Monday, September 23, 2019 02:02 AM

काम में देरी, कांटे्रक्टर की जब्त होगी सिक्योरिटी

हमीरपुर में महकमों की रिव्यू मीटिंग में बोले प्रधान सचिव, छह ठेकेदारों पर कार्रवाई

हमीरपुर -निर्धारित समयावधि व बेहतर क्वालिटी से कार्य पूरा न करने वाले कांट्रेक्टर की सिक्योरिटी जब्त होगी। पहली बार सरकार कांस्ट्रेक्टर्ज पर शिकंजा कसने जा रही है। निर्धारित समय पर कार्य पूरा करने वाले हमीरपुर में छह कांट्रेक्टर की सिक्योरिटी जब्त कर ली गई है। यह बात प्रदेश सरकार के प्रधान सचिव (उत्पाद शुल्क और सतर्कता, गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी) संजय कुंडू ने हमीरपुर में आयोजित लोक निर्माण विभाग, बिजली बोर्ड, आबकारी एवं कराधान विभाग व सतर्कता विभाग की रिव्यू मीटिंग में कही। उन्हांेने कहा कि प्रदेश में अच्छे कांट्रेक्टर्ज की कमी चल रही है। इस कारण कार्यों में लेटलतीफी संभव है। पुराने कांट्रेक्टर्ज ही काम कर रहे हैं। युवाओं को कांट्रेक्टर बनाने के प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए उन्हें सस्ती दरों पर लोन उपलब्ध करवाने पर विचार हो रहा है। पढे़-लिखे नौजवान अगर कांट्रेक्टर बनें तो वे अपनी अजीविका के साथ ही प्रदेश की प्रगति में भी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि आबकारी एवं कराधान विभाग का एक साल का टारगेट 301 करोड़ रुपए है। विभिन्न टैक्स से यह पैसा एकत्रित किया जाएगा। पहले चार माह में हमीरपुर 67 करोड़ रुपए राजस्व जुटाया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने वाटलिंग प्लांट में दो महीने के भीतर सीसीटीवी लगाने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी अनियमितता का पता चल सके। संबंधित विभाग ने आश्वस्त किया है कि साल तक टारगेट पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़कों की कैपेसिटी से कहीं अधिक वजन उठाए वाहन गुजरते हैं। यही कारण है कि सड़कें जल्द टूट जाती हैं। अब यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सड़कों की गुणवत्ता को बढ़ाया जाए, ताकि सड़कें जल्द न उखड़ें। प्रधान सचिव को हमीरपुर की खस्ताहाल सड़कों से अवगत करवाया गया। इस पर संबंधित विभाग को समस्या के समाधान के लिए कहा गया है।

टेक्नीकल फॉल्ट से स्टेट के खजाने में नहीं गया पैसा

कांट्रेक्टस पर 12 फीसदी जीएसटी का प्रावधान है। सिस्टम में आई तकनीकी खराबी के कारण जीएसटी सरकार के खजाने में नहीं जा रही। जीएसटी के रूप में मिलने वाले करोड़ों रुपए का कोई हिसाब नहीं लग रहा है। सरकार अब इस तकनीकी खामी को दूर करने का प्रयास कर रही है। तकनीकी फॉल्ट दूर होने के बाद प्रदेश सरकार के खजाने में करोड़ों रुपए जमा हो जाएंगे। यह भी एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। तकनीकी फॉल्ट ने करोड़ों रुपए प्रदेश सरकार के खजाने में जाने से रोक रखे हैं।