Tuesday, March 31, 2020 12:18 PM

कुल्लू में कर्फ्यू, चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा

हिमाचल लॉकडाउन; कुल्लू में पसरा सन्नाटा, बहुत जरूरी काम के लिए ही घरों से निकल रहे लोग

कुल्लू-सुबह हुई... मंगलवार था। हनुमान जी के भक्तों को हनुमान मंदिर से घंटी की टन-टन आवाज सुनाई दी। मंदिर चढ़ाने की देव सामग्री भी तैयार कर दी थी, मंदिर जाने का बड़ा मन किया, लेकिन कदमों को रोकने में दुनिया में फैली कोरोना वायरस कोविड-19 महामारी बनी। घर से जय-जयकार हनुमान जी, बस रक्षा रखना। अब तक की जिंदगी में पहली बार मंदिर में आस्था की हाजिरी नहीं भर सके। सुबह-सुबह कुछ यूं कहते दिखे देवभूमि कुल्लू के हनुमान भक्त। मंदिरों में सिर्फ पुजारी द्वारा की जा रही देवविधि ही दिखी। देवभूमि कुल्लू के हनुमान भक्त पहली बार देश में फैली कोरोना वायरस कोविड-19 महामारी के चलते हनुमान जी के मंदिर जाकर दर्शन नहीं कर पाए। लोगों ने राज्य सरकार द्वार हिमाचल लॉकडाउन   के आदेशों को मानते हुए मंगलवार को अपने घरों से ही हनुमानी जी पूजा की। मंगलवार हर सुबह जहां हनुमान मंदिर ढालपुर में आस्था की रौनक लगती थी, लेकिन इस बार सनाटा परसा रहा। यही नहीं, ढालपुर मैदान भी सुबह के समय सुनसान दिखा। मार्निंगवाक पर कोई भी लोग नहीं थे। लिहाजा, लोगों ने सरकार के हिमाचल लॉकडाउन का समर्थन किया। हिमाचल लॉकडाउन की चर्चाएं अधिसूचना के बाद कुल्लू में चलती रहीं। दुनिया में फैली कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए गए राज्य सरकार के हिमाचल लॉकडाउन फैसले की सराहना की गई है। मंगलवार मार्निंगवाक करने वाले लोगों का ढालपुर इंतजार कर रहा था, लेकिन कोरोना बीमारी से लड़ने के लिए लोगों ने लॉकडाउन कर कुछ दिनों के लिए ढालपुर मैदान, सुर्कलर रोड को वाय-वाय की। अब लोग अपने घरों में ही मार्निंगवाक की प्रक्रिया को पूरा कर रहे हैं। वहीं, ढालपुर चौक में सुबह के समय पुलिस जवान ही दिखे। इसके बाद दोपहर के समय हालांकि कुछ वाहन आने आरंभ हुए। पुलिस ने हर वाहनों को रोका और उनका बाजार में आने का कारण पूछा। यही नहीं, कुछ वाहन चालक पर पुलिस ने कार्रवाई भी। हालांकि कुल्लू शहर में सब्जी की दुकानों के साथ करियाने की दुकानें खुली दिखीं। बस सुविधा बंद रही। हनुमान भक्तों दौलत,  सोनू, विवेक का कहना है कि उन्हें मंगलवार को सुबह अटपटा लगा। सरकार के आदेशों को मानते हुए उन्होंने अपने घरों से हुनमान जी पूजा की। उनका कहना है कि ऐसा कभी नहीं हुआ था कि उन्होंने मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर में हाजिरी न भरी हो, लेकिन इस बार इस महामारी ने उनके कदमों को मंदिर जाने से रोक दिया। उनका कहना है कि प्रभु से यही प्रार्थना है कि इस बीमारी को देश-दुनिया से खत्म कर दे, जब सरकार और प्रशासन के आदेश घरों में बैठने के हैं, उन्हें वे पूरी तरह से मानेंगे।