Friday, October 18, 2019 11:37 AM

कटगांव पीएचसी का ग्रामीणों ने किया घेराव

भावानगर -किन्नौर जिले के यांगपा.2 गांव के नरेंद्र कुमार की मौत मामले को लेकर कटगांव पीएचसी का ग्रामीणों ने घेराव किया। ग्रामीणों ने अस्पताल के बहार जमकर नारे बाजी की। उसके बाद बीएमओ निचार ब्रहमजीत के माध्यम से सीएमओ किन्नौर को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में 15 दिन अल्टीमेटम दिया गया है। गौरतलब है कि 20 सितम्वर को सुबह 4 बजे यांगपा.2 निवासी नरेंद्र कुमार पुत्र देव चंद को उपचार के लिए कटगांव पीएचसी में प्राथमिक उपचार के लिए लाया गया था। जिसे अस्पताल में कोई भी स्टाफ नहीं होने के कारण प्राथमिक उपचार नहीं मिल पाया। नरेंद्र के परिजनों को मजबूरन उसे बिना प्राथमिक उपचार के कटगांव पीएचसी से छौलतू में उपचार के लिए ले जाना पड़ा। छौलतू में जेएसडब्लयू के अस्पताल में पंहुचते ही नरेंद्र की मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि नरेंद्र कुमार की मौत पीएचसी कटगांव प्रबंधन की लापरवाही के कारण हुई है। यदि कटगांव पीएचसी में उसे प्राथमिक उपचार मिल जाता तो उसकी मौत नहीं होती। ग्रामीणों के साथ धरने में सीटू जिलाध्यक्ष दिनेश नेगीए उपाध्यक्ष सुख राम और महासचिव मदन नेगी उपस्थित रहे। सीटू नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नरेंद्र की मौत कटगांव पीएचसी में प्राथमिक उपचार नहीं मिलने के कारण हुई है। नरेंद्र कुमार के दो छोटे.छोटे बच्चे और पत्नी हैं। उसकी मौत कटगांव पीएचसी की लापरवाही के कारण हुई है। अस्पताल प्रबंधन उसकी मौत को जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि मृत्तक के परिजनों को 20 लाख रूपये की राशि मुआवजे के तौर पर दी जाए। और उसकी पत्नी को स्थाई रूप से सरकारी नौकरी दी जाए। इस पीएचसी में इंडोर फैसिलिटी सेवाएं दी जाएं और रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की जाएं। उन्होंने कहा कि जब नरेंद्र को अस्पताल लाया गया था तो चिकित्सक वहां मौजूद नहीं था। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग चिकित्सक को तुरंत निलंबित करें। यदि 15 दिन के भीतर उनकी मांग को पूरा नहीं किया गया तो समस्त भावावैली के लोग धरने पर उतरेंगे। इस मौके पर प्रधान ग्राम पंचायत कटगांव पदम चारसए पूर्व प्रधानन कृष्ण प्रकाश नेगीए उपप्रधान देव नेगीए समाज सेवी दौलत राम नेगीए ठाकुर दास नेगी, मनसा राम सहित कई लोग मौजूद रहे। इस बारे में बीएमओ निचार डा. ब्रहमजीत ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन को तुरंत विभाग को भेजा जाएगा। प्राथमिक उपचार नहीं दिए जाने मामले में कोताई पाई गई तो दोषी के खिलाफ  सख्त कार्रवाई  की जाएगी।