किताबें

( कविता )  

किताबों में छिपा ज्ञान अपार,

कर देती है सबका बेड़ा पार,

किताब बिना जिंदगी अधुरी,

करती है यह शिक्षापूरी।

ऐकांत की साथी भगाए उदासी, सुस्ताए को करे तरोताजा,

ये न कहे बड़ी-बड़ी अलमारियों में हमें सजाओं,  

ये तो कहे पढ़ों, समझो और समझाओ।

इनको पढ़कर मिलता है सुख, जाते हैं भूल सभी दुख।

- कुमारी नेहा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जामनीवाला, पांवटा साहिब, जिला सिरमौर

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