Sunday, May 09, 2021 07:35 PM

औद्योगिक श्रमिकों पर भी लगेंगी बंदिशें, खतरे के बीच जारी होगी नई एसओपी

रांची — झारखंड की राजधानी रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र में सोमवार को सशस्त्र अपराधियों ने व्यापारी से एक करोड़ 25 लाख रुपए लूट लिए। पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के ओबरिया मार्ग में सुबह करीब छह बजे यह घटना घटी। व्यापारी निकेश मिश्रा अपने साथियों के साथ कार में एक करोड़ 25 लाख रुपए लेकर किसी महाजन के पास जमा कराने जा रहे थे।

ओबरिया मार्ग पर अपराधियों ने कार को ओवरटेक कर रोका और फिर रिवॉल्वर की नोक पर सभी को वाहन से उतार कर रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गए। व्यापारी ने तत्काल स्थानीय पुलिस को घटना की जानकारी दी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के कई वरीय अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और छानबीन की। अपराधियों की धरपकड़ के लिए सघन छापामारी अभियान शुरू की गई है।

सप्लाई न आने से खुले बाजारों से महंगे दामों पर दालों को लेने को मजबूर हो रहे उपभोक्ता

सिटी रिपोर्टर- नाहन सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत एक बार फिर नियंत्रित दामों पर मिलने वाली दालें उचित मूल्य के डिपुओं में उपभोक्ताओं को नहीं मिल पा रही हैं। वहीं कई ऐसे उपभोक्ता हैं जिन्हें पिछले दो माह से लगातार डिपुओं से दालें नहीं मिल पाई हैं, जिसके चलते खुले बाजारों से उपभोक्ताओं को महंगे दामों में दालें लेने पर मजबूर होना पड़ रहा है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत तीन किस्म की दालें नियंत्रित दरों पर उपलब्ध करवाई जाती हैं। बताते हैं कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दालों की कमी पूरे प्रदेश के डिपुओं में बनी हुई है। वहीं जिला सिरमौर में भी खाद्य आपूर्ति, नागरिक व उपभोक्ता मामले विभाग के माध्यम से जिला के डिपुओं में दालों की सप्लाई नहीं पहुंच पाई है, जिससे डिपुओं से ग्राहक दालों के बगैर ही लौट रहे हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अब तीन श्रेणियों में दालों की सप्लाई की जा रही है। वहीं कई डिपुओं में जहां टैक्सपेयर श्रेणी का दाल का कोटा बचा है वह केवल इसी श्रेणी के उपभोक्ताओं को मिल रही हैं। जबकि बीपीएल, एपीएल श्रेणी का दालों का कोटा पिछले दो माह से लगातार प्रभावित हो रहा है।

उपभोक्ता सुनीता देवी, नीलम, राजेश, प्रेममाल, विमल कुमार इत्यादि ने बताया कि डिपुओं में इस बार भी दालों की सप्लाई नहीं आई बताई गई है। वहीं पिछले माह भी उन्हें दालों का कोटा नहीं मिल पाया था। ऐसे ही कई उपभोक्ताओं की तल्खी विभिन्न क्षेत्रों में देखने को मिली है। उधर खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दालों का कोटा नेशनल कॉ-आपरेटिव कन्जुमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया से आता है, जिसके लिए अब कन्टेंट को पूरा कर दिया गया है। वहीं जल्दी ही जिला के डिपुओं में दालों की सप्लाई पहुंच जाएगी। वहीं अधिकारियों ने यह भी कहा है कि जिन उपभोक्ताओं को गत माह दालों का कोटा नहीं मिल पाया है उन्हें भी दो माह का कोटा दे दिया जाएगा। बता दें कि ओपन मार्केट में विभिन्न दालों के दामों में लगातार वृद्धि जारी है। वहीं बाजार में खाद्य तेलों में इजाफा जारी है। जिसके चलते आम उपभोक्ता प्रभावित हो रहा है, वहीं सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों के चक्कर काट रहा है। उपभोक्ताओं ने सरकार और विभाग से आग्रह किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत डिपुओं में मिलने वाले सामान को नियमित तौर पर उपलब्ध करवाया जाए।

