…और याद आई पाक के वसीम अकरम की गेंद

नई दिल्ली - मार्च 25, 1992 ऑस्ट्रेलिया का मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड, जहां एक ओर तीसरी बार फाइनल में पहुंची इंग्लैंड की टीम, तो दूसरी ओर इमरान खान की पाकिस्तानी टीम। फाइनल में पहुंचने वाले दूसरी एशियाई टीम। पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बनाए छह विकेट पर 249 रन। इमरान और जावेद मियांदाद ने लगाई हाफ सेंचुरी। वहीं इंग्लैंड की पारी के 34 ओवर पूरे हो चुके थे। जीत के लिए उसे 96 गेंदों पर चाहिए थे 112 रन। और ये 112 रन उसे पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बना सकते थे। मैच पाकिस्तान की पकड़ से निकलता दिख रहा था।  तभी कप्तान इमरान खान गेंद वसीम अकरम को थमाई। अकरम ने पांच ओवर बोलिंग की थी और वे एक बार फिर दम लगाकर फेंकने को तैयार थे। वह पहले बॉथम को विकेट के पीछे कैच करवा चुके थे और उनके हौसले बुलंद थे। 35वें ओवर में नील फेयरब्रदर ने पहली चार गेंद पर तीन रन जोड़े। गेंद अब होने लगी थी रिवर्स स्विंग, यानी उलटबांसी शुरू। ओवर की पांचवीं गेंद। अकरम ने दाएं हाथ के बल्लेबाज एलन लैंब को ओवर दि विकेट से हटकर राउंड द विकेट फेंकने का फैसला किया। इस गेंद को तो क्रिकेट के इतिहास में लंबे समय तक याद किया जाएगा। ऐसी गेंद जिसकी गिनती असंभव में होती है। यह गेंद अंदर आई और आखिरी लम्हे में रिवर्स हो गई। लैंब देखते ही रह गए और गेंद ऑफ स्टंप से जा टकराई। अकरम ने इसके बाद भी अपना जलवा कायम रखा। क्रिस लुईस क्रीज पर उतरे। लुईस ने अकरम की पिछली गेंद देखी थी। उन्होंने अकरम की चाल को समझने की कोशिश की। गेंद जो टप्पा खाने के बाद बाहर निकलेगी। अब अकरम यूं ही उस्ताद गेंदबाज नहीं। अकरम ने रन-अप पर दौड़ लगाई और लुईस ने खुद को बाहर जाती गेंद के लिए सेट किया। पर वसीम ने ऐंगल लेते हुए गेंद को अंदर लाने का कारनामा किया। लुइस भौंचक रह गए। गेंद इनस्विंगर थी और इसके लिए तैयार न थे।  गेंद विकेट के अंदरूनी हिस्से से टकराई। मेलबर्न के मैदान में बैठे 87000 दर्शकों को अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ। इंग्लैंड की पूरी टीम 227 रन पर आउट हो गई। पाकिस्तान ने पहली बार वर्ल्ड कप जीता। अकरम ने 49 रन देकर तीन विकेट लिए। इससे पहले अकरम ने बल्ले से भी कमाल किया था। सिर्फ 18 गेंदों पर 33 रन बनाकर उन्होंने पाकिस्तान को चुनौतीपूर्ण लक्ष्य तक पहुंचाया।

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