Wednesday, July 17, 2019 08:30 PM

कानूनगो आफिस में चल रही हरिपुर उपतहसील

भटेहड़ बासा-अधूरे शिलान्यास का जीता जगता उदाहरण देखना है तो हरिपुर चले आइये। जहां तत्कालीन मुख्य्मंत्री वीरभद्र सिंह ने अपने कार्यकाल में 15 फरवरी 2015 को उपतहसील हरिपुर का शिलान्यास किया था। लेकिन चार साल बीत जाने पर हरिपुर उपतहसील को अपना भवन नसीब नहीं हो पाया है। हरिपुर उपतहसील के अंतर्गत आने वाली पंचायतों के लोग यहां पर अपने कार्यों के लिए आ रहे हैं, लेकिन हालात इस कदर खराब हंै कि यहां एक ही कार्य के लिए लोगों को तीन या चार दिन  का समय लग रहा है। जानकारी के अनुसार इस समय उपतहसील में इनकम सर्टिफिकेट संबंधित कार्य को लेकर ज्यादा भीड़ देखी जा रही है, लेकिन घंटों लाइनों में लगने के बाद भी उनका कार्य नहीं हो पा रहा है जिससे उन्हें दोबारा उसी कार्य के लिए आना पड़ जा रहा है। यही नहीं हरिपुर की इस उपतहसील का अपना भवन भी नही है। इस वक्त उपतहसील कानूनगो भवन में चल रही है। कार्यालय में जगह की कमी भी देखी जाती है जिससे यहां पर एकदम से भीड़ एकत्रित हो जाती है। लोगों ने मांग भी उठाई है कि जब तक नई बिल्डिंग का निर्माण नहीं हो जाता तब तक इसे किसी अन्य भवन में शिफ्ट किया जाए। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हरिपुर की उप तहसील को तहसील का दर्जा देने की घोषणा की थी लेकिन अभी तक इस पर कोई नोटिफिकेशन भी नहीं जारी हो पाई है। अगर अतिशीघ्र इसे तहसील का दर्जा मिल जाए तो लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। हरिपुर उपतहसील में इस वक्त वरिष्ठ सहायक, जूनियर ऑफिस असिस्टेंट सहित चपरासी की पोस्ट भी खाली चल रही है जिसे नहीं भरा गया। जिससे सभी कार्य समय पर नहीं हो पाते। इस बारे में जब नायब तहसीलदार हरिपुर विजय कुमार से बात हुई तो उन्होंने बताया कि लोगों के कार्यों को अतिशीघ्र किया जाता है, लेकिन जब अत्यधिक भीड़ हो जाती है और अधिक मात्रा में फार्म एकत्रित हो जाते हैं तो उन्हें समयानुसार पूरा करना मुश्किल हो जाता है। लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए वह प्रयासरत हैं। वहीं उपमंडल अधिकारी नागरिक देहरा धनवीर सिंह ठाकुर ने बताया कि उपतहसील में जितना स्टाफ होना चाहिए उतना स्टाफ  उपलब्ध है।