कितना फिट हिमाचली युवा

आज के युवा आकर्षक और सुडौल शरीर बनाने के लिए क्या कुछ नहीं करते। कुछ जिम में पसीना बहा रहे हैं, तो कुछ योग के सहारे खुद को सबसे हटकर दिखने का प्रयास कर रहे हैं।  हैल्थ को लेकर कितना जागरूक है, हिमाचली युवा .... दखल के जरिए बता रहे हैं....

टेकचंद वर्मा, प्रतिमा चौहान और मोहिनी सूद   

भले ही बदलते दौर में युवा पीढ़ी फास्ट फूड और आराम तलब जिंदगी की ओर बढ़ रही है। मगर आज का युवा हैल्थ को लेकर भी सजग है। अगर यह कहा जाए कि प्रदेश का युवा फिटनेस के लिए के्रजी है तो यह गलत नहीं होगा। युवा रोजाना अपने शेड्यूल से वक्त निकाल कर खुद को तंदुरुस्त बनाने के लिए फिटनेस सेंटरों में पसीना बहा रहे हैं और अपने आपको स्वास्थ्य रखने के साथ जीवन को नई राह प्रदान कर रहे हैं। प्रदेश के युवाओं में पिछले कुछ समय के दौरान फिटनेस को लेकर खासा के्रज देखने को मिल रहा है। जहां कुछ युवा मॉडलिंग, एक्टिंग, आर्मी और पुलिस में भर्ती होने के लिए अपने शरीर को फिट कर रहे हैं, वहीं कुछ युवा स्वयं को तंदुरुस्त बनाने, आकर्षक व सुडौल दिखने के लिए रोजाना फिटनेस सेंटरों में कसरत कर रहे हैं। प्रतिस्पर्धा की दौड़ में शिक्षा भी पुस्तक केंद्रित हो गई है। हर ओर प्रतिस्पर्धा है। स्कूलों-कालेजों में भी छात्रों पर पढ़ाई का अधिक बोझ है। शारीरिक स्वास्थ्य पर उतना ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मगर युवा वर्ग खुद को अच्छा दिखने, फिट रहने और शारीरिक स्पर्धाओं (रोजगार) के लिए तैयार कर रहे हैं। युवा पीढ़ी स्वस्थ रहने का मूल मंत्र जान चुकी है। युवाओं का मानना है कि शारीरिक रूप से फिट इनसान किसी भी क्षेत्र में जीत हासिल कर सकता है। ऐसे में अपने व्यस्त शेड्यूल से वक्त निकाल कर प्रदेश के युवा खुद को फिट बनाने में लगे हुए हैं।

फिट है... तो हिट है

प्रदेश में फिटनेस युवाओं की जरूरत बन गई है। अब जिम व फिटनेस सेंटर केवल युवाओं के लिए एक फैशन तक सीमित नहीं है। बल्कि युवा फिटनेस पर ज्यादा ध्यान देने लगे हैं। युवाओं का मानना है कि आज के समय में आकर्षक लुक जरूरी है। इंसान फिजिकली फिट होना जरूरी है। शारीरिक रूप से फिट इनसान हर फील्ड में जीत हासिल कर सकता है। फिटनेस से शारीरिक  तंदुरुस्ती के साथ-साथ मानसिक तनाव भी दूर होता है। इसके अलावा जिम सेंटरों में वर्क आउट करने से इनसान को सुडौल व आकर्षक लुक मिलती है। शारीरिक रूप से तंदुरुस्त व्यक्ति मॉडलिंग, एक्टिंग क्षेत्र में भी अपना करियर बना सकता है। वहीं तंदुरुस्त व्यक्ति पुलिस, आर्मी सहित भर्तियों में कम्पीट कर सकता है। यही कुछ करने की तमन्ना युवाओं को फिटनेस के लिए पे्ररित कर रही है।

फिट रहने के लिए जिम बेस्ट

हाई टेक जिम हमीरपुर के प्रबंधक विपुल शर्मा का कहना है कि आज के दौर में लगभग हर नौजवान फिट एवं चुस्त-दुरुस्त बॉडी बनाना चाहता है। इसके लिए जिम शुरू करना बेस्ट ऑप्शन है। खुद को फिट रखना सेहत के साथ-साथ ट्रेंड भी बनता जा रहा है।  फिटनेस प्रोग्राम को सही तरीके से गाइड करने के लिए जिम में प्रोफेशनल कंसल्टेंट्स, फिटनेस एक्सपर्ट्स , फिजियो थैरेपिस्ट्स, न्यूट्रिशनिस्ट्स आदि होने चाहिए, साथ ही वे अच्छे मोटिवेर्ट्स होने चाहिए।

