Tuesday, September 17, 2019 02:03 PM

किन्नौर में 164 स्वयं सहायता समूह

रिकांगपिओ  - किन्नौर जिला में 235 आंगनबाड़ी केद्रों के माध्यम से समेकित बाल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत 0.6 वर्ष के बच्चे ए गर्भवती महिलाएं एवं धात्री माताओं को समेकित बाल विकास सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। यह जानकारी उपायुक्त किन्नौर ने महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला स्तरीय समवन्य समिति, आईसीडीएस की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने बताया कि जिला में पूर्व पोषाहार कार्यक्रम के तहत वर्ष 2019-20 में 3406 बच्चों को पंजीकृत किया गया है और यह बच्चे 15 दिन से अधिक पोषाहार का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इसी कार्यक्रम के तहत 946 गर्भवती एवं धात्री माताओं को भी पोषाहार का लाभ दिया जा रहा है। जिला में 3.6 वर्ष की आयु के कुल 2359 बच्चे हैं, जिनमें से 717 बच्चों को शाला पूर्व शिक्षा प्रदान की जा रही है, जबकि 597 बच्चें सरकारी स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे है और 1045 बच्चे प्राइवेट स्कूलों में शालापूर्व शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उपायुक्त ने बताया कि जिला में 164 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है, जिसमें से 104 स्वयं सहायता समूहों को बैंकों से जोड़ा गया है। इन स्वयं सहायता समूहों द्वारा दो करोड़ छह लाख 24 हजार रुपए की बचत की गई है। जिला में बेटी है अनमोल योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे बसर करने वाले प्रत्येक परिवार की दो लड़कियों के जन्म तक बैंकों डाक घर में 12 हजार रुपए जमा करवाएं जाते हैं इसके अतिरिक्त पहली  से तीसरी कक्षा तक 450 रुपए  चौथी कक्षा में 750 रुपए पांचवी कक्षा में 900 रुपए  छठी व सातवीं में 1050 रुपए आठवीं में 1200 रुपए नौवीं व दसवीं में 1500 रुपए ग्यारहवी व बारहवीं में 2250 रुपए तथा स्नातक कक्षा में पढ़ने वाली लड़की को 5000 रुपए वार्षिक छात्रवृति प्रदान की जा रही है। उपायुक्त ने बताया कि मदर टेरेसा असहाय मातृ संबल योजना के अंतर्गत 2018-19 में 179 माताएं तथा 276 बच्चों पर 12 लाख आठ हजार रुपए व्यय किए गए, जबकि वर्तमान वित्त वर्ष में अब तक 161 माताओं तथा 243 बच्चों पर पांच लाख 93 हजार रुपए व्यय किए जा चुके हैं। इसी तरह  मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत गत वर्ष तीन लाख 90 हजार रुपए प्रदान किए गए। जिला में गत वर्ष विधवा पुर्नविवाह के अंतर्गत तीन महिलाओं को 50-50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। बैठक की कार्रवाई का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी अर्जुन नेगी ने किया। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. पद्म नेगी सहित अन्य विभागों के विभागाध्यक्ष भी उपस्थित थे।