Tuesday, June 15, 2021 12:09 PM

कफ्र्यू ने बंद करवाया भुंतर बाजार, ग्राहक नदारद

कोविड प्लान में गैर-सरकारी संस्थाओं को न जोडऩे पर नीति आयोग नाराज, उपायुक्तों को जारी किए निर्देश

स्टाफ रिपोर्टर- भुंतर कोरोना संक्रमण के संकट को कम करने के मिशन की प्लानिंग से गैर-सरकारी संस्थाओं को आउट करने पर नीति आयोग नाराज है। नीति आयोग ने सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी कर गैर-सरकारी संस्थाओं को कोविड-19 से निपटने के अभियान में जोडऩे और इसके लिए विशेष एनजीओ को-आर्डिनेशन केंद्र सभी प्रकार की सुविधाओं सहित स्थापित करने व एक नोडल अधिकारी तैनात करने के फरमान देते हुए रिपोर्ट देने को कहा है। लिहाजा, जो गैर-सरकारी संस्थाएं कोविड-19 आपदा से लडऩे में सरकार का साथ देने की क्षमता रखती हैं, उन्हें भी अहम जिम्मा अब मिलने वाला है। बता दें कि प्रदेश में भी अब तक जो दिशा-निर्देश कोविड-19 के संकट से उबरने के लिए दिए गए हैं, उसमें भी गैर-सरकारी संस्थाओं को खास जिम्मेदारी नहीं दी गई है। प्रदेश में राज्य व हर जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन इंटर एजेंसी समूहों को भी बनाया गया है, लेकिन इनके साथ भी कोई को-आर्डिनेशन नहीं दिख रहा है। जानकारी के अनुसार पांच मई को नीति आयोग के तहत पंजीकृत गैर-सरकारी संस्थाओं के साथ ऑनलाइन बैठक आयोग ने की है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में संस्थाओं ने कोविड-19 से निपटने की योजना में संस्थाओं की उपेक्षा का मामला उठाया था। जानकारी के अनुसार इसी पर आयोग ने सख्त नाराजगी जाहिर की है और गुरुवार को नए दिशा-निर्देश सभी उपायुक्तों को जारी किए हैं।

इन निर्देशों के अनुसार को-आर्डिनेशन मैकेनिजम स्थापित करने को कहा गया है जो ग्रास रूट से जिला स्तर पर कार्य करेगा। संस्थाओं को अस्पताल सुविधा, बैड के लिए मदद, ऑक्सीजन सुविधा प्रदान करने, ऑक्सीजन सप्लाई व ऑक्सीजन बैंक तैयार करने, एंबुलेंस सुविधा, अस्पताल के वेटिंग क्षेत्र में सुविधा जुटाने, होम आइसोलेशन और गरीब व विशेष जरूरत वाले लोगों को भोजन, अनाथ बच्चों की देखभाल, मनोसामाजिक व मेडिकल काउंसिलिंग, वैक्सीनेशन अभियान व मदद, शवों को दफनाने या जलाने तथा अन्य सेवाओं का सहयोग लेने को कहा गया है। इसके अलावा सरकार के निर्देशों को समझाने व प्रसार, सूचनाओं, कोविड उपयुक्त व्यवहार, टेस्टिंग, आइसोलेशन, इलाज तथा कोविड उपरांत देखभाल सहित जिला स्तर पर कोविड प्रबंधन हेतु मजबूत डाटा बेस तैयार करने तथा अन्य मसलों से संबंधित जिम्मा देने को कहा गया है। एनजीओ को-आर्डिनेशन केंद्र में सभी प्रकार की सुविधाओं के अलावा संस्थाओं की ओर से नामित पूर्ण कालिक कॉडिनेटर भी सेवा देगा। एनडीएमए के जॉइंट एडवायजर नवल प्रकाश द्वारा जारी पत्र के अनुसार यह केंद्र कोविड के अलावा भविष्य में अन्य आपदाओं के दौरान भी सेवा देता रहेगा।