हरिद्वार। कोरोना महामारी के बीच उत्तराखंड की तीर्थ नगरी हरिद्वार में चल रहे महाकुंभ पर्व में सोमवार को दूसरे शाही स्नान पर करीब 20 लाख श्रद्धालुओं ने हर की पौड़ी सहित विभिन्न घाटों पर स्नान किया। शाही स्नान के दौरान कोरोना नियमों जकी मकर धज्जियां उड़ाई गईं। कई साधु कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। बावजूद इसके कोरोना नियमों का पालन कराने में उत्तराखंड पुलिस अक्षम दिखाई दे रही है

नीलम ठाकुर, मोहाली

सोमवार को मोहाली के नए मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू चुने गए हैं।  इसी तरह अमरीक सिंह सोमल को सीनियर डिप्टी मेयर और कुलजीत सिंह बेदी को डिप्टी मेयर चुना गया। नव निर्वाचित पार्षदों की बैठक अनुराग वर्मा, प्रधान सचिव पंजाब सरकार और संभागीय आयुक्त, रूपनगर की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें यह चुनाव हुए। पंजाब सहयोग और जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने नगर निगम के पदाधिकारियों के चुनाव के बाद कहा कि पंजाब के शहरों सहित राज्य का बहुआयामी विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता है और पिछले चार वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में इस मोहाली पर विशेष ध्यान दिया गया है। (एचडीएम)

एजेंसियां, केंद्रपाड़ा

ओडिशा के केंद्रपाड़ा में एक महिला ने प्राइवेट नर्सिंग होम में ऐसी बच्ची को जन्म दिया, जिसके दो सिर और तीन हाथ हैं।  यह एक दुर्लभ मेडिकल कंडमेडिकल कंडीशन है। महिला दूसरी बार मां बनी है। बच्ची के दोनों चेहरों के नाक, मुंह पूरी तरह विकसित हैं। दोनों मुंह से बच्ची को आहार दिया जा रहा है। दोनों नाक से बच्ची सांस ले रही है। मां और बच्ची को खास देखभाल के लिए कटक के सरदार वल्लभभाई पटेल पीजी इंस्टीच्यूट ऑफ  पेडियाट्रिक्स में रखा गया है। बच्ची का स्वास्थ्य स्थिर है। केंद्रपाड़ा के पेडियाट्रिक कंसल्टेंट डॉ देबाशीष साहू के मुताबिक इस तरह के असामान्य जन्म की घटनाएं अब बहुत घट गई हैं, क्योंकि अब लोग जागरूक हैं। लेकिन फिर भी कभी-कभी ऐसे केस आ जाते हैं।

दिव्य हिमाचल ब्यूरो, नई दिल्ली

कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों की रफ्तार अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। कई न्यूज वेबसाइट पर चल रही खबरों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के लगभग 50 फीसदी कर्मचारी संक्रमित हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट में काम कर रहे कर्मचारियों के संक्रमित होने के बाद कोर्ट परिसर के साथ- साथ बाहर के इलाकों में भी सेनेटाइजेशन का काम किया गया है। सेनेटाइजेशन के काम की वजह से सोमवार को ज्यादातर मामलों की सुनवाई में एक घंटे की देरी हुई। एहतियात के तौर पर कोर्ट ने ज्यादातर मामलों की सुनवाई वीडियो कान्फ्रेंसिंग से करने का फैसला लिया है। ज्यादातर जज अपने घर से ही सुनवाई करेंगे और फैसला भी सुनाएंगे। दिल्ली हाई कोर्ट के भी तीन जज पॉजिटिव पाए गए हैं।

रांची। रांची में कोरोना से होने वाली मौतों ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। पिछले 10 दिनों में रांची के श्मशान और कब्रिस्तान में अचानक शवों के आने की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। रविवार को तो मृतकों की संख्या इतनी अधिक हो गई कि मुक्तिधाम में चिता जलाने की जगह कम पड़ गई। लोगों ने घंटों इंतजार किया, फिर भी जगह नहीं मिली, तो लोग खुले में ही चिता सजाकर शव जलाने लगे। श्मश्ान में जगह नहीं रहने की वजह से मुक्तिधाम के सामने की सड़क पर वाहनों की पार्किंग में ही शव रखकर अंतिम क्रिया करने लगे। हालात ऐसे हो गए कि देर शाम मुक्तिधाम में कई लोग शव लेकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। शव जलाने के लिए अब लोगों को निगम-प्रशासन से गुहार लगानी पड़ रही है। अंतिम संस्कार से पहले विधि-विधान भी नहीं हो रहे।

