Monday, April 06, 2020 05:49 PM

कैसे ठिकाने लगाएं बायोमेडिकल वेस्ट

जगह-जगह चैकिंग से गाडि़यों को ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाने में आ रही दिक्कत

कांगड़ा-कोरोना के खौफ के चलते लॉकडाउन के दौरान बायो मेडिकल वेस्ट की गाडि़यों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बायो मेडिकल वेस्ट को ठिकाने लगाने के लिए पूरी तत्परता के साथ जुटी एजेंसी के कर्मचारियों को इस दौरान मुश्किलें पेश आ रही हैं। सुरक्षा बायो  सेनेटाइजर ट्रीटमेंट फैसिलिटी के प्रबंधक दविंद्र कालरा ने बताया कि उनके एजेंसी से कांगड़ा, चंबा, ऊना व हमीरपुर के 950 सरकारी गैर सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के बायो मेडिकल वेस्ट को ढुगियारी ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचा रही है। लेकिन उनकी गाडि़यों को रोका जा रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि इन गाडि़यों को न रोका जाए। ताकि यह व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे। वैसे डाक्टर राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज अस्पताल ने इस एजेंसी के कर्मचारियों के लिए चार गाउन कोरोना के दृष्टिगत उपलब्ध करवाए हैं जिससे आइसोलेशन वार्डों का बायो मेडिकल वेस्ट उठाया जा रहा है। दीगर है इस एजेंसी के कर्मचारी इस मुश्किल घड़ी में पूरी शिद्दत के साथ 24 घंटे अपने कार्य में जुटे हैं। दविंद्र कालरा ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों के अनुसार ही पूरा कार्य किया जा रहा है और कोरोना के दौरान तो पूरी एहतियात बरती जा रही है, क्योंकि ऐसी मुश्किल घड़ी में  इस कार्य की भी अहम भूमिका है । लिहाजा सरकारी तंत्र को चाहिए कि इसे भी  जरूरी सेवाओं में शामिल किया जाए । उन्होंने बताया कि सरकारी तंत्र के जो भी दिशा-निर्देश होंगे  उसका पालन किया जाएगा। उन्होंने बताया बाकायदा इन गाडि़यों को सेनेटाइज किया जा रहा है और आईसोलेशन वार्ड से कचरा गाउन पहनकर ही उठाया जा रहा है। दविंद्र कालरा ने बताया कि जिला प्रशासन को शिकायत किए जाने के बाद उपायुक्त राकेश प्रजापति ने हिदायत जारी की है कि बायो मेडिकल वेस्ट की गाडि़यों को ना रोका जाए और उपायुक्त ने कहा है कि बायोमेडिकल वेस्ट की गाड़ी पर पोस्टर चस्पां किया जाए ताकि उसकी पहचान सुनिश्चित हो। देवेंद्र कालरा ने उम्मीद प्रकट की है कि जिला प्रशासन का सहयोग इसी तरह मिलता रहेगा।