Tuesday, March 31, 2020 07:23 PM

किनौर में जोरदार हिमपात, फिर लौटी आफत

एचआरटीसी की कई बसें फंसी; रिकांगपिओ से पूह और काजा को नहीं चली बसें, कई इलाकों में पानी का संकट

रिकांगपिओ -मंगलवार से जिला किन्नौर में एक बार फिर बर्फबारी का दौर शुरू हो गया। इस बर्फबारी के बाद लोगों की मुसीबतें भी और बढ़ गई हं। मंगलवार सुबह से हो रही बर्फबारी से निगम की कई बसें अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाईं। हालांकि रिकांगपिओ से रामपुर, शिमला की ओर जाने वाली बसें सुचारू रहीं लेकिन रिकांगपिओ से पूह, काजा की ओर जाने वाली बसें एनएच-5 स्किब्बा का पास स्किट होने से बसें गंतव्य तक नहीं पहुंच पाईं। रिकांगपिओ बस अड्डा इंचार्ज गोपाल नेगी ने कहा कि मंगलवार को सुबह काजा जाने वाली बस पूह तक पहुंच पाई जबकि दिन की बसें स्किब्बा के पास एनएच-पांच पर बर्फ जमने से बसें स्किट होने से स्किब्बा से आगे नहीं जा पाइर्ं। इसी तरह ग्रामीण रूटों पर चलने वाली बसें भी कई सप्ताह से नही चल पाई हैं। लोक निर्माण विभाग ने जिला के जिन संपर्क मार्गों से बर्फ  हटाई गई थी पुनः बंद हो गए हैं। पाइप जमने से रिकांगपिओ सहित कई गांव में लोगों को पेयजल के लिए दरदर भटकने को मजबूर हैं। हालांकि रिकांगपिओ मुख्यालय में एक दिन छोड़ कर पेयजलापूर्ति की जा रही है मगर पाइप जमने से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उधर पूह उपमंडल के कानम गांव के दुमतिंग व लगंग मोहल्ला वार्ड पांच क्षेत्र सहित कई गांव में पिछले दो सप्ताह से पेयजल को लेकर ग्रामीण खासे परेशान हैं। लोगों को कई मीटर से पानी ढोने को मजबूर होना पड़ रहा है। क्षेत्र वासियों का कहना है कि विभाग को शिकायत के बावजूद कोई समाधान नही किया जा रहा है। ंमंगलवार देर शाम समाचार लिखे जाने तक पर्यटन स्थल कल्पा में सात इंच ताजा हिमपात दर्ज किया गया। इसी तरह जिला मुख्याल रिकांगपिओ चार इंच, सांगला सात इंच, छितकुल में डेढ़ फीट, रकछम एक फीट के करीब बर्फबारी दर्ज की गई है।