Friday, August 14, 2020 07:29 AM

कंगारू डस्टबिन की खरीद पर सवाल

ज्वालामुखी –प्रदेश सरकार जहां नगर परिषदों को स्वच्छ बनाने के लिए प्रयासरत है, वहीं जनता के धन से कंगारुनुमा डस्टबिनों की नगर परिषद ज्वालामुखी में  खरीद पर सवाल उठना शुरू हो गए है। ज्वालामुखी शहर में एक लिटिलबिन नप ने सात हजार 700 रुपए का खरीदा और कुल 24 डस्टबिन शहर में लगाए जिनकी एक लाख 84 हजार 800 रुपए की अदायगी ठेकेदार को कर दी गई। इसके अलावा इन लिटिलबिन की कूड़े की क्षमता 15 लीटर बताई गई है। स्थानीय दुकानदार सूक्ष्म सूद ने कहा कि नप ने लाखों रुपए की खरीद के इन  डस्टबिन की कोटेशन के लिए समाचार पत्रों में नोटिस प्रकाशित क्यों नहीं किए। नप के अधिकारियों पर नप प्रधान को लाखों की खरीद में  विश्वास में न लेने और डस्टबिन की खरीद की ठेकेदार को पेमेंट करने के बाद प्रधान को कोटेशन पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया, लेकिन प्रधान भावना सूद ने कोटेशन पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। नगर परिषद अध्यक्ष भावना सूद ने इस मामले की उनको किसी प्रकार की जानकारी न होने की बात की है और इस मामले की जांच की मांग की है। वही, दूसरी ओर ज्वालामुखी के वार्ड नंबर पांच के पार्षद ने इस घटना को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि इन डस्टबिन की खरीद के लिए नगर परिषद ने प्रधान भावना सूद की अध्यक्षता में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था और सबकी सहमति से ही ये डस्टबिन लिए गए थे। उन्होंने कहा कि नगर परिषद ज्वालामुखी में करोड़ों के प्रोजेक्ट के लिए पैसा हमारे पास है, परंतु काम नहीं होने देने की नीति कुछ पार्षदों ने बनाई गई ह, जिससे कई बड़े प्रोजेक्ट फंसे पड़े हैं। अधिकारी हमारी आपसी लड़ाई देखकर काम करने में असमर्थ हो जाते हैं। इस संदर्भ में नगर परिषद ज्वालामुखी की कार्यकारी अधिकारी कंचन बाला ने कहा कि शहरी विकास विभाग शिमला से इन डस्टबिन के  लिए पैसा आया था और एनजीटी की गाइडलाइंस के अनुसार इनको खरीदा गया है। हिमाचल सरकार के ही उपक्रम हिमुडा से क्वालिटी व रेट अपू्रव हैं। नगर परिषद ने बाकायदा प्रस्ताव पारित कर इनकी खरीदारी की है। ऐसे में इस तरह के आरोप सरासर संस्थान व हाउस का अपमान है। नगर परिषद ने जो भी खरीदारी की है, वो सरकार के निर्देश पर उत्तम क्वालिटी के सामान की ही की है।

The post कंगारू डस्टबिन की खरीद पर सवाल appeared first on Himachal news - Hindi news - latest Himachal news.