निजी संवाददाता — कुल्लू जिला कुल्लू में कोरोना कफ्र्यू के दौरान नियमों का पालन करने के लिए जिला भर में 76 पुलिस जवान और 115 होमगार्ड जवान अपनी सेवाएं देंगे। इस दौरान कंटेनमेंट जोन, कोविड सेंटर, शादी-समारोह में जाकर जांच करेंगे। इसके अलावा 30 रुस्तम टीम के स्वयंसेवी युवा युवतियां भी पुलिस के कार्य में सहयोग कर रही हैं। लगातार जिला कुल्लू पुलिस नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान कर रही है। कोरोना कफ्र्यू के दौरान शहर में एक जगह पर पांच से अधिक लोग एकत्र नहीं हो सकते हैं।

इस दौरान पुलिस बल और होमगार्ड के जवान तैनात रहेंगे। शाम छह बजे के बाद शहर में दवा की दुकानों के अलावा कोई भी दुकानें खुली नहीं रख सकेंगे। इस दौरान पुलिस जवान तैनात रहेंगे। अकसर शादी समारोह में लोग नियमों का पालन नहीं करते हैं और इससे कोरोना के मामलों में इजाफा हो रहा है। जिला कुल्लू के चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात होंगे। बिना बजह से घरों से बाजार की ओर रूख करने वालों पर भी नकेल कसी जाएगी। वहीं, शुक्रवार को यहां मनाली सहित विभिन्न जगहों पर पुलिस टीम ने जहां लोगों को जागरूक किया। उधर, गौरव सिंह पुलिस अधीक्षक कुल्लू ने कहा कि जिला कुल्लू में कोविड के नियमों का पालन करने के लिए जवान तैनात कर दिए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बिना मास्क बाजारोंं में न निकले।

स्टाफ रिपोर्टर — भुंतर कोरोना संक्रमण के फिर से बढ़ते संकट के बीच दस दिनों का कफ्र्यू शुक्रवार से आरंभ हो गया है। सरकार की बंदिशों के चलते जिला कुल्लू का भुंतर बाजार भी पूरी तरह से बंद रहा और सन्नाटा यहां पर पसरा। हालांकि सरकार के निर्देशों के बाद यहां पर दैनिक जरूरतों व मेडिकल के अलावा अन्य सेवाएं देने वाले दुकानदारों की दुकानें खुली रहीं, लेकिन बाजार से रौनक गायब हो गई है। शहर में इसके कारण दिन भर सन्नाटा पसरा रहा तो पुलिस की नजर भी यहां पर रही, वहीं दूसरी सरकारी व्यवस्था भी इस दौरान बंद रहने के कारण लोग घरों में ही डटे रहे। अब आने वाले दस दिनों में भी इसी प्रकार के हालात देखने को मिलेंगे। कोरोना के बढ़ते संक्रमण ने सरकार को चिंता में डाल दिया है तो लोगों को भी अब इसके कारण ंिचंता हो रही है।

लिहाजा, सरकार ने अपनी बंदिशों को बढ़ाते हुए दस दिनों के लिए कफ्र्यू लगाया है। इस दौरान बाजार बंद रहेंगे तो सरकारी कार्यालय भी बंद रहेंगे। हालांकि जरूरी सेवाएं इस दौरान जारी रहेंगी। अधिकतर सेवाओं के बंद रहने के कारण घाटी के लोग घरों में ही डेरा डाल रहे हैं और केवल जरूरी काम के लिए ही बाजार में पहुुंच रहे हैं। शादी की खरीददारी के लिए बाजार में पहुंचने वालों की भीड़ भी इसके कारण खत्म हो गई है। दूसरी ओर कारोबारियों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही मांग की है कि दस दिनों के लिए सभी सेवाओं को बंद किया जाना चाहिए, जिससे संक्रमण की चेन पूरी तरह से टूट सके। उधर, शहर में कोरोना संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए नगर पंचायत ने भी विशेष कदम उठाने आरंभ किए हैं। नगर पंचायत की प्रधान मीना ठाकुर ने बताया कि कफर््यू के दौरान नियमों की पालना हो, इसके लिए सभी पार्षदों के सहयोग से मिलकर सभी को जागरूक भी किया जा रहा है।