तंदुरुस्त रहता है शरीर

शिमला के मुकुल का कहना है कि कसरत करने से शरीर तंदुरुस्त रहता है। उन्होंने जब से कसरत शुरू की है, उनका शरीर आकर्षक हो गया है।   घर, पार्क व मैदान में कसरत करने के बजाय जिम में सिस्टम के तहत कसरत होती है। रोजाना कसरत करने से दिन भर ताजगी बनी रहती है और बीमारियां भी कोसों दूर रहती हैं।

फिट रहने के लिए एक्सरसाइज जरूरी

शिमला की शीना का कहना है कि कसरत से शरीर फिट रहता है। स्वस्थ रहने के लिए कसरत अति आवश्यक है। ऐसे में वह अपनी रोजाना की दिनचर्या से वक्त निकालकर जिम करती हैं। वह पिछले काफी समय से जिम कर रही हैं। उनका कहना है कि रोजाना जिम के प्रयोग से शारीरिक विकास होता है।

कोसों दूर रहती हैं बीमारियां

शिमला की शैरी का कहना है कि रोजाना एक्सरसाइज करने से शरीर के फिट रहने के साथ-साथ मानसिक तनाव भी दूर रहता है। एक्सरसाइज करने से शरीर फिट रहता है और बीमारियां भी कोसों दूर रहती हैं। ऐसे में वह अपनी रोजाना की दिनचर्या से वक्त निकालकर जिम करती हैं। वह पिछले काफी समय से जिम कर रही हैं।

तरोताजा रहता है इनसान

शिमला में टूअर एंड ट्रेवल के कार्य से जुड़े अजय ठाकुर का कहना है कि कसरत करने से शरीर दिन भर चुस्त रहता है। शारीरिक विकास होता है और मानसिक तनाव से छुटकारा मिलता है। कसरत करने वालों से बीमारियां भी कोसों दूर रहती हैं। रोजाना एक्साइज करने से हैल्थ भी अच्छी रहती है और आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

जोश और ताजगी भरती है कसरत

नौकरी पेशा नौजवान भी फिटनेस की तरफ काफी रुझान दिखा रहे हैं। नौकरी पेशा वर्ग भी कार्यालय में कार्य बोझ और दिनचर्या की थकान मिटाने के लिए जिम, फिटनेस सेंटर, योग में पसीना बहा रहे हैं। नौकरी पेशा वर्ग का मानना है कि प्रतिस्पर्धा की दौड़ में कार्यालयों में कार्य बोझ बढ़ गया है। उसके साथ दिनभर की दौड़ धूप इनसान को चूर कर देती है। इससे फिटनेस  द्वारा ही छुटकारा पाया जा सकता है। नौकरीपेशा नौजवानों का कहना है कि फिटनेस से शारीरिक विकास होता है। जिम व फिटनेस सेंटर में वर्कआउट करने से मानसिक विकास भी होता है। तनाव से छुटकारा मिलता है। सुबह-सवेरे कसरत करने से शरीर में दिन भर ताजगी और जोश रहता है। जिम व फिटनेस सेंटरों में व्यवस्थित तरीके से कसरत होती है। सिस्टम के तहत एक्सरसाइज करने से शरीर तंदुरुस्त रहता है। शरीर में दिनभर ताजगी व नई ऊर्जा संचार करती है जो कार्यालय व फील्ड में बेहतर परफार्मेंस दिखाने के लिए लाभदायक साबित होती है।

जिम में कसरत से घटता है वजन 

धर्मशाला इनडोर स्टेडियम में जिम के ट्रेनर पंकज कुमार का कहना है कि उनके पास अधिक संख्या में खिलाड़ी ही प्रैक्टिस करते हैं। खिलाड़ी अपने खेल के हिसाब से वर्कआउट व एक्सरसाइज करते हैं। इसके साथ ही अधेड़ उम्र के जो लोग हैं, उसमें अधिकतर लोग फिटनेस के लिए ही जिम आते हैं। ट्रेनर पंकज का कहना है कि जिम में लोग अपना वजन कम करने के लिए पहुंचते हैं।  कालेज के छात्र अपने फिटनेस के साथ-साथ एब्स बनाने पर मेहनत करते हैं।

सरकारी स्कूलों में  फिटनेस का प्रोपोजल कागजों में

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छात्रों की फिटनेस का प्रोपोजल अभी तक केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में योगा कक्षाएं शुरू करने के लिए शिक्षाविदों के सुझाव के बाद प्रोपोजल तो तैयार किया है, लेकिन वह प्रोपोजल सरकार की मंजूरी के बिना अधूरा लटका हुआ है। हैरानी की बात है कि शिक्षा विभाग की ओर से छात्रों की फिटनेस को लेकर अभी तक कोई भी सर्वेक्षण नहीं किया गया है।