स्टाफ रिपोर्टर, शिमला

हिमाचल सरकार ने एचपीएस कैडर अधिकारियों के तबादले किए हैं, जिसमें कुछ को नई नियुक्तियां, जबकि कुछ को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। नई दिल्ली हिमाचल भवन में डिप्टी रेजिडेंट कमिशनर का कार्यभार संभाल रहे 2012 बैच के एचपीएएस विवेक महाजन को नाहन में एसडीएम पद पर तैनाती दी गई है। वह 2016 बैच के एचपीएएस रजनीश कुमार को रिलीव करेंगे। इसके अलावा 2015 बैच के एचपीएएस पंजक कुमार, जोकि मंडी में जिला पर्यटन अधिकारी का कार्यभार देख रहे थे, उन्हें हिमाचल भवन दिल्ली में डिप्टी रेजिडेंट कमिशनर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा 2015 ही बैच के एचपीएएस कुलदीप सिंह पटियाल, जोकि एसी टू डीसी मंडी जिला में कार्यरत है, उन्हें जिला पर्यटन अधिकारी मंडी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। वहीं स्टेट एग्रीक्ल्चर मार्केटिंग बोर्ड के एमडी 2007 एचपीएएस के नरेश ठाकुर को कृषि विभाग के डायरेक्टर के पद का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है।

 इसके अलावा हिमाचल सरकार ने दो आईएएस अधिकारियों और एक एचएएस अधिकारी को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार के अवकाश पर होने की वजह से सरकार ने राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी धीमान को गृह तथा जनजातीय विकास विभाग के प्रधान सचिव ओंकार चंद शर्मा को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सचिव का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। प्रदेश कृषि विभाग के निदेशक बीते 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो गए थे। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद से यह पद खाली पड़ा हुआ था। सोमवार को सरकार ने विपणन बोर्ड के प्रबंध निदेशक के पद पर कार्यरत एचएएस अधिकारी नरेश कुमार को कृषि विभाग के निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया।

फाइटर जेट की खरीद में भ्रष्टाचार के आरोप पर अर्जेंट सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

दिव्य हिमारचल ब्यूरो, नई दिल्ली

फ्रांस से मिले सबसे उन्नत फाइटर जेट राफेल की डील फिर विवादों में है। सौदे में भ्रष्टाचार को लेकर फ्रांस की वेबसाइट मीडिया पार्ट के खुलासे के बाद सुप्रीम कोर्ट में नई पीआईएल दायर की गई है। वकील एमएल शर्मा ने नई याचिका दाखिल कर सुप्रीम कोर्ट से स्वतंत्र जांच की मांग की है। चीफ  जस्टिस एसए बोबडे ने कहा कि अदालत इस मामले पर अर्जेंट सुनवाई करेगी, हालांकि उन्होंने इसके लिए किसी तारीख का जिक्र नहीं किया। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दो साल पहले कोर्ट की निगरानी में राफेल डील की जांच की मांग से जुड़ी सभी याचिकाएं खारिज कर दी थीं। 14 दिसंबर, 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने इस सौदे की प्रोसेस और पार्टनर चुनाव में किसी तरह के फेवर के आरोपों को बेबुनियाद बताया था।

गौरतलब है कि फ्रेंच भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी एएफए की जांच रिपोर्ट के हवाले से प्रकाशित खबर के मुताबिकए डसॉल्ट एविएशन ने कुछ बोगस नजर आने वाले भुगतान किए हैं। कंपनी के 2017 के खातों के ऑडिट में पांच लाख आठ हजार 925 यूरो (4.39 करोड़ रुपए) क्लाइंट गिफ्ट के नाम पर खर्च दर्शाए गए। इतनी बड़ी रकम का कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया। मॉडल बनाने वाली कंपनी का मार्च 2017 का एक बिल ही दिखाया गया है। एएफए के पूछने पर डसॉल्ट एविएशन ने बताया कि उसने राफेल विमान के 50 मॉडल एक भारतीय कंपनी से बनवाए। इन मॉडल के लिए 20 हजार यूरो (17 लाख रुपए) प्रति नग के हिसाब से भुगतान किया गया। हालांकि ये मॉडल कहां और कैसे इस्तेमाल किए गए, इसका कोई सबूत नहीं दिया गया।

