Tuesday, February 18, 2020 06:56 PM

कफोटा स्कूल के बच्चे नहीं बन पाएंगे वैज्ञानिक-सीए

पांवटा साहिब - प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अविस्मरणीय विकास और गुणात्मक शिक्षा के दावे करती है, लेकिन धरात्तल पर यह दावे फुस्स होते नजर आते हैं। विशेषकर दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों में स्टाफ की भारी कमी के चलते बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है, लेकिन लगता है कि सरकार को सिर्फ कागजी और हवाई बातें करनी हैं। जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र का राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कफोटा पिछले कई सालों से स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है, लेकिन सरकार है कि यहां पर स्टाफ मुहैया करवाने की सुध नहीं ले रही है। यही कारण है कि मौजूदा सत्र में स्कूल में विज्ञान संकाय में जहां जमा एक और जमा दो में छात्रों की संख्या शून्य हो गई है। वहीं कॉमर्स संकाय में जमा दो कक्षा में एक भी बच्चा नहीं है, जबकि जमा एक में चार-पांच बच्चों ने इस उम्मीद से दाखिला लिया था कि सत्र के दौरान कोई न कोई शिक्षक उन्हें पढ़ाने पहुंच जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यानी कि सरकार की अनदेखी के चलते क्षेत्र के मेधावी न तो भविष्य में वैज्ञानिक बनने की राह पर आगे बढ़ सकते हैं और न ही सीए बनने का सपना देख सकते हैं। दोनों संकाय में एक भी प्रवक्ता स्कूल में तैनात नहीं है, जिस कारण बच्चों ने उक्त विषय लेने ही बंद कर दिए हैं। गत दिनों एसएमसी की बैठक आयोजित हुई तो शिक्षा विभाग की अनदेखी पर रोष प्रकट किया गया। जानकारी के मुताबिक शिलाई विधानसभा के केंद्र कफोटा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कफोटा में वर्तमान शैक्षणिक सत्र में 343 छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन समिति व शिक्षा संवाद के अंतर्गत गत 14 जनवरी को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कफोटा में आयोजित बैठक में भी यह मुद्दा फिस से गूंजा और सरकार के प्रति अनदेखी करने पर रोष प्रकट किया गया। एसएमसी अध्यक्ष दाता राम शर्मा, कार्यकारी प्रधानाचार्य दिनेश शर्मा तथा हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत उपाध्यक्ष विजय कंवर एवं अन्य अभिभावकों ने सरकार व विभाग से रिक्त पदों को शीघ्र-अतिशीघ्र भरवाने का आग्रह किया है, ताकि ग्रामीण व दुर्गम क्षेत्रों में भी बच्चों को विज्ञान, वाणिज्य व सूचना प्रौद्योगिकी की शिक्षा एवं गुणात्मक शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिल सके। इस अवसर पर प्रवक्ता अर्थशास्त्र कबूल पुंडीर, प्रवक्ता इतिहास सुरेश कुमार, अभिभावक सुरेश शर्मा, रघुवीर सिंह, बबीता चौहान, संतोष, प्रताप चौहान आदि भी मौजूद रहे।