Saturday, November 27, 2021 11:41 PM

कृषि हेल्पलाइन

पौधे की जरूरत देख डालें खाद

पौधों  को जीवित रहने और बढ़ोतरी के लिए विभिन्न पोषक तत्त्वों की आवश्यकता होती है। पौधे ये पोषक तत्त्व मुख्य रूप से मिट्टी से अपनी जड़ों के द्वारा ग्रहण करते हैं। इन तत्त्वों की आवश्यकता प्रत्येक पौधे और फसल के लिए अलग-अलग होती है, परंतु इस तथ्य के प्रति ज्ञान न होने के कारण किसान अपने पेड़-पौधों को प्रायः बिना सोचे समझे खादें देते रहते हैं। इससे न केवल उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होता है। अपितु मिट्टी में पोषक तत्त्वों के असंतुलन को भी बढ़ावा मिलता है। उचित पैदावार के लिए पोषक तत्त्वों का भूमि में एक निश्चित मात्रा में होना अति आवश्यक है। अतः प्रत्येक किसान को अपनी जमीन में विद्यमान तत्त्वों की मात्रा का ज्ञान होना चाहिए, जिससे कि उनके आधार पर वह खादों का उचित प्रयोग कर सकें। इससे जहां उसके पैसों की बचत होगी, उसकी भूमि में तत्त्वों का असंतुलन भी कायम रह सकेगा। इसके लिए प्रत्येक किसान को अपनी मिट्टी का परीक्षण अवश्य करवा लेना चाहिए। यह जांच एक वर्षीय द्विवर्षीय अथवा बहुवर्षीय सभी प्रकार की फसलों के लिए अति आवश्यक है। इस प्रकार जांच करवाने से यह ज्ञात हो जाता है कि किस खेत में खाद की कितनी मात्रा का प्रयोग अनिवार्य है। प्रायः यह भी पाया गया है कि किसी तत्त्व की अधिक कमी अथवा अधिकता से पौधों पर कई प्रकार के विकार प्रकट हो जाते हैं, जिन्हें किसान, रोग समझ कर रसायनों का प्रयोग करने लगते हैं।

जांच करवाने पर कई सूक्ष्म तत्त्वों की कमी को तो किसान केवल छिड़़काव द्वारा ही दूर कर सकते हैं। जुलाई के मध्य अगस्त का वक्त पत्तों के नमूने लेने के लिए उपयुक्त होता है। नमूना लेते समय यह ध्यान रखें कि यह पूरे बागीचे की हालत दर्शाएं। रोगग्रस्त, जख्मी और असाधारण पौधों से पत्तें न लें। अलग-अलग किस्म से अलग-अलग नमूने लें। पत्तों को उनकी डंडी समेत नीचे की ओर खींचकर तोड़ें और इस तरह एक नमूने में 80-100 पत्तियां इकट्ठी करें।

नमूने को सीधी धूप या अधिक गर्मी में ज्यादा देर न रखें। नमूने के साथ उसके विषय में पूरा विवरण लिखें और नजदीक की प्रयोगशाला में भेजें, जिन पेड़ों के पत्ते सर्दियों में गिर जाते हैं, उनसे चालू मौसम की सिरे की पत्तियां तोड़ें। आड़ू और प्लम के 1-15 जुलाई और सेब से 15 जुलाई और पांच अगस्त के बीच, नींबू वर्गीय पौधों से सिरे की फल न देने वाली टहनियों से चार-सात महीने पुरानी पत्तियां तोड़ें,आम में जब पौधों पर पूरा कुर (बौर) पड़ गया हो ताजी पत्तियों और बौर न आने वाली टहनियों के सिरे के बीच से पत्तियों को तोडं़े।

अंगूर में मुख्य फल वाली शाखा जिस पर अच्छी रोशनी पड़ती हो, से पहली जुलाई से 15 अगस्त के बीच नई पत्तियों को चुनें।  पत्तियों के नमूने के साथ एक कागज पर बागबान का नाम व पता,

फल का नाम, किस्म, पौधों की उम्र, डाली गई खादों की मात्रा और नाम, असाधारण पत्तियों के रंग, पिछले तीन सालों की उपज का ब्यौरा, प्रूनिंग अधिक, मध्यम या हल्की की गई है, मिट्टी का विवरण और कोई अन्य विशेष बात, इस तरह का विवरण लिखकर भेजें।

डा. जितेंद्र कुमार चौहान

सौजन्यः डा. राकेश गुप्ता, छात्र कल्याण अधिकारी, डा. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय,सोलन

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