Tuesday, March 31, 2020 12:58 PM

किन्नौर जिला महिला सशक्तिकरण की ओर अग्रसर

 जिला में सरकारी योजनाएं ला रही रंग, प्रदेश सरकार के प्रयासों से हो रहा विकास

रिकांगपिओ - प्रदेश व केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक व सामाजिक रूप से सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अनेक योजनाएं  व कार्यक्रम आरंभ किये है ताकि महिलाएं घरेलू कामकाज के साथ-साथ अन्य आर्थिक गतिविधियों को आरंभ कर अपने व परिवार को आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो और महिलाओं का सशक्तिकरण  सुनिश्चित हो सके। यह बात डीसी किन्नौर गोपाल चंद ने बताई। उन्होंने बताया कि किन्नौर जिला में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने व अपना काम धंधा शुरू करने के लिए महिला स्वयं सहायता समूह का भी गठन किया गया है। इसके अतिरिक्त महिला स्वयं रोजगार योजना की आरंभ की गई है जिसके तहत 35000 से कम आय वर्ग की महिलाओं को अपना कार्य आरंभ करने के लिए 5000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। जिला में गत दो वर्षों के दौरान इस योजना के तहत 10 महिलाओं को लाभांवित किया गया है। जिला में 3915 महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अधीन लाया गया है जिसमें 70 वर्ष से अधिक आयु की 461 महिलाओ को 1500 रुपए प्रतिमाह की दर से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है। जिला में उज्वला योजना के तहत 125 महिलाओं को रसोई गैस कनैक्शन प्रदान किए गए है। इसके अतिरिक्त 284 महिलाओं को गृहणी सुविधा योजना के तहत निःशुल्क गैस कनैक्शन प्रदान कर लाभांवित किया गया है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत ऐसी बेसहारा विधवा व तलाकशुदा महिलाएं जिनकी वार्षिक आय 35000 से कम है को बेटी की शादी के लिए 51 हजार रुपए की राशि प्रदान करने का प्रावधान किया गया है जिला में इस योजना के तहत गत दो वर्षों में में 14 बेटियों को लाभान्वित किया गया है। जिला में विधवा पुनर विवाह योजना के तहत ऐसी विधवाएं जिनकी आयु 18 से 50 वर्ष के बीच है को पुनः विवाह के लिए प्रोत्साहन के  रूप में 50000 प्रदान किए जा रहे हैं । योजना के तहत तीन पात्र महिलाएं लाभान्वित हुई है। जिला में अनुवर्ती कार्यक्रम के तहत अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग की ऐसी महिलाएं जिनकी वार्षिक आय 35000 से कम है को निःशुल्क सिलाई मशीनें प्रदान की जा रही है कार्यक्रम के तहत गत वर्ष 73 महिलाओं को निःशुल्क सिलाई मशीने प्रदान की गई है तथा इस वित्त वर्ष के दौरान 53 महिलाओं को चयनित किया गया है। जिला में मदर टेरेसा संबल योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे रह रही तलाकशुदा महिलाओं के अलावा ऐसी महिलाएं जिनकी सालाना आय 35000 से कम है।