Friday, October 18, 2019 05:00 PM

कूड़े का ढेर बना खूबसूरत जुब्बल शहर

क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन पर लगा ग्रहण; पिछले छह माह से चरमराई सफाई व्यवस्था, नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

शिमला -स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए पूरे देश में हर दिन स्वच्छता अभियान चल रहा है, लेकिन जिला शिमला का जुब्बल शहर कूड़े के ढेर में तबदील हो चुका है। यहां पिछले छह महीने से वार्डों से कचरा नहीं उठ रहा है। हालांकि इससे पहले हर वार्ड से हर सुबह कूड़ा-कचरा उठता था, लेकिन नगर पंचायत के पास वाहन न होने के कारण लोग कूड़ा-कचरा जगह-जगह फेंक रहे हैं। गौरतलब है कि नगर पंचायत जुब्बल के सात वार्डों के सात पार्षदों ने भी आज तक इस समस्या का समाधान करने में कोई कदम नहीं उठाया। ऐसे में प्रदेश के शहरी विकास विभाग सहित नगर पंचायत जुब्बल की कार्यप्रणाली पर भी यहां के लोगों ने अंगुली खड़ी कर दी। हर वार्ड के लोगों ने नगर पंचायत से कई बार शिकायत की। बावजूद इसके कूड़ा-कचरा शहर के कोने-कोने में बिखरा पड़ा है। जुब्बल शहर में कूडे एवं कचरे को डिस्पोज ऑफ करने के लिए उपयुक्त जगह भी नहीं है। हालांकि नगर पंचायत अपनी ओर से जगह की तलाश कर रही है, लेकिन सरकारी जमीन न मिलने से कूड़ा हर कहीं बिखर रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नगर पंचायत के तहत जो वाहन हर वार्ड से कूड़ा उठाता था वह इन दिनों सेब सीजन में है, जिस कारण अब उस वाहन का मालिक कूड़ा नहीं उठा रहा है। बताया गया कि ऊपरी शिमला का जुब्बल हमेशा से ही स्वच्छ क्षेत्र के शुमार में माना जाता है, मगर पिछले छह महीने से यहां सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। बताया गया कि अब शहर का कूड़ा नए वाहन उपलब्ध होने के बाद ही उठेगा। इसके लिए नगर पंचायत प्रशासन ने तीसरी बार टेंडर आमंत्रित किया है।