Monday, November 18, 2019 04:15 AM

कालेज का क्रेज…पर बसों को नहीं लग रही ब्रेक

ननावां के छात्रों ने एडीसी के जरिए आरएम को ज्ञापन भेज मांगी एक और बस की सुविधा

मंडी—बंजार हादसे के बाद सरकार ने बसों में ओवरलोडिंग तो बंद कर दी है, लेकिन कालेज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को कालेज पहुंचने के लिए बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थी और कुछ ऐसे क्षेत्र जहां दिन की तीन या चार बसें जाती हों, ऐसे छात्रों को कालेज पहुंचने के लिए बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। चालक कई स्थानों पर बस नहीं रोकते हैं और अगर बस को जबरदस्ती रुकवाया भी जाए, तो चालक-परिचालक बस को खाली करवाने के लिए पुलिस की धमकी देते हैं। बस न रुकने की वजह से गांव ननावां के 15 से 30 छात्र-छात्राओं ने एडीसी के माध्यम से हिमाचल पथ परिवहन निगम क्षेत्रीय प्रबंधक मंडी को एक ज्ञापन भेजा। साथ ही प्रशासन से मांग की है कि सुबह 8ः45 पर और शाम को 4ः00 बजे मंडी से ननावां के लिए सरकारी बस लगाई जाए। ननावां के विद्यार्थी हंसराज ने कहा कि उन्हें कालेज आने के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि सुबह बस दुर्गापुर से मंडी के लिए आती है, लेकिन पीछे से सीटें फुल होने के कारण चालक द्वारा बस नहीं रोकी जाती है और उन्हें पांच किलोमीटर पैदल सफर कर मेन रोड तक पहुंचना पड़ता है, तब जाकर वह बड़ी मुश्किल से कालेज पहुंचते हैं, जिस कारण उनकी कक्षाएं भी छूट जाती हंै वहीं दीक्षा ठाकुर ने कहा कि उन्होंने अभी-अभी कालेज में दाखिला लिया है। कालेज में समय पर न पहुंचने के कारण नियमित रूप से कक्षाएं छूट रही हंै, जिससे उनकी पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। इसलिए वे प्रशासन से मांग करते हैं कि सुबह और शाम के समय एक अतिरिक्त बस चलाई जाए ताकि छात्र-छात्राओं को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि बस न रुकने से स्थानीय लोगों को भी पांच किलोमीटर पैदल चलकर बस लेनी पड़ती है।