Wednesday, December 11, 2019 05:22 PM

कल सम्मानित होंगे फ्रीडम फाइटर डंडू राम

भूख-हड़ताल पर डटे स्वतंत्रता सेनानी के घर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों का आश्वासन

घुमारवीं - सरकार की अनदेखी से आहत होकर खाना-पीना छोड़ने वाले कुठेड़ा के 93 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी डंडू राम से मिलने को प्रशासन मंगलवार को उनके घर पहुंचा। कार्यकारी उपायुक्त विनय धीमान, एसपी साक्षी वर्मा व एसडीएम घुमारवीं शशिपाल शर्मा ने स्वतंत्रता सेनानी के घर पर पहुंचकर उनकी व्यथा को सुना। उनसे सारा हाल जानने के बाद प्रशासन की ओर से स्वतंत्रता दिवस पर बिलासपुर में उन्हें सम्मानित करने का आश्वासन दिया। मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों के घर-द्वार पहुंचने के बाद स्वतंत्रता सेनानी डंडू राम ने भी खाना-पीना शुरू करने की हामी भर दी। जानकारी के मुताबिक अपमान से आहत कुठेड़ा के 93 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी डंडू राम ने भूख-हड़ताल शुरू कर दी थी। स्वतंत्रता सेनानी डंडू राम ने सरकार पर उनकी अनदेखी कर अपमान करने का आरोप लगाया था। उन्होंने बताया कि नौ अगस्त को राष्ट्रपति की ओर से सम्मानित करने के लिए उन्हें जिला प्रशासन से निमंत्रण पत्र प्राप्त मिला था, मगर दिल्ली पहुंचने पर राजभवन के अधिकारियों ने यह कह कर निराश किया कि शिमला से उन्हें सम्मानित करने का स्वीकृति पत्र जारी नहीं हुआ है। मामला ध्यान में आने के बाद मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वतंत्रता सेनानी के घर पर पहुंचकर स्वतंत्रता दिवस पर उन्हें सम्मानित करने की बात भी कही। डंडू राम ने भी हड़ताल समाप्त करने की बात कही।

अनदेखी से कांग्रेस नाराज

शिमला - प्रदेश कांग्रेस ने बिलासपुर जिला के 93 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी डंडू राम की भूख हड़ताल पर चिंता व्यक्त की है। कांग्रेस का कहना है कि स्वतंत्रता सेनानियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव या किसी भी स्तर पर उनका अपमान सहन नहीं किया जा सकता। कांग्रेस ने इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने स्वतंत्रता सेनानी से अन्याय पर हैरानी जताते हुए कहा है कि बीते पांच दिनों से भूख-हड़ताल पर बैठे स्वतंत्रता सेनानी की सुध न तो अभी तक जिला प्रशासन ने ली है और न ही सरकार ने। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा है कि स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित करने के न्यौते के बावजूद प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें कोई महत्त्व न देने से साफ है कि व्यवस्था किस ओर जा रही है। कांगे्रस अध्यक्ष ने इस संदर्भ में राज्यपाल कलराज मिश्र से स्वतंत्रता सेनानी को न्याय दिलाने की मांग की है।