Sunday, May 09, 2021 06:22 PM

कोरोना की चेन तोडऩे में दें सहयोग

दूसरे राज्यों में रह रहे लोग पहाड़ों पर चाहते हैं अपना आशियाना

प्लॉट-फ्लैट की तलाश में खरीददार, परिजनों-दोस्तों से कर रहे संपर्क

कोरोना के बीच हिमुडा ने बेची 17 करोड़ की प्रॉपर्टी

शकील कुरैशी- शिमला

दूसरे राज्यों में रहने वाले हिमाचली वहां के गंभीर हालातों के बीच हिमाचल लौट रहे हैं। वह चाहते हैं कि उनको यहां पर कोई अच्छा सा प्लॉट या फिर फ्लैट मिल जाए, जिसकी खरीदकर कर वह अपना नया आशियाना यहां पर बसा लें। ऐसे लोग लगातार हिमाचल में रहने वाले अपने साथियों व परिजनों से संपर्क में हैं । ऐसे में कोरोना काल के बीच प्रदेश सरकार की एजेंसी हिमुडा ने भी अपनी संपत्ति को बेचा है। बताया जाता है कि जिस संपत्ति को पिछले डेढ़ दो साल से वह नहीं बेच पा रहे थे वह झटके में निकल गई। तभी अगले महीने तक एक बार और नीलामी करने की सोची गई है, क्योंकि अभी भी हिमुडा के पास करीब 60 करोड़ रुपए की संपत्ति बची हुई है। सूत्रों के अनुसार हिमुडा ने लॉटरी सिस्टम से अपने 49 यूनिट को बेच दिया है, जिसके बाद वह और नीलामी करवाने की सोच रहा है।

कहां, कितने प्लाट बिके

चंबा में चार प्लॉट्स व एक हाउस बिक चुका है। वहीं, नालागढ़ में एक फ्लैट लॉटरी सिस्टम के तहत बेचा गया है। हमीरपुर में 11 प्लॉट्स इस बार बेचे गए हैं, जो भी बिक नहीं रहे थे। देहरा में भी संपत्ति यूं ही पड़ी हुई थी, जहां पर चार प्लॉट्स इस बार बेचे गए हैं। इसी तरह से शिमला जिला के रामपुर में नौ प्लॉट्स की बिक्री लॉटरी सिस्टम से हुई है। सोलन के बसाल में सात प्लॉट्स व तीन फ्लैट की बिक्री हुई है। कुल्लू में दो हाउस हिमुडा ने बेचे हैं। ऊना में भी दो हाउस व चार प्लॉट्स की बिक्री हुई। परवाणू में एक फ्लैट की बिक्री की गई है।

हिमुडा के पास 60 करोड़ की प्रापर्टी

अभी 60 करोड़ रुपए की संपत्ति हिमुडा के पास पड़ी है, जिसको बेचने के लिए अब नए सिरे से कवायद शुरू की जाएगी। यह संपत्ति धर्मशाला, चंबा, सोलन, सिरमौर, ऊना, हमीरपुर, देहरा व शिमला में है। शिमला के जाठियादेवी में टाउनशिप की योजना थी, जो पूरी नहीं हो पा रही है। यहां पर भी प्लॉट्स काटकर बेचने की योजना है वहीं, धर्मशाला में आवासीय कालोनी का निर्माण करने की मंजूरी भी हिमुडा को मिल चुकी है। सोलन, ऊना व सिरमौर में कुछ विवादित जमीनें हैं, जिनको बेचने में खासी दिक्कतें हो रही हैं क्योंकि यहां पर सड़क से काफी दूर जमीन ले ली गई।

हड़ताल से परेशान लोगों को निगम की बसों ने पहुंचाया घर

स्टाफ रिपोर्टर—सुजानपुर निजी बसों की हड़ताल से परेशान हुए लोगों को हिमाचल पथ परिवहन निगम की बेहतर सेवाएं मिलीं। मतलब यह लोगों को अपने-अपने गंतव्य तक पहुंचाने के लिए एक बार फिर से हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस सेवा संजीवनी साबित हुई है। कोविड के इस मुश्किल दौर में इस तरह निजी बस आपरेटर की हड़ताल लोगों के लिए भारी मुश्किल बनकर सामने आ रही थी, लेकिन सोमवार को निगम प्रबंधन की तमाम बस सेवा लोकल एवं लांग रूट पूरी तरह अपडेट रही और लोगों को यहां से वहां, वहां से यहां अपने-अपने गंतव्य तक पहुंचाती रही। वहीं लोगों की जुबान में एक बार फिर से निगम प्रबंधन की बस सेवा को लेकर वाह-वाह सुनने को मिली है। बताते चलें कि प्रदेश भर में सोमवार से निजी बसों की हड़ताल हो गई है।

