Tuesday, March 31, 2020 07:53 PM

कैमरे की निगरानी में होंगे एग्जाम

मंडे मीटिंग में बोले डीसी, टोल फ्री नंबर पर भी मिलेगी जानकारी, नकलचियों की सूचना देने वालों के नाम रखे जाएंगे गुप्त, टूरिज्म को बढ़ावा देने पर भी जोर

चंबा-जिले के सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में होने वाली वार्षिक परीक्षाओं के दौरान नकल को लेकर पूरी तरह से जीरो टालरेंस बरती जाएगी। उपायुक्त विवेक भाटिया ने सोमवार को मंडे मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए ये निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों में स्थापित सीसीटीवी कैमरों को लेकर स्कूल के मुखिया बाकायदा अंडरटेकिंग देकर यह बताएंगे कि सभी सीसीटीवी कैमरे कार्यशील हैं और परीक्षा हाल का समूचा क्षेत्र उनकी कवरेज में आता है। उन्होंने कहा कि फ्लाइंग स्क्वायड के अलावा परीक्षा की अवधि के दौरान औचक निरीक्षण के लिए आब्जर्वर भी भेजे जाएंगे ताकि नकल पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि नकल रोकने के व्यापक मैकेनिज्म को लेकर अतिरिक्त उपायुक्त एक बैठक करेंगे जिसमें शिक्षा उपनिदेशकों के अलावा स्कूल के मुखिया भी मौजूद रहेंगे। विवेक भाटिया ने शिक्षा उपनिदेशकों को हिदायत देते हुए कहा कि एक टोल फ्री नंबर स्थापित करने को लेकर कदम उठाए जाएं ताकि जिला से कोई भी व्यक्ति या विद्यार्थी नकल को लेकर सूचना दे सके। उन्होंने बताया कि इस तरह की सूचना देने वालों के नाम पूरी तरह से गुप्त रखे जाएंगे। जिले की आंगनबाड़ी केंद्रों में और बेहतर सुविधाएं जुटाने और उनके संचालन के मुद्दे की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि कुल्लू जिला की तर्ज पर चंबा जिला में भी आंगनबाड़ी केंद्रों को समाज के धनाढ वर्ग द्वारा गोद लिए जाने की मुहिम शुरू की जाएगी। उन्होंने लोगों का आह्म्वान करते हुए कहा कि वह इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।  उन्होंने कहा कि जिले में बड़े सरकारी कार्यालय परिसर समेत अस्पताल भी मौजूद हैं। ऐसे में उनका भी आंकलन किया जाए। जिला मुख्यालय पर प्रस्तावित स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के निर्माण की औपचारिकताओं की समीक्षा के दौरान जिला खेल अधिकारी ने उपायुक्त को अवगत करते हुए कहा कि एक सप्ताह के भीतर स्पोर्ट्स कंपलेक्स की ड्राइंग का कार्य पूरा हो जाएगा। उपायुक्त ने मातृ-शिशु की नियमित बैठकों के आयोजन और सहारा योजना में पात्र व्यक्तियों को शामिल करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को और तत्परता के साथ कार्य करने के लिए कहा। उन्होंने ये भी कहा कि आईटीआई चंबा नए इनोवेशन को लेकर अगले मंडे मीटिंग में प्रेजेंटेशन देगी। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त व मुकेश रेपसवाल, एसडीएम शुभम प्रताप सिंह, जिला पर्यटन विकास अधिकारी विजय कुमार व सहायक आयुक्त राम प्रसाद शर्मा के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।

किसानों के बनाए जाएंगे क्रेडिट कार्ड

जिले के किसानों और बागबानों को माइक्रो सिंचाई स्कीमों के नेटवर्क के साथ जोड़ने को लेकर उपायुक्त ने कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास विभाग मिलकर जिले में चयनित जगहों पर सिंचाई के बड़े टैंकों के निर्माण को अमलीजामा पहनाएंगे। उन्होंने बताया कि यह सभी स्कीमें माइक्रो सिंचाई सुविधा से लैस होनी चाहिए ताकि किसानों और बागबानों को इनका भरपूर लाभ मिल सके। अब तक ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिले में 92 ऐसे सिंचाई टैंकों को चिन्हित किया गया है, जिनमें माइक्रो सिंचाई सिस्टम का नेटवर्क तैयार होना है। उन्होंने अग्रणी बैंक प्रबंधक को कहा कि इसमें फार्मर शेयर को लेकर किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड बनाकर दिए जाएं।

प्लास्टिक के निष्पादन को पायलट प्रोजेक्ट

प्लास्टिक को एकत्रित करने और उसका निस्तारण करने दिशा में उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा करने के बाद उपायुक्त ने कहा कि प्लास्टिक एकत्रित करने की इस मुहिम में एक पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर जिले के शिक्षण संस्थानों को जोड़ा जाएगा। जो विद्यार्थी प्लास्टिक एकत्रित करेंगे उन्हें नगर परिषद द्वारा 75 रुपए प्रति किलो की दर से खरीदा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्लास्टिक के नुकसान को लेकर जन जागरूकता एक पहली शर्त है, जिस तरह लोग घर में पुरानी अखबारों को इकट्ठा करके उसे बेचकर आमदनी करते हैं, उसी तरह से प्लास्टिक इकट्ठा करके भी आय अर्जित कर सकते हैं। नगर परिषद द्वारा अधिक मात्रा में कचरा पैदा करने वाले संस्थानों और स्थानों की सूची को लेकर उपायुक्त ने निर्देश देते हुए कहा कि इस सूची में और संस्थानों, होटलों और जगहों को शामिल किया जाए।

टूरिज्म को भी बढ़ावा

बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिला में एग्री टूरिज्म को बढ़ावा देने की बात भी कही। उन्होंने कृषि उपनिदेशक को कहा कि जिला में ऐसी संभावनाओं को ढूंढा जाए जहां एग्री टूरिज्म में पर्यटकों को फार्म, सिंचाई एवं स्विमिंग पूल के अलावा मछलियों के तालाब भी देखने को मिलें। इस योजना में किसानों और बागबानों को होमस्टे की ओर रुझान बढ़ाने के लिए भी तत्पर किया जाए।