Tuesday, July 16, 2019 09:38 PM

काशंग में एनएच-5 तीन घंटे ठप

रिकांगपिओ—मंगलवार को भी किन्नौर जिला में राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 पर पहाड़ी दरकने से काशंग नाले के पास एनएच करीब तीन घंटे अवरूध रहा। राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 के अवरूध होने से काशंग नाला के पास हुए अवरूद्ध स्थल के दोनों ओर स्थानीय वाहन चालकों के साथ-साथ बारी संख्या में पर्यटकों के वाहनों के कतार लगी रही।  गौर रहे कि इन दिनों किन्नौर जिला में पांगी नाला से काशांग नाला के बीच सड़क मार्ग को चौड़ा करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य मे लगा ठेकेदार प्रोग्रेस के चक्कर मे शक्तिशाली विस्फोट करने से कई बार बारी पहाड़ी के  दरकने से सड़क मार्ग बुरी तरह अवरूद्ध हो रहा होता है। इस क्षेत्र में हो रहे अत्यधिक विस्फोटो से यहां की पहाडि़या बुरी तरह हिल चुकी है। कभी भी किसी बड़ी अनहोनी का अंदेशा बना रहता है। गौर रहे कि काशंग नाले के पास दो रोज पूर्व भी पहाड़ी से चट्टान गिरने से किन्नौर धूमने आए दो पर्यटकों को अपनी जान गवानी पड़ी थी। वर्ष 2017 में रिब्बा निवासी और वर्ष 2014 में मूरंग निवासी की भी पहाड़ी की चपेट में आने से मौत हो हुई थी। इसी क्षेत्र में बीते दो तीन वर्षों के भीतर कई दर्जन वाहनों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इस क्षेत्र में बीते कई वर्षों से हो रही इन घटनाओं पर किन्नौर प्रशासन गंभीर नही है। बीते कई वर्षों से काशांग नाला से खारो के बीच का सफर करना लोगों के लिए खौफजदा बना रहता है।  किन्नौर जिला के हांगरंग  संघर्ष समिति अध्यक्ष शांता कुमार नेगी, पूर्व पंचायत प्रधान प्रेम कुमार नेगी, रिब्बा पंचायत प्रधान पीपी नेगी, पंचायत प्रधान पूह सुशील साना, पंचायत प्रधान नेसंग अशोक नेगी पंचायत प्रधान ठंगी सत्य प्रकाश बोर्स, जसवंत नेगी  सहित कई लोगो ने बताया कि किन्नौर जिला में पांगी नाला से खारो के बीच हो रहे हादसों को देख यह साबित हो जाता है कि किन्नौर जिला में लोगों की सुरक्षा के प्रति किन्नौर प्रशासन गंभीर नहीं है। उन्होने हैरानी जताई है कि सरकार व प्रशासन ने इन स्थानों पर हो रहे हादसों को देखते हुए भी खतरनाक स्थानों को चिन्हित करना तक मुनासिब नही समझा है और न ही अब तक इन स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए है। यदि इस क्षेत्र में पुलिस व होम गार्ड आदि की ड्यूरी आम दिनों में भी लगाई जाती है तो घटनाओ को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कई बार देखा गया है कि जानकारी के अभाव में बाहरी क्षेत्रों से आने वाले  पर्यटक देर सवेर इस मार्ग पर सफर करते है। ऐसे में उन की जान जोखिम भरा रहता है। उन्होंने यह भी कहा कि जब से इन स्थानों पर सड़क मार्ग को चौड़ा करने का कार्य शुरू हुआ है तब से दुर्घटनाओं का ग्राफ भी बड़ा है। इन लोगों का केहना है कि हम लोग सड़क को और बेहतर करने के विरोधी नहीं है। सिर्फ यह चाहते है कि निर्माण कार्य के दौरान कंट्रोल ब्लास्ट किए जाने के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा को पहली प्राथमिकता दी जाए ताकि इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।  उधर इस मामले पर उपायुक्त किन्नौर गोपाल चंद ने बताया कि पांगी नाला और काशग नाला के बीच सड़क चौङ़ा करने के कार्य के दौरान कंट्रोल ब्लास्टिंग करने के आदेश बीआरओ को लिखित में दिया गया है। यदि इस के विपरीत कार्य हो रहा है तो दोषी लोगों के विरुद्ध कार्य किया जाएगा।