स्कूलों में फिटनेस को लेकर कोई पाठ्यक्रम नहीं

उच्च शिक्षा निदेशालय के निदेशक डा. अमरजीत सिंह का कहना है कि छात्रों की फिटनेस को लेकर सर्वेक्षण करने के लिए निजी विवि को निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि स्कूलों में छात्रों की फिटनेस को लेकर भी अलग-अलग सुझाव दिए गए।  जानकारी के अनुसार स्कूलों में छात्रों की फिटनेस को लेकर अभी तक पाठ्यक्रम में भी कोई नियमित विषय नहीं रखा गया है। हालांकि विभाग का दावा है कि शारीरिक शिक्षा नवीं कक्षा से लेकर जमा दो तक कंपलसरी किया जाएगा।

प्राइवेट स्कूलों में तो बेहतर मैदान तक नहीं

शिक्षा विभाग के निदेशक अरमजीत सिंह ने कहा कि अभी तक प्राइवेट स्कूलों में छात्रों की फिटनेस को लेकर कोई हिदायत नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि रेगुलेटरी कमीशन से जब कोई शिकायत या फिर कोई गाइडलाइन आएगी उसके बाद ही विभाग की ओर से प्राइवेट स्कूलों पर नकेल कसने के लिए हिदायत दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि राज्य के कई ऐसे निजी शिक्षण संस्थान हैं जो केवल अपने आर्थिकी लाभ के लिए प्राइवेट स्कूल खोल देते है। जानकारी के अनुसार कई ऐसे भी स्कूल हैं, जहां पर खेल के मैदान की सुविधा भी छात्रों को नहीं हैं। वहीं छात्रों की फिटनेस को लेकर भी कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।

ग्रामीण युवक भी बहा रहे पसीना

प्रदेश के शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण युवाओं में भी सेहत के प्रति के्रज बढ़ा है। हालांकि शुरुआत में फिटनेस के साथ सुडौल शरीर बनाने का के्रज शहरों व शहरी युवाओं में नजर आता था। मगर अब ग्रामीण इलाकों के युवाओं में भी शारीरिक तंदुरुस्ती, योग व व्यायाम के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ आकर्षक व सुडौल शरीर बनाने को लेकर के्रज सामने आया है। यही कारण है कि आज ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई जिम व फिटनेस सेंटर खुल चुके हैं।

मॉडलिंग-एक्टिंग का के्रज

प्रदेश में मॉडलिंग-एक्टिंग में प्लेटफार्म मिलने के चलते युवा में फिटनेस को लेकर ज्यादा के्रज जगा है। अवसर को देखते हुए युवा इस क्षेत्र में अपना करियर बनाने की तमन्ना रखते हैं। अपने सपनों को साकार करने के लिए युवा फिटनेस को अधिक तवज्जो दे रहे हैं।

शारीरिक विकास घटाता है मानसिक तनाव

युवाओं का कहना है कि फिटनेस सेंटर में वर्कआउट करने से जहां शारीरिक  विकास होता है। वहीं इससे मानसिक तनाव भी दूर होता है। एक स्वस्थ इनसान किसी भी परीक्षा को उत्तीर्ण कर सकता है। ऐसे में जीवन में फिटनेस का विशेष महत्त्व है। यही कारण है कि आज हर युवा का फिटनेस के प्रति रूझान बढ़ा है।

फिटनेस के प्रति युवतियां भी खासी सजग

युवा पीढ़ी के साथ-साथ महिला वर्ग भी फिटनेस को लेकर के्रजी है। अच्छा दिखने और फिट रहने की तमन्ना महिलाओं को फिटनेस सेंटरों तक खींच ला रही है। ऐसे में महिलाएं भी अपने व्यस्त शैडयूल से वक्त निकाल कर खुद को आकर्षक दिखाने के लिए और फिट रहने को जिम में पसीना बहा रही हैं।

प्रदेश में हर जगह खुल गए जिम

प्रदेश में फिटनेस को लेकर हर वर्ग में भारी के्रज है। इसका अंदाजा इससे बखूबी लगाया जा सकता है कि आज शहरों में जगह-जगह जिम व फिटनेस सेंटर है , जिनमें सुबह से लेकर शाम तक भीड़ जुटी रहती है। इसके अलावा प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में भी जिम खुल रहे हैं, जिसमें बड़ी संख्या युवक कसरत करते देखे जा सकते हैं।

