कबड्डी खेल की शुरुआत

कबड्डी एक सामूहिक खेल है जो प्रमुख रूप से भारत में खेला जाता है। कबड्डी नाम का प्रयोग प्रायः उत्तर भारत में किया जाता है। इस खेल को दक्षिण भारत में चेडुगुडु और पूरब में हु तू तू के नाम से भी जानते हैं। भारत के साथ पड़ोसी देशों में भी कबड्डी बड़े पैमाने पर खेली जाती है। 1918 में कुछ सामान्य नियम बनाए गए और कुछ प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। लेकिन कबड्डी के नियमों के औपचारिक गठन और प्रकाशन का ऐतिहासिक कदम सन् 1923 में भारतीय ओलिंपिक संघ के तत्वावधान में उठाया गया। इस स्वदेशी खेल का पहला अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शन एक खेल संगठन हनुमान व्यायाम प्रसारक मंडल ने 1936 के बर्लिन ओलिंपिक में किया। लगभग 1938 में पहली प्रतियोगिता कलकत्ता ,वर्तमान कोलकाता, के टाला बागीचे में आयोजित की गई। 1950 में भारतीय कबड्डी महासंघ की स्थापना हुई। पुरुषों के लिए पहली राष्ट्रीय प्रतियोगिता 1952 में मद्रास वर्तमान चेन्नई में आयोजित की गई, जबकि महिलाओं की पहली राष्ट्रीय प्रतियोगिता 1955 में कलकत्ता में हुई। 1972 गैर व्यावसायिक कबड्डी संघ मेच्योर कबड्डी फेडरेशन की स्थापना हुई। 1985 से इसे दक्षिण एशियाई संघीय खेलों में शामिल कर लिया गया। 1990 में बीजिंग में हुए एशियाई खेलों में कबड्डी ने एक प्रतियोगी खेल के रूप में पदार्पण किया।

 

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