Tuesday, October 15, 2019 02:06 PM

कालका-शिमला एनएच पर गिरा मलबा

सनवारा के समीप पहाड़ी दरकने से सड़क पर थमें गाडि़यों के पहिए, मलबा गिरने से मार्ग के दोनों ओर लगी लंबी-लंबी लाइनें

धर्मपुर -कालका-शिमला नेशनल हाई-वे पांच पर पहाडि़यों के दरकने का सिलसिला थम नहीं रहा है। पहाडि़यों पर धूप लगने के साथ ही मिट्टी व पत्थर खिसकना शुरू हो जाते है। आलम यह है कि वाहन चालकों व अन्य लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ती है। बुधवार तड़के भी सनवारा के समीप भारी मात्रा में मलबा व पत्थर पहाड़ी से गिरे है। इसके चलते लोगों के सुबह ही जाम की समस्या से जूझना पड़ा है। जानकारी के अनुसार बुधवार को हाई-वे पर सुबह करीब साढ़े छह पहाड़ी अचानक दरकने लगी व भारी मात्रा में बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरे। यह सिलसिला पंद्रह मिनट तक चलता रहा और बड़े-बड़े पत्थर एक लेन से दूसरी लेन पर जा गिरे। इस कारण सड़क पर वाहनों की पहियों पर ब्रेक लग गई। ब्रेक लग जाने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारे लगने से जाम की स्थिति पैदा हो गई। बता दें कि कालका-शिमला नेशनल हाई-वे पांच पर परवाणू से सोलन(चंबाघाट) फोरलेन निर्माण कार्य तेजी से चला हुआ है। उधर कुमारहट्टी में निर्माणाधीन फ्लाईओवर के कार्य से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। फ्लाइओवर निर्माण के लिए खोदी गई सड़क से बड़े वाहनों को निकलने में खासी परेशानी होती है। वहीं सनवारा के समीप लगे जाम में कंपनी के लोगों और वाहन चालकों के बीच तू-तू-मंै-मैं हो गई। वाहन चालकों ने मलबा हटाने जा रही कंपनी की जेसीबी को आगे नहीं जाने दिया। लोगों का कहना था कि वह भी जाम में एक बार रुक कर देखे तो कंपनी प्रबंधक को पता लगेगा। इसको लेकर काफी देर तक बहस होती रही। इसके बाद कंपनी कर्मचारी ने जेसीबी आगे ले जाने के लिए आग्रह किया।

स्कूल की पहाड़ी से भी लगातार गिर रहे पत्थर

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक राजड़ी (जाबली) की पहाड़ी से भी बीते दिनों से मलबा व पत्थर गिर रहे है। हालांकि भू-स्खलन को देखते हुए पहाड़ी को तरपाल से ढका गया है। इसके बावजूद मिट्टी व पत्थर सड़क पर गिर रहे है। इसके चलते पर स्कूल बिल्डिंग को खतरा मंडराया हुआ है।

वन-वे चला है ट्रैफिक

लगातार मलबा सड़क पर आने के कारण कंपनी द्वारा अधिकतर हिल साइड वाली सड़क पर से अभी भी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई हुई है, ताकि पहाड़ी से मलबा आने पर किसी भी प्रकार की क्षति न हो सके। बुधवार को भी हाई-वे पर मशीनों की सहायता से लगभग दो घंटे बाद मलबा हटा वन-वे ट्रैफिक चलाया गया।