Wednesday, September 30, 2020 01:24 AM

कर्फ्यू तोड़ने पर 93 मामले दर्ज

शिमला - प्रदेश भर में लगे कर्फ्यू के दौरान 93 मामले दर्ज हुए हैं। कर्फ्यू लगने पर भी लोग घर से बाहर निकलने से बाज नहीं आ रहे हैं। हालांकि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में कर्फ्यू लगाया गया है, मगर लोग इसके बावजूद घर से निकल कर सड़कों पर उतर रहे हैं। लोगों की मनमानी देख कर पुलिस भी हरकत में आ गई है और लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। शिमला में पुलिस ने कर्फ्यू लगने के बाद कुल 12 एफआईआर दर्ज की हैं, जिसके तहत पुलिस ने 21 लोगो को गिरफ्तार किया है, गिफ्तार किए लोगों को पुलिस ने जमानत के बाद ही छोड़ा है। पुलिस ने गत मंगलवार को पांच बजे के बाद कर्फ्यू लगने पर सात एफआईआर और बुधवार को पांच एफआईआर सदर थाना शिमला में दर्ज की है। जिन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, उन्होंने सरकार और प्रशासन के आदेशों की अवहेलना की है और कर्फ्यू तोड़ा है। ये लोग पुलिस के समझाने के बाद भी नहीं माने। शहर के रिज, मालरोड छोटा शिमला, संजौली सहित अन्य जगहों पर देखने में आया कि लोग सड़कों पर पैदल चल रहे थे। ऐसे में पुलिस ने खदेड़ा और वापस घर भेजे। पुलिस ने कुछ लोगों को वार्निंग दी। कई लोग ऐसे थे, जो कि पुलिस को भी नहीं मान रहे थे। पुलिस ने उन्हें फिर बर्दाश्त नहीं किया। कर्फ्यू लगने के बाद राजधानी में पूरी तरह सन्नाटा छा गया है। कर्फ्यू के बाद सारी सड़कें खाली हैं। कुछ लोग हैं, जो कि नहीं मान रहे हैं। गाडि़यों की आवाजाही व लोगों का आगमन भी बंद किया है। पुराना बस स्टैंड में पुलिस की टुकडि़या लगातार गश्त कर रही हैं। सड़क पर ज्यादातर पुलिस ही दिख रही है। एसपी शिमला ओमापति जम्वाल ने कहा कि लोगों को निर्देश दिए हैं कि आदेशों की पालना करें। जो लोग घर से बाहर आने से नहीं मान रहे हैं, उन पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। लोगों से अपील की जाती है कि जब कर्फ्यू लगा है, तो घर से बाहर न निकलें। लोगों को पुलिस का सहयोग करना चाहिए।

बंद रही दवाइयों की दुकानें

शिमला में बुधवार को दवाइयों की दुकानें भी बंद रहीं, जबकि प्रशासन द्वारा जरूरी खाद्य वस्तुओं की दुकान ने खुली रखने के दावे किए गए थे। इसके अलावा पुलिस को अन्य दुकानें बंद करते हुए भी देखा गया।