कांग्रेस ने पूछे थे सवाल

मामले को लेकर कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि जो क्लाइंट गिफ्ट डसॉल्ट के ऑडिट में दिखा रहा है, क्या वह राफेल डील के लिए बिचौलिये को कमीशन के तौर पर दिए गए थे। जब दो देशों की सरकारों के बीच रक्षा समझौता हो रहा है, तो कैसे किसी बिचौलिये को इसमें शामिल किया जा सकता है। इस मामले की जांच हो और प्रधानमंत्री इस पर जवाब दें।

कोरोना के खतरे के बीच जारी होगी नई एसओपी, कोई उद्योग बंद नहीं होने देगी हिमाचल सरकार

शकील कुरैशी, शिमला

सात राज्यों से आने वाले लोगों पर जिस तरह से कोरोना बंदिशें लागू की जा रही हैं, उसमें इंडस्ट्रीयल लेबर भी शामिल होगी। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि सरकार औद्योगिक लेबर पर भी शर्तों को लागू कर सकती है। राज्य में बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से मजदूर आते हैं, जिसमें इंडस्ट्रीयल लेबर भी शामिल है। इसके अलावा कृषि, बागबानी के लिए भी मजूदर यहां आते हैं। हालांकि सरकार उनको रोकना नहीं चाहती, मगर उन पर बंदिशें लगाई जा सकती हैं, जिसके लिए एसओपी का इंतजार हो रहा है। डिजास्टर मैनेजमेंट की ओर से आने वाली एसओपी में ये सभी प्रावधान होंगे, मगर सरकार यहां पर उद्योगों को चालू रखेगी।

 उनको बंद नहीं किया जाएगा। राज्य के सीमावर्ती औद्योगिक क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब से रोजाना उद्योगों में काम करने के लिए श्रमिक आते-जाते हैं। प्रदेश सरकार ने उद्योगों में उत्पादन को बाधित होने से बचाने के लिए और मजदूरों की कोरोना से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी करने का निर्णय लिया है। जिसके तहत एक.दो दिनों के भीतर नई एसओपी जारी होने की उम्मीद है। उद्योग एवं परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह का कहना है कि प्रदेश में कोई भी उद्योग बंद नहीं होने दिया जाएगा। सावधानियां बरतते हुए उद्योगों में उत्पादन भी होगा और औद्योगिक श्रमिकों को भी संक्रमण से सुरक्षित रखा जाएगा। उनका कहना है कि दूसरे राज्यों से प्रदेश के सीमावर्ती औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने के लिए तीन राज्यों से श्रमिक आते हैं। अभी तक संक्रमण के दृष्टिगत राज्य से मजदूरों के पलायन का कोई मामला सामने नहीं आया है।

इस तरह के नियम बनाए जाएंगे, ताकि औद्योगिक मजदूरों को भी किसी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह का कहना है कि विभाग दूसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी करने के लिए तैयार है। कोरोना सक्रमण के बढ़ते मामलों के दृष्टिगत ही दस हजार करोड़ की ग्राउंड ब्रेकिंग होगी। इससे पहले सरकार ने ऐसे ही हालात में 13 हजार करोड़ की पहली ग्राउंड सेरेमनी की थी। कोरोना संक्रमण से बचाव के एहतियाती उपाय अपनाते हुए सब कार्य पूरी सतर्कता से किए जाएंगे। सरकार का प्रयास रहेगा कि पूरी सावधानियों के साथ औद्योगिक श्रमिक काम करते रहेंगे। बता दें कि यहां उद्योगों के अलावा जो दूसरे मजदूर आते हैं, उनको लेकर भी प्रावधान किया जाएगा, क्योंकि उनकी भी काफी ज्यादा संख्या रहती है।