Saturday, September 21, 2019 04:23 PM

किन्नौर-शिमला में तबाही की बारिश

तांगलिंग खड्ड का जल स्तर बढ़ा, कड़छम-वांगतू परियोजना के चार गेटों में से दो गेट खोले

रिकांगपिओ -किन्नौर जिला में भी मौसम का रोद्र रूप देखा जा रहा है। यहां के सभी नदी नालों का जल स्तर उफान पर है। किन्नर कैलाश की पहाडि़यों से निकलने वाली तांगलिंग खड़ का भी जल स्तर बढ़ा है। सतलुज नदी का जल स्तर बढ़ने से 1000 मेगावाट की कड़छम-वांगतू परियोजना की चार गेटों में से दो गेट खोल दिए गए है। सतलुज नदी का जल स्तर भी काफी ज्यादा बढ़ गया है। शनिवार देर रात से ही किन्नौर के अधिकांश क्षेत्रों में रुक-रुक कर वर्षा हो रही है। यहां तक कि शीत मरुस्थलीय क्षेत्रों में भी बारिश हो रही है। किन्नौर के कई क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण बादल फटने की घटनाएं हुई  है। बताया जाता है कि शनिवार देर रात पानवी की पहाडि़यों पर बादल फटने से आई बाढ़ से चार मेगावाट की निर्माणाधीन ऐसंत हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के ट्रेंच वियर को काफी नुकसान पहुंचा है। बाढ़ का जल स्तर अधिक होने के कारण नुकसान का अभी अनुमान नही लगाया जा सका है। इसी तरह रुंनग की पहाडि़यों पर भी बादल फटने से आई बाढ़ से चोलिंग के निकट रुंनग नाले के पास एनएच-पांच कई घंटे अबरुद रहा। एनएच प्राधिकरण द्वारा रविवार करीब दो बजे अवरुद मार्ग को बहाल किया गया। इसी तरह ककस्टल के पास भी पहाड़ी से बारी मलवा एनएच-पांच पर बहने से पागल नाला रविवार करीब पूरे दिन अवरूद्ध ही रहा। इसी प्रकार रालडंग नाले में भी बारी मात्रा में मलवा आने से स्किब्बा के पास एनएच अवरूद्ध हुआ है। स्किब्बा अवरूद्ध मार्ग को बहाल करने में सीमा सड़क संगठन मुस्तेद दिखा। इसी तरह स्पिलोए शासो खड़, निगुलसरी, नाथपा आदि स्थानों को रविवार कई घंटे सड़क मार्ग अवरूद्ध रहा। देर शाम रिकांगपिओ से शिमला की और छोटे बड़े सभी प्रकार के वाहनों की सीधी आवाजाही शुरू हो गई। बारी बारिश के कारण जिला के कई स्थानों से लोगों के खेत खलियानों में ढंगे गिरने की भी सूचनाएं प्राप्त हो रही है। मीरु व यूला की पहाडि़यों पर भी तेज बारिश होने से यूला नाले का जल स्तर बड़ गया है। नाले का जल स्तर बढ़ने से रांगले नामक स्थान पर पुराना हिंदुस्तान-तिब्बत सड़क मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। अस्थाई पुल के पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही भी पूरी तरह ठप हो गई है। रविवार को अवरूद्ध मार्ग को बहाल करने का कार्य लोक निर्माण विभाग भावानगर मंडल शुरू नहीं कर पाया है।