कड़क धूप में चलता हूं इस यकीन के साथ…

पीटरहॉफ में ‘दिव्य हिमाचल’ के प्रधान संपादक अनिल सोनी ने सरकार, हस्तियों से साझा किए विचार

शिमला  - कड़क धूप में चलता हूं इस यकीन के साथ, मैं जलूंगा, तो मेरे घर में उजाला होगा। इन पंक्तियों के साथ अपने संबोधन की शुरुआत में ‘दिव्य हिमाचल’ मीडिया गु्रप के प्रधान संपादक अनिल सोनी ने पीटरहॉफ में उपस्थित जनसमूह को सोचने पर मजबूर कर दिया। इस मंच पर सरकार साथ थी, वहीं, हिमाचल के निर्माता इंजीनियर्स के अलावा कई क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोग मौजूद थे। इन सभी वर्गों को उपरोक्त पंक्तियों से एक ही बार में अनिल सोनी ने संपूर्ण संदेश दे दिया। उन्होंने कहा कि उद्देश्यों में मजबूती हो, इरादों में बुलंदी हो और हिमाचल जैसा प्रदेश हो, जो कभी कमजोर था, मगर आज तरक्की की बुलंदियों पर पहुंच चुका है, इस पर हम सभी को गर्व है। उन्होंने कहा कि परिश्रम के साथ हमने इरादे बुलंद किए, तभी हिमाचल आज इस मुकाम तक पहुंचा है। इसमें ‘दिव्य हिमाचल’ मीडिया गु्रप का भी उतना ही हाथ है, जितना प्रदेश के दूसरे वर्गों का। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिमाचल प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर शालीनता की तस्वीर हैं। शालीनता जो पुरुष को युग पुरुष बना देती है। उन्होंने मुख्यमंत्री का व्यक्तिगत रूप से अभिनंदन करते हुए कहा कि जयराम ठाकुर ने राजनीति जैसे सख्त क्षेत्र को मुलायम बना दिया है। उन्होंने कहा कि हरेक क्षेत्र में हिमाचल के नायकों को पहचानने की जरूरत है। उन्होंने समारोह में पहुंचे सरकार के मंत्रियों का भी आभार जताया और कहा कि आज जिस गंभीर विषय पर चर्चा हुई, उसमें राजनीति से हटकर मंत्रियों के भी सरोकार बोले हैं। उन्होंने राजनीति की बात नहीं करते हुए हिमाचल की बात की है। उधर, कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों का आभार जताते हुए ‘दिव्य हिमाचल’ के प्रधान संपादक अनिल सोनी ने कहा कि कई सालों में हिमाचल प्रदेश ने विभिन्न क्षेत्रों में जो उपलब्धियां हासिल की हैं, उनसे हर हिमाचलवासी गौरवान्वित महसूस करता है, जिसमें समाज के हर क्षेत्र के व्यक्तियों ने अपना भरपूर सहयोग दिया है।

एक साथ शुरू हुआ सीएम और दिव्य हिमाचल का सफर

प्रधान संपादक अनिल सोनी ने कहा कि यह इत्तेफाक ही है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इससे पहले भी ‘दिव्य हिमाचल’ के कार्यक्रम में शिमला में ही मिले थे और उन्होंने तब याद दिलाया था कि एक नौजवान जो आज प्रदेश की बागडोर संभाल रहा है, उसका राजनीतिक सफर भी तभी शुरू हुआ, जब हिमाचल में ‘दिव्य हिमाचल’ का आगाज हुआ। दोनों के कदम एक साथ चले, जो इत्तेफाक ही है।

महिलाओं को शिक्षा देने वाले बृज बिहारी लाल बुटेल

हमारे एक और शिक्षा रत्न पुरस्कार के हकदार बने विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल, जो विशेष तौर पर इस सम्मान के लिए शिमला पहुंचे थे। महिला शिक्षा को समर्पित उनका संस्थान केएलबी डीएवी कालेज फॉर गर्ल्ज विशेष पहचान रखता है। अपनी स्वास्थ्यवर्धक जलवायु के साथ हरे-भरे चाय बागानों की गोद में छिपा यह कालेज पढ़ने के लिए एक आदर्श स्थान है। विभिन्न संकायों में लड़कियों को शिक्षा प्रदान करने के लिए अग्रणी संस्थान, ज्ञान और महिला सशक्तिकरण का एक प्रतीक है। संस्थान ने हिमाचल प्रदेश और आसपास के राज्यों के शिक्षा क्षेत्र में रचनात्मक और सार्थक योगदान दिया है। कालेज की प्रबंध कमेटी के पहले अध्यक्ष स्व. कन्हैया लाल बुटेल, स्व. बंसी लाल बुटेल, स्व. कुंज बिहारी लाल बुटेल और वर्तमान अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल कृतज्ञता की गहरी भावना दर्ज करने की इच्छा रखते थे।

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