Friday, December 13, 2019 07:21 PM

कुल्लू अस्पताल से छह डाक्टरों के ट्रांसफर आर्डर

 सर्द मौसम में बीमार होने पर आफत में आएंगे कुल्लूवासी

कुल्लू -भले ही सरकार प्रदेश में बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने की बड़ी-बड़ी दावे कर रही है, लेकिन सरकार के दावे तब फिसडी साबित हो रहे हैं, जब डाक्टरों के लगातार तबादले करने का क्रम जारी है, जी हां हम यहां पर बात कर रहे हैं प्रदेश के चार जिलों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने वाले क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू की, जहां से सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने छह डाक्टरों के तबादले आदेश जारी कर दिए हैं। हालांकि छह में से एक डाक्टर यहां से रिलीव भी हो गया है, जबकि पांच और डाक्टर जल्द रिलीव होने की सूचना है। सरकार ने ट्रांस्फर आर्डर विशेषज्ञ डाक्टरों के कर दिए हैं, जिससे इस सर्द मौसम में जिला कुल्लू ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह जिला मंडी के दो सराज और द्रंग विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाली कई पंचायतों के लोगों के साथ-साथ जनजातीय जिला लाहुल-स्पीति और पांगी, किलाड़ की जनता को बीमार होने पर परेशान होना पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि डाक्टरों के ट्रांस्फर आर्डर हुए काफी दिन हो गए हैं, लेकिन अभी छह में से पांच डाक्टर यहीं सेवाएं दे रहे हैं, जबकि एक डाक्टर रिलीव हो गए हैं। जानकारी के अनुसार सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू से छह डाक्टरों में तीन के नेचरचौक, दो के टांडा मेडिकल कालेज और एक डाक्टर के ट्रांस्फर आर्डर हमीरपुर के लिए से किए हैं, जिसमें दो शिशु रोग विशेषज्ञ डाक्टर, दो एमडी, एक हड्डी विशेषज्ञ डाक्टर और एक अन्य डाक्टर के तबादला आदेश कर दिए हैं। बता दें कि क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में  एक मात्र हड्डी विशेषज्ञ डाक्टर का तबादला होने से ओपीडी में ताला लटक सकता है, जिससे हड्डी रोग से संबंधित मरीजों को उपचार करवाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दो शिशु रोग विशेषज्ञ डाक्टर और मेडिसीन विशेषज्ञ डाक्टरों का तबादला होने से यहां पर तैनात डाक्टरों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। बता दें कि क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में एक दिन में 800 के करीब मरीज उपचार करने के लिए आते हैं, जिनमें सबसे ज्यादा मेडिसीन और बच्चे शामिल होते हैं। हर दिन अस्पताल में 200 के करीब बच्चों की ओपीडी रहती है। ऐसे में एक साथ दो विशेषज्ञ डाक्टरों के जाने से काफी मुश्किलें आएंगी और डाक्टरों की भारी कमी हो सकती है। इन डाक्टरों के अलावा यहां जो विशेषज्ञ डाक्टर होंगे वे ओपीडी संभालेंगे या वार्ड में जाकर उपचाराधीन मरीजों की जांच करेंगे, उनके लिए किसी बोझ से कम नहीं होगा।

एक डाक्टर हो गया है रिलीव

बता दें कि यहां पर कुल 34 डाक्टर हैं। इनमें से छह डाक्टरों का तबादला आर्डर हुए हैं। एक डाक्टर यहां से रिलीव किया है, जबकि ट्रांस्फर हुए पांच और डाक्टरों ने भी कुछ दिनों के भीतर यहां से रिलीव होना है, तब अस्पताल में मात्र 28 डाक्टर बचेंगे। लिहाजा, विशेषज्ञ डाक्टरों के तबादला ऑर्डर होने से चार जिलों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने वाले क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में डाक्टरों की कमी होगी। कुल्लू अस्पताल में तैनात डाक्टरों को ट्रामा सेंटर में सेवाएं देनी पड़ती हैं। ऐसे में यहां पर ड्यूटी लगने से कई ओपीडी में ताला भी लटक सकता है। हालांकि अब क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू की सभी ओपीडी में स्वीकृति अनुसार डाक्टर तैनात हुए थे, लेकिन अब सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने छह डाक्टरों के तबादला आर्डर कर यहां की जनता को परेशानी में डाल दिया है।