचौक-बल्ह घाटी के लोगों को सामान्य इलाज करवाना मुश्किल हो गया है। घाटी के दोनों बड़े स्वास्थ्य संस्थानों में ओपीडी की सुविधा को बंद कर दिया गया है, जिससे अब लोगों को यह चिंता सताने लगी है कि वे अब अपना इलाज कहां करवाएं। गौरतलब है कि क्षेत्र में कोरोना संक्रमित महिला का मामला सामने आने पर नियमानुसार क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है। अस्पताल के कंटेनमेंट जोन की जद में आने से लगभग एक किलोमीटर परिधि क्षेत्र को पूरी तरह से आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है। लोगों को अपने घरों से बाहर भी नहीं निकल सकते हैं। क्षेत्र का नागरिक अस्पताल रत्ती ही एक ऐसा स्वस्थ्य संस्थान था, जिसमें कि बल्ह घाटी की जनता अपना इलाज करवाने पहुंचते थे। श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कालेज नेरचौक में गत दो माह से सभी प्रकार की ओपीडी बंद होने से लोग परेशान हो गए हैं। सभी प्रकार की ओपीडी बंद होने से जिला कुल्लू, हमीरपुर, बिलासपुर तथा जिला मंडी के आसपास लगते क्षेत्र के हजारों ऐसे रोगी हैं, जो कि अपनी लंबी बीमारियों का इलाज अस्पताल में करवा रहे थे और अब परेशान हैं कि वे अपना इलाज कहां करवाएं। बता दें कि वैश्विक महामारी कोरोना के प्रदेश में दस्तक देते ही प्रदेश सरकार ने श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कालेज अस्पताल को कोविड-19 समर्पित अस्पताल का दर्जा दे दिया है। फल स्वरूप सुरक्षात्मक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अस्पताल की सभी प्रकार की ओपीडी व इंडोर सुविधा बिलकुल बंद कर दी गई है। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के मध्य क्षेत्र के हजारों लोग सरकार के इस निर्णय से हतप्रभ हैं। उनका कहना है कि इतने बड़े स्वास्थ्य संस्थान में एकदम सभी प्रकार की ओपीडी बंद करना क्षेत्र के लोगों के साथ न्याय  संगत निर्णय नहीं है।

क्या कहते हैं अधिकारी

उधर, पुष्प राज ठाकुरए बीएमओ रत्ती का कहना है कि रत्ती अस्पताल के कंटेनमेंट जोन में आने के कारण अस्पताल में जनरल ओपीडी बंद कर दी गई है। गंभीर परिस्थितियों में एंबुलेंस के माध्यम से पहुंचने वाले मरीजों का इलाज ही अस्पताल में किया जा रहा है। उधर, डा. आशीष शर्मा, एसडीएम बल्ह का कहना है कि वैश्विक महामारी से बचाव के लिए बनाई गई  नियमावली के मुताबिक रत्ती क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है, जिस कारण क्षेत्र को पूरी तरह से आवाजाही व रोजमर्रा के आवागमन के लिए बंद कर दिया गया है।