Monday, June 01, 2020 01:18 AM

कामगारों की कमी चिंताजनक

- राजेश कुमार चौहान, सुजानपुर टीहरा

कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन में बहुत से उद्योगों के मजदूरों और कामगारों ने अपने कामकाज के शहरों को छोड़कर अपने घर वापसी कर ली। अब केंद्र सरकार और राज्य सरकारें भी इनकी घर वापसी की राह को आसान बनाने की कोशिश कर रही हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी देश की अलग-अलग जगहों पर फंसे प्रवासी मजदूरों को कुछ शर्तों और कोरोना से संबंधित गाइडलाइंस के साथ आवाजाही की अनुमति दे दी है, लेकिन ऐसे में तो बहुत से राज्यों के उद्योग-धंधों को कामगारों की कमी से जूझना पड़ सकता है। बिना कामगारों के उद्योग ठप्प से हो जाएंगे। बहुत से गरीब मजदूरों और दिहाड़ीदारों को यह भी चिंता सता रही है कि कोरोना वायरस के काले दौर के बाद भी इन्हें रोजी-रोटी के लिए शायद काम न मिले। अगर समृद्ध लोग और बिजनेसमैन इनकी मदद के लिए हाथ बढ़ाते हैं तो शायद इनका पलायन रोका जा सके।