Saturday, September 21, 2019 05:08 PM

कब होगा गुरु जी का दीदार

गगरेट -बच्चे को साइंस नहीं तो कम से कम कॉमर्स में ही दाखिला दिलाएं ताकि उसका कुछ भविष्य बन सके। दसवीं की परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को ऐसी सलाह देते हुए आपने भी किसी न किसी को तो जरूर सुना होगा। विद्यार्थियों को घरद्वार पर ही कामर्स की शिक्षा उपलब्ध हो इसे लेकर विधायकों ने भी अपने विधानसभा क्षेत्र के कई सरकारी स्कूलों में कॉमर्स की कक्षाएं शुरू करने की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं, जिन्हें सहर्ष मान भी लिया गया लेकिन अब हालात भयावह हैं। जिन सरकारी स्कूलों में कामर्स की कक्षाएं शुरू की गई हैं वहां कॉमर्स के प्रवक्ता ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में कामर्स संकाय में भविष्य तलाश रहे विद्यार्थियों का भविष्य ही दांव पर लग गया है लेकिन हुक्मरान इस चिंता को खूंटी पर टांग कर सत्ता सुख भोगने में ही व्यस्त प्रतीत हो रहे हैं। शैक्षणिक सत्र वर्ष 2019-20 का आधा साल निकल गया है लेकिन सरकारी स्कूलों में दस जमा एक व दस जमा दो में शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों को अभी गुरु जी के दीदार तक नसीब नहीं हो रहे हैं। जाहिर है कि जब सारा साल पढ़ाई ही नहीं होगी तो परीक्षा परिणाम क्या खाक आएगा?  राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कलोह में पीजीटी कॉमर्स के दो पद स्वीकृत हैं लेकिन दोनों पद अरसे से खाली हैं। राजकीय माडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल अंबोटा में भी पीजीटी कामर्स के दो पद स्वीकृत हैं, इनमें से एक पद रिक्त चला हुआ है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल गगरेट में पीजीटी कॉमर्स का एक, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल मवा सिंधियां में पीजीटी कॉमर्स का एक और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बढेड़ा राजपूतां में पीजीटी कॉमर्स का एक पद रिक्त चला हुआ है। उधर, शिक्षा उप निदेशक (सेकेंडरी) पीसी राणा का कहना है कि उन्होंने अभी-अभी यहां पद ग्रहण किया है। वह वस्तुस्थिति का पता कर जल्द इसकी रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को प्रेषित करेंगे।