Monday, September 23, 2019 01:45 AM

कश्मीर का बहू बाजार

नवेन्दु उन्मेष

स्वतंत्र लेखक

कश्मीर से धारा 370 क्या हटी कि वहां बहू  बाजार लग गया है और देश के कुछ नेता वहां से बहू लाने के फेर में लग गए हैं। ऐसा लगता है कि मानो जिस राज्य में वे रहते हैं वहां बहुओं की कमी हो गई हो। उन्हें लगने लगता है कि बहुएं सिर्फ  कश्मीर में ही मिलती है, अन्य जगहों पर तो बहुओं का अकाल हो गया है। हालांकि ऐसे नेताओं ने कभी रांची के बहू बाजार का दौरा नहीं किया, तब उन्हें पता चल जाता कि यहां भी बहुओं की कोई कमी नहीं है। इतना ही नहीं पटना में दुल्हन बाजार भी हैं जिसका दौरा कभी कश्मीर से बहू लाने की बातें करने वाले नेताओं ने नहीं किया। हालांकि कुछ दिनों पूर्व हरियाणा के कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा था कि वे बिहार से बहू लाएंगे। शायद धनखड़ को पता नहीं कि देश में ज्यादातर क्रांति का नेतृत्व बिहारियों ने ही किया है। वे एक बार बिहार पहुंच कर इस बात को कह कर देखें। फिर उन्हें पता चल जाएगा कि बिहारी बहू हरियाणा तक पहुंच पाती है या नहीं। अब तो कुछ लोगों ने गीत भी बजाना शुरू कर दिया है कि सारे रांडे खुश हो रै, बहू  कश्मीर से लानी सै। मुजप्फरनगर के खतौली के भाजपा विधायक विक्रम सैनी ने ऐलान किया कि जो कुंवारे हैं, उनकी शादी कश्मीर में करा देंगे। यही राग हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी गाया। उन्हें भी कश्मीरी बहू चाहिए। मेरी समझ में नहीं आया कि बुढ़ापे में क्या खट्टर महोदय अपने लिए कश्मीर में बहू तलाश रहे हैं या किसी और के लिए। हालांकि राहुल गांधी जैसा कुंवारा व्यक्ति खट्टर के बयान की आलोचना कर रहा है। अगर कश्मीर से बहू  लाने की बातें राहुल गांधी करते तो समझ में आता कि वास्तव में उन्हें एक कश्मीरी पत्नी की तलाश है। यहां तक कि उनके पूर्वजों के बारे में कहा जाता है कि वे कश्मीरी पंडित थे। लेकिन धारा 370 के खत्म होते ही भाजपा के कुछ नेताओं को लगने लगा है कि कश्मीर में बहू  बाजार खुल गया है और वे चट मंगनी और पट ब्याह की तर्ज पर वहां पहुंचकर बहू खरीद कर ले आएंगे। ऐसा जर्मनी के युवा भी करते हैं। विश्व में सबसे खूबसूरत बेनेजुएला की लड़कियां मानी जाती हैं। इस कारण जर्मनी के युवा बेनेजुएला के मैरिज ब्यूरो में अपना नाम दर्ज करा कर रखते हैं और जैसे ही उन्हें जानकारी मिलती है कि वहां कोई लड़की उनसे शादी के लिए तैयार हुई है वे तुरंत बेनेजुएला पहुंच जाते हैं और एक दिन में शादी करके जर्मनी वापस लौट आते हैं। जर्मनी में हाल यह है कि युवा शादी करके अपना घर बसा लेते हैं और उनके माता-पिता को इसकी भनक तक नहीं लगती। संप्रति,कश्मीर में जल्द ही बहू बाजार लगेगा और देश के विभिन्न हिस्सों से नेता वहां पहुंचेंगे बहू खरीदने के लिए। मेरा मानना है कि कश्मीर में अगर बहू बाजार लगे तो ऐसे नेताओं को डिस्काउंट अवश्य मिलना चाहिए जो कश्मीर से बहू लाने की बातें करने लगे हैं।