Friday, December 06, 2019 09:45 PM

कई देश घूमे…भारत जैसा कोई नहीं

राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से मुलाकत के दौरान बोले धर्मगुरु दलाईलामा

धर्मशाला   -  राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने सोमवार को धर्मशाला में दलाईलामा से मुलाकात की। बैठक में दलाईलामा ने भारत की प्राचीन संस्कृति, परंपरा, गौरवशाली इतिहास, विशेष रूप से हिमाचली लोगों से उनकी सुविधा पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत में अपने लगभग 60 वर्षों के निर्वासन के दौरान उन्होंने कई देशों का दौरा किया है, लेकिन वह भारत की प्राचीन परंपरा और अहिंसा और करूणा के संदेश से बहुत प्रभावित हैं, जिसकी आज दुनिया को सबसे ज्यादा जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारतीय ज्ञान मानसिक शांति प्रदान करने में सहायक है, इसलिए प्राचीन भारतीय संस्कृति को आधुनिक ज्ञान के साथ जोड़ना महत्त्वपूर्ण है, ताकि बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकें। दलाईलामा ने कहा कि वह इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं और उन्होंने राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में छह महीने का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया है। जो प्राचीन भारतीय ज्ञान, अध्यात्मिकता और भारतीय दर्शन पर आधारित है। भविष्य में शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण का एक कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति वैज्ञानिक पहुंच पर आधारित है। उन्होंने भारत को गुरु और तिब्बत को भारत का श्रेष्ठ अनुयायी बताया। इस अवसर पर राज्यपाल ने देशभर में रह रहे तिब्बती समुदाय के कल्याण और विकास की जानकारी प्राप्त की।

तिब्बती संसदीय सचिवालय पहुंचे राज्यपाल

राज्यपाल ने तिब्बती संसदीय सचिवालय का भी दौरा किया और अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष से भेंट की। इससे पूर्व, केंद्रीय तिब्बती प्रशासन सीटीए के कार्यवाहक अध्यक्ष कालोन वेन कर्मा गैलेक यूथोक ने काशग, तिब्बती मंत्रिमंडल ने राज्यपाल का स्वागत किया। कार्यवाहक अध्यक्ष कालोन वेन कर्मा गैलेक यूथोक गृह विभाग के कालोन सोनम टोपगयाल खोरलासांग, वित्त विभाग के कालोन फागपा, रक्षा विभाग के फागपा सेरिंग लबरांग, स्वास्थ्य विभाग के कालोन चैयकयोंग वांगचुक, काशग के सचिव सेज्ञाल चुकया द्रानयी, शिमला में तिब्बतेयन के मुख्य प्रतिनिधि तेनजिन नोरगु और धर्मशाला के बंदोबस्त अधिकारी ने सीटीए मुख्यालय में राज्यपाल का स्वागत किया।