Wednesday, April 24, 2019 05:35 AM

कुल्लू में रस्से के सहारे उतरे बिजली महादेव

कुल्लू —बैसाख सक्रांति के चलते जिला कुल्लू में देवी-देवताओं के मेलों का शुभारंभ हो गया है। इसी कड़ी में जिला के आराध्य देवता बिजली महादेव लाव-लश्कर के साथ बीते शनिवार को एक सीधी पहाड़ी से रस्सी के सहारे भ्रैंण गांव से जिया पहुंचे। खड़ी पहाड़ी से अपने भक्तों के साथ उतरे बिजली महादेव के इस दृश्य को यहां लोगों ने कैमरे में कैद किया। भोले नाथ का यह दृश्य देखने वाला था। जो कि किसी चमत्कार से कम नहीं है। हर साल इसी तरह से बिजली महादेव पहाड़ी से होते हुए जिया पहुंचते है। बता दें कि भ्रैंण गांव में बिरशु मेले की धूम शुरू हो चुकी है और दर्जनों महिलाओं ने इस दौरान लालड़ी नृत्य किया। देवता बिजली महादेव ने भी महिलाओं संग देवनृत्य किया। इसके बाद देवता को विदाई देने के लिए गांव के सैकड़़ों लोग रास्ते तक आए। भ्रैंण गांव के समीप एक सीधी पहाड़ी से देवता के रथ सैकड़ों हरियानों व देवलुओं की मदद से उतारा गया। इस नजारे को देखने के लिए भारी संख्या में लोगों का हूजूम उमड़ा। रहा देर शाम देवता जिया गांव पहुंचे। जहां पर बिजली महादेव का फू लमालाओं से स्वागत किया। वहीं, यहां निभाए जाने वाली पंरपरा को निभाते हुए देवता ने खेतों में छुपकर बैठे छोटे बच्चों को भी ढंूढ निकाला। महादेव के कारदार अमरनाथ नेगी ने कहा कि सीधी पहाड़ी से देवता के जिया गांव में उतरने का नजारा बेहद ही रोमाचंक होता है। बिजली महादेव का रथ अन्य देवताओं से बड़ा  है और रथ की सुरक्षा के लिए इसे रस्से के सहारे से पहाड़ी से नीचे उतारा जाता है। उन्होंने कहा की भोलेनाथ की कृपा व उनके आशीर्वाद से भक्त पहाड़ी से उन्हें बड़े आसानी से मिलकर उतारते है।