प्रदेश भर में बस सेवा के पहिए जाम हैं। ऐसे में इस मुश्किल दौर में लोगों को आवाजाही कौन करवाएगा, गंतव्य तक कौन पहुंचाएगा, इस बात पर एक बार फिर से निगम प्रबंधन की बस सेवा कामयाब हुई है। बात अगर हमीरपुर जिला की करें, तो तमाम लोकल रूट निगम प्रबंधन ने समयसारिणी के मुताबिक चलाए और लोगों को सुविधा दी। हालांकि लोकल रूट पर फाइव डे वीक के चलते शनिवार और रविवार को निगम प्रबंधन की तमाम बस सेवा पूरी तरह बंद रहती है, लेकिन सोमवार को तमाम रूट निर्धारित समयसारिणी पर चलते पाए गए, जिसके चलते लोगों को भारी मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ा।

निजी बस आपरेटरों की हड़ताल के चलते निगम ने यात्रियों की डिमांड पर एक्स्ट्रा बसें चला पहुंचाई राहत

कार्यालय संवाददाता—हमीरपुर हमीरपुर जिला में भी निजी बस आपरेटर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। ऐसे में एचआरटीसी ने मोर्चा संभाल लिया है, ताकि प्राइवेट बसें ना चलने पर यात्रियों को परेशान न होना पड़े। निगम ने लोगों की डिमांड पर दिन भर जिला के विभिन्न रूटों पर एक दर्जन एक्स्ट्रा बसें चलाकर राहत पहुंचाई है। यही नहीं निगम के उपमंडलीय प्रबंधक विवेक लखनपाल भी दिन भर बसों की व्यवस्था जांचते नजर आए, ताकि यात्रियों को किसी भी तरह की दिक्कतें न झेलनी पड़ें। निगम के कंडक्टर व ड्राइवर भी दिन भर अड्डा में आवाजें लगा लगाकर बसों को भरवाते नजर आए।

यही नहीं बस अड्डा में जैसे ही यात्री बसों की डिमांड कर रहे थे, तो 15 से 20 यात्री होने पर बस को रूट पर भेजा जा रहा था, ताकि यात्रियों को ज्यादा देर तक बसों के चक्कर में न बैठना पड़े। निगम की मानें तो बसों में सुबह व शाम के समय ही यात्रियों की भीड़ देखी गई। जबकि दोपहर को कुछेक बसों को छोड़कर बाकि बसें दिन भर खाली ही दौड़ती नजर आईं। बता दें कि हमीरपुर जिला में प्राइवेट बस आपरेटरों के करीब 365 से 370 बस रूट हैं, जो कि सोमवार को पूरी तरह बंद रहे। प्राइवेट बस आपरेटर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। हालांकि एचआरटीसी ने दिन भर लोकल व लांग रूट्स पर करीब 115 बसें चलाकर लोगों को जरूर राहत दिलाई है। यही नहीं हमीरपुर जिला में कांगड़ा जिला की प्राइवेट बसें भी जरूर सड़कों पर दौड़ती नजर आर्इं, क्योंकि वहां पर एक गुट हड़ताल पर है, तो दूसरे गुट ने बसें चलाने का निर्णय लिया है। ऐसे में कांगड़ा जिला को छोड़कर प्रदेश के अन्य राज्यों में प्राइवेट बसों के पहिए पूरा दिन जाम रहे। ऐसे में लोगों को जरूर दिक्कतें झेलनी पड़ी हैं।

पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल ने लोगों से किया आह्वान

निजी संवाददाता—टौणीदेवी कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण उपजे संकट से आज पूरा देश जूझ रहा है। दूसरी लहर में कोरोना वायरस ने बहुत तीव्रता से संक्रमण फैलाया है और यह संक्रमण घातक भी साबित हुआ है। यह बात वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने कही। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने न केवल भारतवर्ष अपितु विश्व के कई देशों में पिछले माह से ही भयानक रूप दिखाया है और इस महामारी के कारण विश्व भर में अत्यधिक मानवीय क्षति पहुंची है। हालांकि कुछ देशों ने कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण पर काबू पाकर इससे होने वाले नुकसान को कम करने में सफलता पाई है। हमारा देश भी कोरोना के संक्रमण की चेन को तोड़कर कोरोना महामारी की दूसरी लहर पर काबू पा लेगा। कोरोना संक्रमण की चेन को तोडऩे का प्रयास कर रही केंद्र व प्रदेश सरकार का सहयोग करने के लिए उन्होंने आम जनता से आह्वान किया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पूरे देश और प्रदेश में हाल ही के दिनों में कोविड-19 के मामलों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। सभी सरकारें कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए अपनी तरफ से पूरा प्रयास कर रही हैं, लेकिन हम सब लोगों का भी इस महामारी को रोकने में बड़ा हाथ हो सकता है। हम सब कोविड-19 सेफ्टी गाइडलाइंस का भली-भांति पालन करें, घर में रहें, अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, अति आवश्यक कार्य होने पर ही हम घर से बाहर निकलें ताकि, कोरोना संक्रमण की चेन को तोडऩे में मदद मिल सके।