Monday, September 16, 2019 07:35 PM

कुल्लू में बरसात ने निगले छह करोड़

बारिश से जनजीवन अस्त-व्सस्त; एचआरटीसी को 15 लाख से ऊपर नुकसान, ग्रामीण रूटों पर फंसी 17 बसें, 80 रूट प्रभावित

कुल्लू -जिला कुल्लू में बरसात के सितम ने मात्र दो दिनों में अपने प्रचंड रूप दिखाकर करोड़ों रुपए का नुकसान कर दिया है। हालांकि सितंबर 2018 में आई बाढ़ को कुल्लूवासी भूल नहीं पाए थे कि पिछले दो दिनों में जिला कुल्लू में तबाही का मंजर फिर देखने को मिला। लिहाजा, जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। जिला कुल्लू की दो बड़ी नदियां ब्यास और पार्वती नदी के साथ-साथ अन्य सहायक नदी-नालों में आई बाढ़ और जगह-जगह हुए भूस्खलन से लोग सहमें हुए हैं। जहां बीते शनिवार और रविवार को जिला कुल्लू में भारी बारिश होने से लोगों को घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया था। वहीं, सोमवार को भी जिला में झमाझम बारिश का दौर जारी रहा। जिला कुल्लू में एनएच-21 और एनएच-305 पांच के साथ-साथ फोरलेन को भी काफी नुकसान हो गया है। भू-स्खलनों का दौर जारी है। वहीं न्यूली के पास पुल क्षतिग्रस्त होने से लोगों का संपर्क भी कट चुका है।  वहीं, जिला मुख्यालय कुल्लू स्थित लेफ्ट बैंक को जोड़ने वाले पुल के एक मुहाने में बही सड़क से भी लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि मात्र बीते शनिवार और रविवार को जिला कुल्लू में बरसात ने तांडव मचा दिया है। प्रशासन के अब तक के दो दिनों के आंकड़े पर गौर करें तो जिला में छह करोड़ का नुकसान हुआ है। जिसमें पुल, सड़कें, घर, स्कूल, आईपीएच की पेयजल स्कीमों के अलावा कृषि-बागबानों को भी भारी नुकसान हुआ है। वहीं, एचआरटीसी को भी को 15 लाख के आसपास का नुकसान मात्र दो-तीन दिनों में झेलना पड़ा है। सड़कें ध्वस्त होने से हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें भी लोकल तथा लंबे रूट पर नहीं दौड़ पाई। बता दें कि अभी तक 89 में से 51 सड़कों को बहाल तो कर दिया गया है, लेकिन उनमें से कई रूटों पर बस सेवा शुरू नहीं हो पाई है। प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक अब तक जिला कुल्लू में 38 के करीब सड़कों को बहाल करने का कार्य रहा है। भारी भू-स्खलन होने के साथ-साथ नदी में बह जाने से काफी एरिया क्षतिग्रस्त हो गया है। ऐसे में इन सड़कों को बहाल करने में समय लगेगा।  यही नहीं जिला कुल्लू के ग्रामीण रूटों पर निगम की 17 के करीब बसें फंसी हुई है। गाड़ागुशैणी, पीज, बागीपुल, मण्किर्ण, रतोचा सहित जिला कुल्लू के अन्य ग्रामीण रूटों   पर बसें फंसी हुई है। इन बसों को फंसे हुए तीन दिन हो गए हैं। जिला कुल्लू में अभी तक 80 के करीब बस रूट बंद पड़े हुए हैं। कुल्लू डिपो के पास 125 से अधिक बस रूट्स हैं। इनमें 90 लोकल और 35 लंबे रूट हैं। ऐसे में निगम प्रबंधन को 15 लाख के आसपास घाटा सहना पड़ा  है। जहां सेब फसल कई जगह धड़म हो गई। एडीएम कुल्लू अक्षय सूद ने बताया कि जिला कुल्लू में दो दिनों की भारी बरसात ने छह करोड़ का नुकसान किया है। अधिकारी अभी नुकसान का आंकलन करने में जुटे हुए हैं।