कसरत के साथ डाइट पर भी फोकस

सद्दाम हुसैन मलिक

जिम संचालक, सोलन

सोलन शहर के मिडटाउन जिम में ट्रेनिंग दे रहे सद्दाम हुसैन मलिक ने कहा कि आजकल युवाओं में जिम के प्रति काफी अधिक रुझान हैं। युवा अपने व्यस्त दिनचर्या से समय निकाल कर जिम की ओर रुख कर रहे हैं। युवा जिम की ओर रुख कर रहे हैं। युवा जिम में शरीर को फिट रखने के साथ-साथ अपना करियर बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिम करने वालों के लिए किस तरह का भोजन होना चाहिए इस पर विशेष ध्यान दिया जाता है। जिम करने वाले लोगों की उम्र, हाइट, वेट आदि का ध्यान रखते हुए डाइट प्लान की जाती है। उन्होंने कहा कि युवा अपने शरीर में काफी तरह के बदलाव चाहते हैं जैसे एब्स व बाइसेपस के लिए वर्कआउट करते हैं व युवतियां आजकल स्लिम-ट्रिम रहना चाहती हैं, जिसके लिए कार्डियो वर्कआउट, क्रोसफिट आदि एक्सरसाइज करती है। उन्होंने कहा कि जिम के साथ-साथ युवाओं को योगा भी करवाया जाता है। उन्होंने कहा कि युवा जिम में लगभग एक घंटे तक एक्सरसाइज करते हैं। सद्दाम हुसैन मलिक ने बताया कि वह सोलन में कई सालों से युवाओं को ट्रेनिंग दे रहे हैं। नियमित कसरत करने से इनसान मानसिक तनाव से भी दूर रहता है।

आकर्षक-सुडौल  दिखना चाहते हैं युवा

शारीरिक तंदुरुस्ती, योग व व्यायाम के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ-साथ आकर्षण व सुडौल शरीर बनाने को लेकर रुझान सामने आने लगा है। आकर्षक व सुडौल दिखने के लिए युवा वर्ग फिटनेस सेंटर में पसीना बहा रहे है। संजौली भीमद्वार जिम के संचालक तरुण ठाकुर का कहना है कि भाग-दौड़ भरी जिंदगी में हर वर्ग फिटनेस के लिए क्रेजी हैं, जिम में आने वाला युवा जहां अधिकतर जिम कर आकर्षक दिखना चाहता है, वहीं जिम में आने वाले कई लोग अपना वजन भी घटाना चाहते है। इस श्रेणी में 45 वर्ष से ऊपर की आयु के लोगों की संख्या अधिक है। तरुण ठाकुर का कहना है कि जिम करने वाला युवा सुडौल शरीर बनाना चाहता है, ताकि वह आकर्षक दिखे और फिट रहे। इसके अलावा मॉडलिंग, एक्टिंग और बॉडी बिल्डिंग के क्षेत्र में करियर की तमन्ना लेकर भी युवा जिम में वर्कआउट करने आते है। यह युवा अपने शरीर में बदलाव लाकर सुडौल दिखना चाहते है, ताकि वह अपनी आकर्षक लुक के बूते पर अपनी मंजिल को हासिल कर सके।  जबकि 45 वर्ष से ऊपर वाला वर्ग अपना वेट लूज करने के लिए कसरत कर रहा है। यह वर्ग अपनी तोंद को घटा कर अपने आप को फिट रखना चाहता है।  उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में जिम कसरत करने का मुख्य केंद्र बन चुके हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया है कि जिम में स्पेशल टे्रनर से व्यवस्थित तरीके से कसरत करने के टिप्स ले। कसरत करना अति आवश्यक है। इससे शरीर चुस्त रहता है और बीमारियां कोसों दूर रहती है। वहीं कसरत करने से व्यक्ति को आकर्षक लुक भी मिलती है।

जिम के साथ योग क्रियाएं

नौकरी पेशा हर वर्ग अपनी रोजाना की दिनचर्या से वक्त निकालकर खुद को तंदुरुस्त रखने के लिए जिम में पसीना बहा रहे हैं। हालांकि कुछ नौकरीपेशा साइकिलिंग, टै्रकिंग, योग और बैडमिंटन खेल कर अपनी थकान को दूर कर रहे हैं। वहीं अधिकतर जिम में कसरत कर स्वयं को मानसिक और शारीरिक रूप से तंदुरुस्त बना रहे हैं।

युवाओं में बढ़ा रुझान

भीमद्वार जिम संचालक तरुण ठाकुर कहते हैं कि फिटनेस के प्रति हर वर्ग में रुझान बढ़ा है। युवा पीढ़ी के साथ उम्रदराज लोग भी फिटनेस को लेकर सजग है। पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी अपने व्यस्त शैड्यूल से वक्त निकाल कर कसरत कर रही है।