Sunday, November 17, 2019 03:59 PM

करवाचौथ को हिमाचल में जबरदस्त क्रेज

महिलाओं की महाभीड़ के आगे छोटे पड़े बाजार; हार-श्रृंगार, मिठाईर्, करवे को दौड़, ब्यूटी पार्लर में उमड़ा सैलाव

शिमला — बुधवार को राजकीय कन्या महाविद्यालय में रोट्रक्ट क्लब आरकेएमवी के सौजन्य से आयोजित मेहंदी प्रतियोगिता में हिना सजाए छात्राएं

नेरचौक — करवाचौथ के उपलक्ष्य में बुधवार को बाजारों में दिनभर खूब चहल-पहल रही। इस दौरान खरीददारी करती महिलाएं

धर्मशाला - सुहाग की सलामती का संकल्प करवाचौथ का व्रत मनाने के लिए देवभूमि हिमाचल में पूरी तरह तैयार हो गई हैं। करवाचौथ की पूर्व संध्या पर बुधवार को प्रदेश भर के बाजार ग्राहकों से गुलजार रहे। इस दौरान मंदी की मार से मुरझाए दुकानदार भी महाभीड़ से खिलखिलाते नजर आए। हार-श्रृंगार, मिठाईर्, करवे, कपड़ों और ब्यूटी पार्लर में दिन भर उमड़े सैलाब ने त्योहारी सीजन में माहौल में चार चांद लगा दिए। राजधानी शिमला का मालरोड, लोअर बाजार, लक्कड़ बाजार और राम बाजार महिलाओं के आगे पूरी तरह से बौने नजर आए। यहां मेहंदी लगवाने के लिए ही घंटों इंतजार के बाद नंबर आया। वहीं इस खास पर्व के लिए सजी छोटी काशी मंडी की रौनक और बढ़ गई। यहां पर खरीददारी के लिए मारीमारी का माहौल रहा। सुंदरनगर, जोगिंद्रनगर, करसोग और सरकाघाट में जबरदस्त क्रेज देखा गया। उधर, कांगड़ा, धर्मशाला, बैजनाथ, पालमपुर, ज्वालामुखी और नूरपुर में बुधवार को महिलाएं जहां हाथों में हिना सजाने के लिए जुटी रहीं और इसके बाद खरीददारी के लिए चूल्हा चौका छोड़ मार्केट में डट गईं। इस बार गुरुवार को करवाचौथ व्रत के लिए 70 साल बाद बन रहे महायोग के कारण महिलाओं में कुछ ज्यादा ही उत्साह है। चांद के दीदार के लिए बेताब रहने वाली सुहागिनों के लिए मौसम विभाग भी राहत की खबर लाया है। विभाग का दावा है कि गुरुवार को आसमान पूरी तरह से साफ होगा और प्रदेश भर में आसानी से महिलाएं पूजा-अर्चना कर चांद को अर्ध्य देकर व्रत खोल सकती हैं। उधर, जानकारी मिली है कि गुरुवार को सवा आठ से लेकर साढ़े आठ बजे के बीच प्रदेश भर में चमकता हुआ चांद नजर आ जाएगा। करवाचौथ के लिए एक हफ्ता पहले पूरी शॉपिंग कर और हाथों में मेहंदी लगाकर महिलाएं पहले से ही तैयार थीं। अब जब आज यह दिन आया है तो अपने पति की दीर्घायु के लिए महिलाएं इस व्रत रख रही हैं। खास बात यह है कि यह व्रत युवतियों व नई नवेली दुल्हन के लिए भी काफी पवित्र है। वहीं, विवाहित व युवतियां चांद को अर्घ देकर व्रत कोे तोड़ेंगी। बाजार में चाहे कपड़े की खरीदारी करनी हो या कॉस्मेटिक, महिलाएं दिल खोलकर रुपए खर्च रही हैं।

क्लास में ही चढ़ गया करवाचौथ का रंग

एचपीयू के मॉडल स्कूल में टीचर्स को छात्राओं से मेहंदी लगवाना पड़ेगा महंगा

शिमला - हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के मॉडल स्कूल में एक दिन पहले ही करवाचौथ का पर्व मनाया गया। यहां मॉडल स्कूल की शिक्षिकाएं स्कूल समय में छात्राओं से मेहंदी लगाती नजर आईं। हैरानी तो इस बात की है कि स्कूल में कोई मेहंदी प्रतियोगिता या कोई और कार्यक्रम तक आयोजित नहीं किया गया था। बावजूद इसके यहां शिक्षिकाएं छात्राओं से मेहंदी लगाती देखी गईं। करवाचौथ से पहले समरहिल के मॉडल स्कूल में करवाचौथ पर छात्राओं द्वारा मेहंदी लगाने के पीछे महिला शिक्षिकाओं की क्या मंशा थी, यह तो कह नहीं सकते, लेकिन शिक्षा के मंदिर में जहां छात्राएं पढ़ने आती हैं, उन्हें पढ़ाने की बजाय अभी से ही ऐसे रंग में ढालना कहीं न कहीं गलत भी साबित हो सकता है। मामला एचपीयू कुलपति तक पहुंच चुका है। फिलहाल मॉडल स्कूल में बुधवार को कुछ महिला टीचर्ज की ऐसी तस्वीरें सामने आईं, जिसे देखकर लगता है कि स्कूल अब पढ़ाई-लिखाई से ज्यादा मौज-मस्ती और घरेलू कार्यों का मुख्य केंद्र बनता जा रहा है।