Wednesday, October 23, 2019 08:13 AM

कब बनेगा महिलाओं के लिए होस्टल

पांवटा साहिब—औद्योगिक नगर पांवटा साहिब में कामकाजी महिलाओं के लिए होस्टल निर्माण की योजना पूरी तरह से ठंडे बस्ते में डल गई है। चार साल पूर्व तत्त्कालीन जिलाधीश सिरमौर ने पांवटा प्रशासन को प्रस्तावित महिला होस्टल निर्माण के लिए भूमि चयन के आदेश दिए थे, परंतु इस योजना पर फिलहाल कोई कार्य होता नहीं दिख रहा है, जिससे कामकाजी महिलाओं की दिक्कतें कम नहीं हो रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक पांवटा साहिब में इस समय सैकड़ों छोटे-बड़े उद्योगों में सैकड़ों महिला कामगार कार्य कर रही हैं। इसके अतिरिक्त भी पांवटा साहिब मंे विभिन्न कंपनियों के आफिसों में व शोरूम से सैकड़ों महिला व युवती कामगार कार्य करती हैं। इनमें से 80 फीसदी महिलाएं व युवतियां गिरिपार क्षेत्र समेत बाहरी राज्यों से पांवटा रोजगार के लिए आई हुई हैं। पांवटा साहिब मंे पिछले कुछ सालों से रिहायश के दाम आसमान छू गए हैं। कमरों के किराए में अप्रत्याशित वृद्धि और असुरक्षा की भावना में महिलाएं पांवटा साहिब में रहती हैं। कामकाजी महिलाओं का कहना है कि यदि सरकार द्वारा उन्हें शहर के बीच कहीं सुरक्षित जगह पर होस्टल तैयार करवाकर दिया जाता है तो उनकी दिक्कतें कम हो जाएंगी। महिलाएं बताती हैं कि यदि उन्हें होस्टल की सुविधा मिलती है तो एक तो उन्हें महंगे किराए से छुटकारा मिलेगा दूसरा उनके अंदर सुरक्षा की भावना प्रबल होगी। गौर हो कि 2015 के मार्च माह में गोंदपुर के चैंबर हाउस में उद्योगपतियों की समस्या सुलझाने के उद्देश्य से हुई बैठक में यह मुद्दा उठा था जिस पर तत्त्कालीन जिलाधीश ने पांवटा प्रशासन को इसके लिए भूमि चयन करने का कार्य दिया था। उन्होंने कहा था कि उक्त प्रस्तावित होस्टल का निर्माण महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जाएगा।

शहर के बीच नहीं मिल रही भूमि

उधर, इस बारे एसडीएम पांवटा एलआर वर्मा ने बताया कि उक्त प्रस्तावित होस्टल के लिए प्रशासन द्वारा भूमि चयन की प्रक्रियाएं पूरी की जा रही है। उन्होंने बताया कि उक्त होस्टल के लिए पहले शहर के बाहर जमीन मिली थी, लेकिन वह शहर के मध्य कोई जमीन तलाश कर रहे हैं जिसमें समय लग रहा है। शहर के बीच कोई उपायुक्त भूमि नहीं मिल पा रही जिससे प्रक्रिया में समय लग रहा है। प्रयास जारी हैं।